India Slams OIC: 'भारत विरोधी एजेंडे का उदाहरण', इस्लामिक सहयोग संगठन की टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय की दो टूक
भारत ने ओआईसी के बयान पर नाराजगी जताते हुए आरोपों को सिरे से नकार दिया। विदेश मंत्रालय ने ओआईसी केवल भारत विरोधी ताकतों के जरिए लगातार ऐसे बेतुके बयानों और कृत्यों की वजह से अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है।
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विस्तार
इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की ओर से मंगलवार को भारत के संबंध में जारी बयान की विदेश मंत्रालय ने निंदा की। मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हम ओआईसी के बयान की कड़ी निंदा करते हैं। यह उनकी सांप्रदायिक मानसिकता और भारत विरोधी एजेंडे का एक और उदाहरण है।
क्या कहा था ओआईसी ने?
दरअसल, ओआईसी के सचिवालय ने एक बयान जारी कर रामनवमी की शोभायात्रा के के दौरान भारत के कई राज्यों में अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने वाली हिंसा और बर्बरता के कृत्यों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। बयान में भीड़ की ओर से धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने का भी जिक्र किया गया। बयान में 31 मार्च को बिहारशरीफ में हुई घटना का भी जिक्र किया गया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।
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क्या मामला रामनवमी पर भड़की हिंसा से जुडा है?
ओआईसी ने कथित हिंसा और बर्बरता के उत्तेजक कृत्यों की निंदा की थी। यह भी कहा गया कि ऐसी घटनाएं भारत में अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाए जाने की ओर इशारा करती हैं। ओआईसी के बयान में इस्लामोफोबिया का जिक्र किया गया। ओआईसी ने भारतीय अधिकारियों से इस तरह के कृत्यों के उकसाने वालों और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा, अधिकार और सम्मान को सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया।
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भारत की दो टूक
भारत ने ओआईसी के बयान पर नाराजगी जताते हुए आरोपों को सिरे से नकार दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह उनकी सांप्रदायिक मानसिकता और भारत विरोधी एजेंडे का एक और उदाहरण है। ओआईसी केवल भारत विरोधी ताकतों के जरिए लगातार ऐसे बेतुके बयानों और कृत्यों की वजह से अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है।