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रणनीति: तुर्किये-पाकिस्तान गठजोड़ का जवाब देगी भारत-ग्रीस की दोस्ती
Sat, 07 Feb 2026 05:54 AM IST
देवेश त्रिपाठी
आशुतोष भाटिया, नई दिल्ली
आशुतोष भाटिया, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Sat, 07 Feb 2026 05:54 AM IST
सार
ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोस डेंडियास चार दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे हैं, जहां वे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-ग्रीस के बीच रणनीतिक और औद्योगिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करना है।
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ग्रीस के रक्षा मंत्री डेंडियास ने की विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात
- फोटो : ANI
विस्तार
ग्रीस के रक्षा मंत्री निकोस डेंडियास रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बुलावे पर चार दिवसीय भारत यात्रा पर शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक और औद्योगिक साझेदारी को ठोस आकार देना है। राजनाथ और डेंडियास के बीच सोमवार को प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी। इस दौरान दोनों नेता सैन्य सहयोग की प्रगति पर चर्चा करेंगे। साथ ही हिंद महासागर व भूमध्य सागर में सुरक्षा चुनौतियों पर बात होगी।
डेंडियास बंगलूरू जाकर भारतीय रक्षा अनुसंधान केंद्रों और निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ तकनीकी तालमेल की संभावनाएं भी तलाश करेंगे। डेंडियास ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि वह सुरक्षा मुद्दों पर भारत-यूरोपीय संघ फोरम की चर्चा में भाग लेंगे। साथ ही, बंगलूरू में यूनानी रक्षा उद्योग और भारत के रक्षा पारितंत्र के बीच सहयोग की संभावना पर संवाद भी करेंगे।
ब्रह्मोस मिसाइल सौदे पर हो सकती है चर्चा
सूत्रों के मुताबिक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सह-विकास और सह-उत्पादन पर बात बन सकती है। भारत और ग्रीस के बीच ब्रह्मोस मिसाइलों के संभावित सौदे की चर्चा भी लगातार होती रही है। ग्रीस रक्षा विशेषज्ञों ने सरकार को सुझाव दिया है कि वे तुर्की का मुकाबला करने के लिए भारत से ब्रह्मोस मिसाइलें खरीदें। निकोस की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच इस पर बातचीत आगे बढ़ सकती है।
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पाकिस्तान-तुर्किये-अजरबैजान का त्रिकोण भारत की चिंता
पाकिस्तान और तुर्किये के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग भारत के लिए चुनौती पेश कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्किये ने पाकिस्तान को न केवल राजनयिक समर्थन दिया, बल्कि उन्नत बेयराक्तार ड्रोन्स भी दिए। जिनका पाकिस्तान ने सीमा पर खूब इस्तेमाल किया। अरब सागर में भारत को चुनौती देने के लिए पाकिस्तान तुर्किये की मदद से अत्याधुनिक युद्धपोत भी बना रहा है।
कश्मीर मसले पर तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन का रुख और पाकिस्तान-तुर्किये-अजरबैजान का रणनीतिक त्रिकोण भारत की चिंता के रूप में सामने आया है। इसी के जवाब में भारत भी ग्रीस और आर्मेनिया जैसे तुर्किये के क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों के साथ अपने रक्षा संबंध मजबूत कर जवाबी गठबंधन तैयार कर रहा है।
अन्य वीडियो
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डेंडियास बंगलूरू जाकर भारतीय रक्षा अनुसंधान केंद्रों और निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ तकनीकी तालमेल की संभावनाएं भी तलाश करेंगे। डेंडियास ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि वह सुरक्षा मुद्दों पर भारत-यूरोपीय संघ फोरम की चर्चा में भाग लेंगे। साथ ही, बंगलूरू में यूनानी रक्षा उद्योग और भारत के रक्षा पारितंत्र के बीच सहयोग की संभावना पर संवाद भी करेंगे।
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ब्रह्मोस मिसाइल सौदे पर हो सकती है चर्चा
सूत्रों के मुताबिक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सह-विकास और सह-उत्पादन पर बात बन सकती है। भारत और ग्रीस के बीच ब्रह्मोस मिसाइलों के संभावित सौदे की चर्चा भी लगातार होती रही है। ग्रीस रक्षा विशेषज्ञों ने सरकार को सुझाव दिया है कि वे तुर्की का मुकाबला करने के लिए भारत से ब्रह्मोस मिसाइलें खरीदें। निकोस की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच इस पर बातचीत आगे बढ़ सकती है।
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पाकिस्तान-तुर्किये-अजरबैजान का त्रिकोण भारत की चिंता
पाकिस्तान और तुर्किये के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग भारत के लिए चुनौती पेश कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्किये ने पाकिस्तान को न केवल राजनयिक समर्थन दिया, बल्कि उन्नत बेयराक्तार ड्रोन्स भी दिए। जिनका पाकिस्तान ने सीमा पर खूब इस्तेमाल किया। अरब सागर में भारत को चुनौती देने के लिए पाकिस्तान तुर्किये की मदद से अत्याधुनिक युद्धपोत भी बना रहा है।
कश्मीर मसले पर तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन का रुख और पाकिस्तान-तुर्किये-अजरबैजान का रणनीतिक त्रिकोण भारत की चिंता के रूप में सामने आया है। इसी के जवाब में भारत भी ग्रीस और आर्मेनिया जैसे तुर्किये के क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों के साथ अपने रक्षा संबंध मजबूत कर जवाबी गठबंधन तैयार कर रहा है।
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