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India-Myanmar Relations: भारत-म्यांमार सीमा सुरक्षा पर बढ़ेगा सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करने पर बनी सहमति

Wed, 08 Jul 2026 10:06 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Wed, 08 Jul 2026 10:06 PM IST
सार

भारत और म्यांमार के बीच 23वीं राष्ट्रीय स्तर की बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई। इस दौरान सीमा सुरक्षा और शांति बनाए रखने पर दोनों देशों ने सहमति जताई। वहीं खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त सुरक्षा अभियान बढ़ाने का फैसला हुआ है। जबकि म्यांमार ने भरोसा दिया कि उसकी जमीन का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होगा।

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India-Myanmar Relations: Cooperation on border security to increase; consensus reached on sharing intelligence
भारत और म्यांमार के बीच 23वीं राष्ट्रीय स्तर की बैठक - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भारत और म्यांमार ने सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए खुफिया जानकारी साझा करने, संयुक्त अभियान चलाने और सुरक्षा बलों की क्षमता बढ़ाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के बीच 7-8 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित 23वीं राष्ट्रीय स्तर की बैठक में यह फैसला लिया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। इस बैठक के दौरान दोनों देशों ने भारत-म्यांमार सीमा की मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि सीमा क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखना दोनों देशों की साझा प्राथमिकता है।
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एक-दूसरे के खिलाफ नहीं होगा क्षेत्र का इस्तेमाल
बैठक में भारत और म्यांमार ने इस बात पर भी सहमति जताई कि किसी भी देश की संप्रभु भूमि का इस्तेमाल दूसरे देश की सुरक्षा के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा। म्यांमार ने भारत को भरोसा दिलाया कि उसकी जमीन का उपयोग भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा।
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खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त कार्रवाई पर जोर
दोनों देशों ने सीमा पार अपराध, उग्रवाद और अन्य सुरक्षा चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान को बढ़ाने, सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और संयुक्त अभियान चलाने पर सहमति व्यक्त की। साथ ही सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों को भी आगे बढ़ाने का फैसला किया गया।


महत्वपूर्ण संपर्क परियोजनाओं को पूरा करने पर जोर
इस बैठक में दोनों देशों ने कालादान मल्टी-मोडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट परियोजना और भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग के निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने के महत्व पर भी जोर दिया। माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से व्यापार, संपर्क और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

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'पड़ोसी पहले' और 'एक्ट ईस्ट' नीति में म्यांमार का अहम स्थान
गृह मंत्रालय के अनुसार, बैठक में दोनों देशों की लंबे समय से चली आ रही मित्रता और करीबी साझेदारी को दोहराया गया। भारतीय पक्ष ने कहा कि म्यांमार, भारत की पड़ोसी पहले, 'एक्ट ईस्ट' और 'महासागर' नीतियों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन ने किया, जबकि म्यांमार की ओर से गृह मंत्रालय के उप मंत्री मेजर जनरल मिन थू ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
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