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India: 'बांग्लादेश के हितों के खिलाफ कभी अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने दिया', युनूस सरकार को भारत की दो टूक
Sun, 14 Dec 2025 06:49 PM IST
लव गौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: लव गौर
Updated Sun, 14 Dec 2025 06:49 PM IST
सार
भारत ने रविवार को स्पष्ट किया कि उसने कभी भी अपने क्षेत्र का इस्तेमाल बांग्लादेश के हितों के खिलाफ गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया है। साथ ही भारत ने बांग्लादेश में होने वाले आगामी संसदीय चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में कराने पर जोर दिया है।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI Photos
विस्तार
पड़ोसी देश बांग्लादेश में जब से सत्ता बदली है, तब से वहां का माहौल बदल चुका है। देश में हिंसक घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। इस बीच रविवार (14 दिसंबर) को भारत ने जोर देते हुए कहा कि उसने कभी भी अपनी जमीन का इस्तेमाल बांग्लादेश के हितों के खिलाफ गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया है। इसी के साथ वहां होने वाले संसदीय चुनावों को शांतिपूर्ण माहौल में कराने पर भी जोर दिया।
भारतीय राजदूत को तलब करने के बाद आई प्रतिक्रिया
दरअसल, भारत की यह प्रतिक्रिया बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की ओर से ढाका में भारतीय राजदूत प्रणय वर्मा को बुलाकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत की धरती से दिए गए 'भड़काऊ' बयानों पर चिंता जताने के कुछ घंटे बाद आई है। ढाका द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत में रह रहीं शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग के कुछ नेताओं की गतिविधियों का मुद्दा भी भारतीय उच्चायुक्त के सामने उठाया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा, “बांग्लादेश की अंतरिम सरकार द्वारा जारी प्रेस नोट में लगाए गए आरोपों को भारत पूरी तरह से खारिज करता है।” भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और विश्वसनीय चुनाव शांतिपूर्ण वातावरण में होने चाहिए।
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ये भी पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया: बोंडी बीच पर त्योहार मना रहे यहूदियों पर हमला, शूटर समेत 12 लोगों की मौत; PM मोदी ने घटना की निंदा की
मंत्रालय ने कहा, 'भारत ने कभी भी अपनी धरती का इस्तेमाल बांग्लादेश के मित्रवत लोगों के हितों के खिलाफ गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया है।' भारत ने यह भी उम्मीद जताई कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी, ताकि शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित हो सकें।
हसीना के बयानों पर बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने किया राजदूत को तलब
इसस पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने रविवार को भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब कर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 'भड़काऊ बयानों' पर अपनी "गंभीर चिंता" जताई, जो फिलहाल भारत में हैं। विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है, "विदेश मंत्रालय ने आज भारतीय उच्चायुक्त को तलब कर बांग्लादेश सरकार की ओर से भारत सरकार को शेख हसीना के भड़काऊ बयान देने की अनुमति देने पर गंभीर चिंता व्यक्त की, जिसमें वह अपने समर्थकों से बांग्लादेश में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने और आगामी संसदीय चुनावों को रोकने के लिए कह रही हैं।"
ये भी पढ़ें: बांग्लादेश में बढ़ी हिंसा: उम्मीदवार पर गोलीबारी, चुनाव आयोग ने शीर्ष अधिकारियों के लिए मांगी अतिरिक्त सुरक्षा
इसमें आगे कहा गया है कि बांग्लादेश ने पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल के साथ-साथ उनके "तेज प्रत्यर्पण" की अपनी मांग दोहराई है ताकि पिछले महीने विशेष ट्रिब्यूनल द्वारा दी गई सजा का सामना किया जा सके।
फरवरी 12 को होंगे बांग्लादेश में चुनाव
बांग्लादेश में संसदीय चुनाव 12 फरवरी को होने हैं। यह चुनाव पिछले साल अगस्त में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद पहला आम चुनाव होगा। छात्र आंदोलन के बाद हुए व्यापक प्रदर्शनों के चलते पिछले साल अगस्त में हसीना सरकार गिर गई थी। हालांकि, अवामी लीग ने इन चुनावों को खारिज करते हुए कहा है कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार निष्पक्ष और सामान्य माहौल में चुनाव कराने में सक्षम नहीं है।
ये भी पढ़ें: बांग्लादेश: उस्मान हादी पर जानलेवा हमले के बाद एक्शन में मुहम्मद यूनुस, पूरे देश में सुरक्षा कड़ी करने का आदेश
