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NCRB: 2021 में देश के खिलाफ अपराधों के कुल 5164 मामले हुए दर्ज, यूपी में दर्ज हुए सबसे ज्यादा केस
Thu, 01 Sep 2022 07:27 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 01 Sep 2022 07:27 PM IST
सार
रिपोर्ट में कहा गया है कि 'राज्य के खिलाफ अपराध' श्रेणी के तहत उत्तर प्रदेश में 2021 में अधिकतम 1,862 मामले दर्ज किए गए, जो 2020 में 2,217 और 2019 में 2107 थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
नए सरकारी आंकड़े बताते हैं कि साल 2021 में देश के खिलाफ अपराधों के 5,164 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें राजद्रोह, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 2021 में हर दिन औसतन 14 मामले शामिल हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की 'क्राइम इन इंडिया - 2021' रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 और 2019 की तुलना में 2021 में मामलों में गिरावट देखी गई, जिसमें 5,613 और 7,656 दर्ज किए गए थे। एनसीआरबी गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। ऐसे 5,164 नए मामलों के अलावा पिछले साल से लंबित 8,600 मामलों की जांच की गई और तीन मामलों को जांच के लिए फिर से खोल दिया गया।
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2021 में लंबित मामलों की कुल संख्या 13,767
एनसीआरबी की वार्षिक रिपोर्ट से पता चलता है कि 2021 में लंबित मामलों की कुल संख्या 13,767 हो गई। पिछले साल ऐसे कुल मामलों में से 79.2 प्रतिशत सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम (4,089 मामले) के तहत दर्ज किए गए थे, इसके बाद 814 मामले (15.8 प्रतिशत) गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत दर्ज किए गए थे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2021 में देश भर में औसत चार्जशीट दाखिल करने की दर 78 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि 'राज्य के खिलाफ अपराध' श्रेणी के तहत उत्तर प्रदेश में 2021 में अधिकतम 1,862 मामले दर्ज किए गए, जो 2020 में 2,217 और 2019 में 2,107 थे।
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यूपी के बाद तमिलनाडु और ये राज्य
यूपी के बाद तमिलनाडु (654), असम (327), जम्मू और कश्मीर (313) और पश्चिम बंगाल (274) का स्थान है, जहां देश के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध दर्ज किए गए। दिल्ली में 2021 में ऐसे 18 मामले दर्ज किए गए। 2021 में पूरे भारत में देशद्रोह के कुल 76 मामले (आईपीसी 124 ए के तहत), गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत 814 मामले और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (ओएएस) के तहत 55 मामले दर्ज किए गए थे।
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एनसीआरबी के आंकड़ों से पता चलता है कि देश के खिलाफ अधिकतम अपराध सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम (4,078 मामले) के तहत दर्ज किए गए थे। इसमें कहा गया है कि देशद्रोह के सबसे ज्यादा मामले आंध्र प्रदेश (29) के बाद मणिपुर और नागालैंड (7 प्रत्येक), हरियाणा (5), दिल्ली (4) और उत्तर प्रदेश और असम (3 प्रत्येक) में दर्ज किए गए। यूएपीए के सबसे अधिक मामले मणिपुर (157) से सामने आए, इसके बाद असम (95), झारखंड (86), उत्तर प्रदेश (83), जम्मू और कश्मीर (28) का स्थान रहा। दिल्ली में 2021 में यूएपीए के पांच मामले दर्ज किए गए।