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Hypersonic Missiles: भारत ने स्क्रैमजेट इंजन का 1000 सेकेंड तक किया सफल परीक्षण, अब पाकिस्तान की खैर नहीं

Fri, 25 Apr 2025 08:40 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 25 Apr 2025 08:40 PM IST
सार

Scramjet Engine Test: भारत की तरफ से लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया है। जानकारी के मुताबिक, भारत ने अगली पीढ़ी की बहुत तेज रफ्तार वाली मिसाइलें बनाने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है।

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India has successfully carried out ground test of the Scramjet engine for more than 1,000 seconds
स्क्रैमजेट इंजन का जमीनी परीक्षण - फोटो : ANI

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने अपने मिसाइलों के परीक्षणों की संख्या को बढ़ा दिया है। एक दिन पहले INS सूरत युद्धपोत पर मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया था। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) ने हाइपरसोनिक हथियार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
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डीआरडीएल ने 25 अप्रैल 2025 को हैदराबाद में नवनिर्मित अत्याधुनिक स्क्रैमजेट कनेक्ट टेस्ट फैसिलिटी (एसीपीटी) में 1000 सेकेंड से ज्यादा समय के लिए लंबी अवधि के एक्टिव कूल्ड स्क्रैमजेट सबस्केल कॉम्बस्टर का ग्राउंड परीक्षण किया है। ये ग्राउंड परीक्षण जनवरी 2025 में 120 सेकंड के लिए किए गए पहले के परीक्षण के बाद किया गया है। आज के सफल परीक्षण के साथ, सिस्टम जल्द ही पूर्ण पैमाने पर उड़ान योग्य कॉम्बस्टर परीक्षण के लिए तैयार हो जाएगा।
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हाइपरसोनिक मिसाइल की क्षमता बढ़ाने में मिलेगी मदद
भारत में पहली बार 1000 सेकेंड के लिए अत्याधुनिक एक्टिव-कूल्ड स्क्रैमजेट कॉम्बस्टर का सफल जमीनी परीक्षण किया गया है। इस परीक्षण को भारत की अगली पीढ़ी की हाइपरसोनिक मिसाइल की क्षमताओं को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बता दें कि, स्क्रैमजेट हाइपरसोनिक मिसाइलों की अहम कड़ी है।


क्या है हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल?
हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल (एचसीएम) हथियारों की एक श्रेणी है जो लंबी अवधि के लिए ध्वनि की गति से पांच गुना अधिक (> 6100 किमी प्रति घंटे) यात्रा कर सकती है और एयर ब्रीदिंग इंजन की तरफ से संचालित होती है। सुपरसोनिक दहन वाले एयर ब्रीदिंग प्रोपल्शन सिस्टम लंबी अवधि की क्रूज स्थितियों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह परीक्षण लंबी अवधि के स्क्रैमजेट कॉम्बस्टर के डिजाइन के साथ-साथ परीक्षण सुविधा को भी मान्य करता है। यह डीआरडीओ प्रयोगशालाओं की तरफ से उद्योग और शिक्षा जगत के साथ मिलकर किए गए एकीकृत प्रयास का परिणाम है और यह देश के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल विकास कार्यक्रम के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है। 

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रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ को दी बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए डीआरडीओ, उद्योग भागीदारों और शिक्षा जगत की सराहना की और कहा कि आज की सफलता देश के लिए महत्वपूर्ण हाइपरसोनिक हथियार प्रौद्योगिकियों को साकार करने में हमारी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ समीर वी कामत ने महानिदेशक (एमएसएस) यू राजा बाबू, डीआरडीएल के निदेशक डॉ जीए श्रीनिवास मूर्ति और पूरी टीम को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग करते हुए 1000 सेकंड से अधिक समय तक सुपरसोनिक दहन का प्रदर्शन करने के लिए बधाई दी।

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