भारत में रह रही हैं शेख हसीना
अवामी लीग ने गुरुवार को जारी बयान में कहा, “यह साफ हो गया है कि मौजूदा सत्ता पूरी तरह पक्षपाती है और उसके नियंत्रण में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनता की इच्छा को दर्शाने वाला माहौल बनना असंभव है।” गौरतलब है कि 78 वर्षीय शेख हसीना को पिछले महीने ढाका की एक विशेष अदालत ने छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और दमन को लेकर ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ के आरोप में मृत्युदंड सुनाया था। भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच पिछले 5 अगस्त को बांग्लादेश छोड़ने के बाद से शेख हसीना भारत में रह रही हैं।
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भारतीय राजदूत को तलब करने के बाद आई प्रतिक्रिया
दरअसल, भारत की यह प्रतिक्रिया बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की ओर से ढाका में भारतीय राजदूत प्रणय वर्मा को बुलाकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत की धरती से दिए गए 'भड़काऊ' बयानों पर चिंता जताने के कुछ घंटे बाद आई है। ढाका द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत में रह रहीं शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग के कुछ नेताओं की गतिविधियों का मुद्दा भी भारतीय उच्चायुक्त के सामने उठाया।
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इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा, “बांग्लादेश की अंतरिम सरकार द्वारा जारी प्रेस नोट में लगाए गए आरोपों को भारत पूरी तरह से खारिज करता है।” भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और विश्वसनीय चुनाव शांतिपूर्ण वातावरण में होने चाहिए।
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मंत्रालय ने कहा, 'भारत ने कभी भी अपनी धरती का इस्तेमाल बांग्लादेश के मित्रवत लोगों के हितों के खिलाफ गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया है।' भारत ने यह भी उम्मीद जताई कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी, ताकि शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित हो सकें।
हसीना के बयानों पर बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने किया राजदूत को तलब
इसस पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने रविवार को भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब कर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 'भड़काऊ बयानों' पर अपनी "गंभीर चिंता" जताई, जो फिलहाल भारत में हैं। विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है, "विदेश मंत्रालय ने आज भारतीय उच्चायुक्त को तलब कर बांग्लादेश सरकार की ओर से भारत सरकार को शेख हसीना के भड़काऊ बयान देने की अनुमति देने पर गंभीर चिंता व्यक्त की, जिसमें वह अपने समर्थकों से बांग्लादेश में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने और आगामी संसदीय चुनावों को रोकने के लिए कह रही हैं।"
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इसमें आगे कहा गया है कि बांग्लादेश ने पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल के साथ-साथ उनके "तेज प्रत्यर्पण" की अपनी मांग दोहराई है ताकि पिछले महीने विशेष ट्रिब्यूनल द्वारा दी गई सजा का सामना किया जा सके।
फरवरी 12 को होंगे बांग्लादेश में चुनाव
बांग्लादेश में संसदीय चुनाव 12 फरवरी को होने हैं। यह चुनाव पिछले साल अगस्त में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद पहला आम चुनाव होगा। छात्र आंदोलन के बाद हुए व्यापक प्रदर्शनों के चलते पिछले साल अगस्त में हसीना सरकार गिर गई थी। हालांकि, अवामी लीग ने इन चुनावों को खारिज करते हुए कहा है कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार निष्पक्ष और सामान्य माहौल में चुनाव कराने में सक्षम नहीं है।
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भारत में रह रही हैं शेख हसीना
अवामी लीग ने गुरुवार को जारी बयान में कहा, “यह साफ हो गया है कि मौजूदा सत्ता पूरी तरह पक्षपाती है और उसके नियंत्रण में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनता की इच्छा को दर्शाने वाला माहौल बनना असंभव है।” गौरतलब है कि 78 वर्षीय शेख हसीना को पिछले महीने ढाका की एक विशेष अदालत ने छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और दमन को लेकर ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ के आरोप में मृत्युदंड सुनाया था। भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच पिछले 5 अगस्त को बांग्लादेश छोड़ने के बाद से शेख हसीना भारत में रह रही हैं।
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