चीनी नागरिकों की यात्रा पर प्रतिबंध के एयरलाइंस को निर्देश देने से सरकार का इनकार
भारत ने चीन को करारा जवाब देते हुए अपने सभी एयरलाइंस से चीनी नागरिकों की भारत यात्रा पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है। सरकार ने अनौपचारिक तौर पर यह निर्देश दिए हैं। यह कदम तब उठाया गया है जब ड्रैगन ने नवंबर से भारतीयों पर इसी तरह के प्रतिबंध लगाए थे। इसे चीन को जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि सरकार ने ऐसा कोई निर्देश दिए जाने से इनकार किया है।
नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी से सोमवार को जब उन रिपोर्टों के बारे में पूछा गया जिनमें दावा किया गया था कि भारत ने एयरलाइंस को अनौपचारिक रूप से चीनी नागरिकों को देश में नहीं आने देने का निर्देश दिया है तो उन्होंने कहा, 'यह सुझाव देना गलत है कि किस देश के नागरिक को आना चाहिए। हमारी तरफ से ऐसी कोई सूचना नहीं दी गई है।'
It is wrong to make suggestions as to citizen of which country should come. There is no such information from our side: Civil Aviation Minister Hardeep Singh Puri on reports claiming that India has asked airlines informally not to fly Chinese nationals into the country pic.twitter.com/EsSgmMAnGe
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 28, 2020
एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले हफ्ते के आखिर में भारतीय और विदेशी दोनों एयरलाइनों को विशेष रूप से कहा गया है कि वे चीनी नागरिकों को भारत न भेजें। फिलहाल भारत में पर्यटक वीजा निलंबित है। हालांकि विदेशियों को काम पर और गैर-पर्यटक वीजा की कुछ अन्य श्रेणियों में यात्रा करने की अनुमति है। सूत्रों का कहना है कि भारत में उड़ान भरने वाले अधिकांश चीनी नागरिक एयर बबल वाले यूरोपीय देशों से यहां आते हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में भारत और चीन के बीच उड़ानें निलंबित हैं। विदेशियों के लिए वर्तमान मानदंडों के अनुसार यात्रा करने के लिए पात्र चीनी नागरिक पहले ऐसे तीसरे देश की यात्रा कर रहे हैं जिसके साथ भारत ने एयर बबल समझौता किया है। यहां से वे भारत की यात्रा कर रहे हैं। ऐसे देशों में रहने वाले चीनी नागरिक काम और व्यापार के लिए वहां से भारत आ रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ एयरलाइनों ने अधिकारियों से लिखित में देने के लिए कहा है ताकि वे भारत आने के लिए बुकिंग कराने वाले चीनी नागरिकों को वर्तमान मानदंडों के अनुसार मना करने का कारण दे सकें। भारत ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब भारतीय मल्लाह विभिन्न चीनी बंदरगाहों में फंसे हुए हैं।
चीन उन्हें किनारे पर या यहां तक की चालक दल को बदलने की अनुमति देने से इनकार कर रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापारी जहाजों पर सेवारत लगभग 1,500 भारतीय प्रभावित हुए हैं क्योंकि वे घर वापस नहीं आ सकते हैं। नवंबर की शुरुआत में, चीन ने महामारी के कारण भारत सहित कुछ देशों से वैध चीनी वीजा या निवास परमिट रखने वाले विदेशी नागरिकों के प्रवेश को निलंबित कर दिया था।