{"_id":"688b8ae663dac31e6b08f5e7","slug":"india-gave-a-big-blow-to-pakistan-issued-tender-for-hydro-power-project-on-chenab-2025-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hydro project: भारत ने पाकिस्तान को दिया बड़ा झटका, चिनाब पर हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के लिए जारी किया टेंडर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Hydro project: भारत ने पाकिस्तान को दिया बड़ा झटका, चिनाब पर हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के लिए जारी किया टेंडर
Thu, 31 Jul 2025 08:55 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 31 Jul 2025 08:55 PM IST
सार
भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर करारा झटका दिया है. केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के रामबन जिले में चिनाब नदी पर 1856 मेगावाट के हाइड्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन
चिनाब (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र सरकार ने सिंधु जल संधि को स्थगित करने के बाद पहला बड़ा कदम उठाते हुए जम्मू-कश्मीर के स्वालकोट में 1856 मेगावाट के हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया है। भारत के इस कदम से पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है क्योंकि यह परियोजना उसकी लगातार की जाने वाली आपत्तियों के कारण अब तक आरंभ नहीं हो पाई थी।
विज्ञापन
नेशनल हाइड्रोपावर कॉरपोरेशन ने 1960 के दशक में बनाई गई इस योजना के तहत ई-टेंडर जारी किया है और इसके बारे में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। टेंडर भरने की आखिरी तिथि 10 सितंबर है। यह परियोजना जम्मू से करीब 120 किलोमीटर और श्रीनगर से 130 किलोमीटर दूर रामबन जिले के सिधू गांव में निर्मित की जाएगी। स्वालकोट परियोजना सिंधु नदी के पानी के अधिकतम इस्तेमाल की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि स्थगित कर दी थी।
विज्ञापन
इससे पहले, बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सिंधु जल संधि को महत्वपूर्ण बताते हुए पाकिस्तान के शर्तों पर तैयार होने के लिए कांग्रेस की आलोचना की थी। जयशंकर ने कहा, सिंधु जल संधि कई मायनों में अनूठी थी। मैं यह सोच भी नहीं सकता कि दुनिया में कहीं भी कोई ऐसी संधि हो सकती है जहां कोई देश अपने यहां से बहने वाली नदी पर अपना अधिकार रखे बिना सारा पानी दूसरे देश को बांट दे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: CEC बोले: कल जारी होगी बिहार के मतदाताओं की मसौदा सूची, नाम जोड़ने या हटाने के लिए मिलेगा एक महीने का समय
उन्होंने इस संधि के बारे में संसद में जवाहरलाल नेहरू के बयान को भी उद्धृत किया और कहा, उन्होंने (नेहरू) कहा था, मैं जानना चाहता हूं कि क्या इस सदन को पानी की मात्रा या दिए जाने वाले धन का आकलन करना है। तात्कालीन प्रधानमंत्री ने यह भी कहा, मुझे यह संधि पाकिस्तानी पंजाब के हित में करनी है। नेहरू ने कश्मीर या पंजाब के किसानों के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा, न ही राजस्थान या गुजरात के बारे में कुछ कहा। पीएम नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 खत्म कर और सिंधु जल संधि को स्थगित कर जवाहरलाल नेहरू की गलती को सुधारा।