भारत ने उच्चायोगों-दूतावासों को लगाया कूटनीतिक मुहिम पर, पाक को घेरने की मुहिम तेज
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उड़ी आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को अलग-थलग करने के लिए भारत दुनिया के देशों को आगाह करने में जुट गया है कि सीमा पार आतंकवाद पर अब उसकी सहनशीलता जवाब देने लगी है। संदेश देने का माध्यम विभिन्न देशों में कार्यरत भारत के उच्चायोग और दूतावास हैं। इसके अलावा सरकार के कई मंत्री भी इस कूटनीतिक मुहिम से जुड़े हुए हैं।
इस कूटनीतिक मुहिम के तहत अन्य देशों के इतर अमेरिका, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन जैसे ताकतवर देशों को भी इस आशय का संदेश दिया जा चुका है। दरअसल भारत की योजना बड़ी और सख्त कार्रवाई से पहले सीमा पार आतंकवाद के सवाल पर जनमानस बनाने के साथ ही ज्यादातर देशों का समर्थन हासिल करना है।
दरअसल पाकिस्तान को अलग-थलग करने की मुहिम के तहत भारत ने भविष्य में कूटनीतिक, सामरिक और राजनीतिक कार्रवाइयों की योजना बनाई है। भारत चाहता है कि इस दिशा में आगे बढ़ने से पहले सीमा पार आतंकवाद पर विश्व में एक जनमानस तैयार करने के साथ अधिक से अधिक देशों का समर्थन हासिल किया जाए।
पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को अब सहने की सीमा अब खत्म
यही कारण है कि घरेलू स्तर पर जहां भारत सिंधु जल समझौता रद्द करने, पाकिस्तान को दिए गए तरजीही राष्ट्र का दर्जा खत्म करने पर मंथन कर रहा है, वहीं दुनिया को यह संदेश भी दे रहा है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को अब सहने की सीमा अब खत्म हो गई है।
सरकारी सूत्र का कहना है कि भारत की ओर से की गई कूटनीतिक मुहिम का असर जमीन पर दिखने लगा है। ताकतवर देश जहां पाकिस्तान पर कार्रवाई के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं, वहीं भारत इसी मुहिम के कारण पाकिस्तान को सार्क देशों में अलग-थलग करने में सफल रहा है।
इसके अलावा इसी कूटनीतिक मुहिम के कारण संयुक्त राष्ट्र चीन की परवाह किए बिना पाकिस्तान के कुछ आतंकी संगठनों को काली सूची में डालने के अलावा कई चेहरों को आतंकवादी घोषित करने की तैयारी कर रहा है।