{"_id":"5826dcd04f1c1b8553b3bb4e","slug":"india-japan-stand-together-on-south-china-sea-discuss-partnership-on-chabahar","type":"story","status":"publish","title_hn":"जापान के रास्ते पीएम मोदी ने चीन को साधा, चाबहार समझौते पर भी आगे बढ़े","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
जापान के रास्ते पीएम मोदी ने चीन को साधा, चाबहार समझौते पर भी आगे बढ़े
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 12 Nov 2016 03:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर चीन अन्य किसी देश की दखलंदाजी को गैर-जरूरी मानता रहा है। लेकिन एक बार फिर चीन की धमकियों को नजर अंदाज करते हुए भारत और जापान ने चीन के मंसूबों पर पानी फेर दिया। जापान गए पीएम मोदी ने अपने समकक्ष जापान के पीएम शिंजो अबे के साथ साझा बयान कर साफ कर दिया कि वे दक्षिण चीन सागर पर आए अंतर्राष्ट्रीय अदालत के हुक्म का उल्लंघन नहीं होने देंगे। चीन इस इलाके पर अपना एकाधिकार नहीं थोप सकता है। बता दें कि यह लगातार दूसरी दफा है जब भारत और जापान ने इस मुद्दे पर बात की।
इसके अलावा मोदी और अबे ने ईरान में बनाए जा रहे चाबहार बंदरगाह पर काम तेज करने की बात कही। इस बंदरगाह के बनने से भारत को पाकिस्तान के बंदरगाहों पर निर्भर नहीं करना पड़ेगा। इसके जरिए भारत पाकिस्तान को बाईपास करते हुए अफगानिस्तान और सेंट्रल एशिया तक अपना कारोबार कर सकेगा।
वहीं, चीन के सरकारी मीडिया 'ग्लोबल टाइम्स' ने दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर बात करने पर भारत को व्यापारिक नुकसान की धमकी दी है। लेकिन भारत और जापान ने अपना पक्ष साफ कर दिया है और साफ कहा है कि चीन को अंतर्राष्ट्रीय अदालत का फैसला मानते हुए दक्षिण चीन सागर में शांति बहाली के कदम उठाने ही होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके अलावा मोदी और अबे ने ईरान में बनाए जा रहे चाबहार बंदरगाह पर काम तेज करने की बात कही। इस बंदरगाह के बनने से भारत को पाकिस्तान के बंदरगाहों पर निर्भर नहीं करना पड़ेगा। इसके जरिए भारत पाकिस्तान को बाईपास करते हुए अफगानिस्तान और सेंट्रल एशिया तक अपना कारोबार कर सकेगा।
विज्ञापन
वहीं, चीन के सरकारी मीडिया 'ग्लोबल टाइम्स' ने दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर बात करने पर भारत को व्यापारिक नुकसान की धमकी दी है। लेकिन भारत और जापान ने अपना पक्ष साफ कर दिया है और साफ कहा है कि चीन को अंतर्राष्ट्रीय अदालत का फैसला मानते हुए दक्षिण चीन सागर में शांति बहाली के कदम उठाने ही होंगे।
विज्ञापन