फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India leaves hope of ending tension on LAC soon, ready to take long front

एलएसी पर जल्द तनाव खत्म होने की भारत ने छोड़ी उम्मीद, लंबे समय तक मोर्चा लेने को तैयार

Tue, 10 Nov 2020 04:31 AM IST
देव कश्यप हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली।
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Tue, 10 Nov 2020 04:31 AM IST
विज्ञापन
India leaves hope of ending tension on LAC soon, ready to take long front
भारत और चीन की सेना - फोटो : एएनआई (फाइल)

सैन्य स्तर की बातचीत जारी रहने और इससे पहले कूटनीतिक स्तर पर कई दौर की बातचीत के बाद भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जल्द तनाव खत्म होने की उम्मीद छोड़ दी है। चीन की मामले को उलझाए रखने की रणनीति को भांपते हुए भारत ने एलएसी पर लंबे समय तक मोर्चा संभालने की रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। इसके अलावा भारत ने पड़ोसी देश की चौतरफा घेराबंदी के लिए आर्थिक, सामरिक और कूटनीतिक मोर्चे पर भी लंबी लड़ाई की योजना बना ली है। 

विज्ञापन


सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मई महीने में विवाद के चरम पर पहुंचने के बाद भारत को चीन की मामले को लंबे समय तक खींचने की रणनीति का अहसास हो गया था। इसी के मद्देनजर भारत ने उसी समय पर एलएसी और उसके आसपास अपनी सामरिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा लिए। उसी दौरान डीआरडीओ को अपने मिसाइल प्रोग्राम में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। यही कारण है कि बीते करीब दो महीने में भारत ने मिसाइल की ताकत बढ़ाने सहित इस क्षेत्र में कई परीक्षण किए हैं।
विज्ञापन



दूसरे मोर्चे पर भी घेरने की लंबी रणनीति
पूर्वी लद्दाख से जुड़े एलएसी पर तनाव से पूर्व भारत चीन के संदर्भ में वैश्विक मंचों पर निरपेक्ष देश की भूमिका निभाता आया था। मगर इस तनाव के बाद भारत ने चीन को सीधा संदेश देने का फैसला किया। इसी कड़ी में चीन की आपत्तियों के बावजूद भारत ने अमेरिका, जापान के साथ होने वाले मालाबार नौसेना संयुक्त युद्धाभ्यास में शामिल होने का न्यौता दिया। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड से जुड़े फाइव आइज खुफिया गठबंधन में शामिल होने की ओर कदम बढ़ाया। भारत की रणनीति दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में चीन को कड़ा संदेश देने की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


और बढ़ेगी कूटनीतिक-आर्थिक जंग
भारत ने चीन विरोधी देशों के साथ एकजुटता बढ़ाने का सीधा संदेश चीन को दिया है। इस क्रम में भारत की चीन विरोधी ताइवान, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा जैसे देशों के साथ नजदीकी बढ़ी है। इसके अलावा आर्थिक मोर्चे पर चीन से आयात घटाने और अपने यहां चीन के आर्थिक अवसर को कम करने की योजना नए साल में और तेज करने की रणनीति बनाई गई है।


दोहरा रुख अपना रहा चीन
एलएसी पर विवाद के क्रम में चीन वार्ता के दौरान और वार्ता के बाद अलग-अलग रुख अपना रहा है। सैन्य और कूटनीतिक स्तर की कई बातचीत में चीन ने एलएसी पर पूर्व स्थिति बहाल करने और सैन्य जमावड़े को कम करने पर कई बार सहमति दी है। हालांकि चीन दोनों देशों के बीच बनी सहमति का पालन नहीं कर रहा। हालांकि सैन्य स्तर की वार्ता का दौर जारी है, मगर भारत को जल्द शांति स्थापित होने की संभावना नजर नहीं आ रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed