Indian Air Force: बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास की तैयारियों में जुटा भारत, कहा- वायुसेना के इतिहास में सबसे बड़ा आ
वायुसेना के एक अधिकारी ने बताया कि बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास का आयोजन इसी साल के आखिरी तिमाही में किया जाएगा। अभ्यास में 10 से 12 देशों की वायुसेना शामिल होंगी। रेगिस्तान में आयोजित होने वाला बहुराष्ट्रीय अभ्यास वायुसेना के इतिहास में सबसे बड़ा होगा।
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भारतीय वायुसेना बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास का आयोजन करने वाला है। अभ्यास पश्चिमी रेगिस्तान में किया जाएगा। इसमें अमेरिकी सहित अन्य देशों की वायुसेना शामिल होगी।
राफेल-सुखोई होंगे शामिल
वायुसेना के एक अधिकारी ने बताया कि बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास का आयोजन इसी साल के आखिरी तिमाही में किया जाएगा। अभ्यास में 10 से 12 देशों की वायुसेना शामिल होंगी। रेगिस्तान में आयोजित होने वाला बहुराष्ट्रीय अभ्यास वायुसेना के इतिहास में सबसे बड़ा होगा। बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास में राफेल और सुखोई-30 मुख्य रूप से शामिल होंगे। इसके अलावा अन्य विमानों की ताकत का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
फ्रांस में भी ताकत दिखा चुका भारत
वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि फ्रांस में आयोजित हुए बहुराष्ट्रीय अभ्यास से भारतीय वायुसेना हाल में ही वापस भारत लौटी है। भारत ने अपने जखीरे से राफेल को फ्रांस भेजा था। इसके साथ ही भारत की इकलौती महिला राफेल पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह भी युद्धाभ्यास में शामिल हुई थीं। फ्रांस में अमेरिका, इंग्लैंड और नाटो देशों सहित कई राष्ट्रों की वायु सेना आई थी। फ्रांस से लौटकर फ्लाइट लेफ्टिनेंट शिवांगी ने कहा था कि मुझे युद्धाभ्यास में शामिल होकर बहुत खुशी हुई। यहां मुझे दूसरे देशों के लड़ाकू विमान पायलटों से मिलने का मिलने का मौका मिला। वहीं फ्लाइट लेफ्टिनेंट जेवियर ने बताया कि भारतीय पायलट दूसरे देशों की तुलना में काफी बेहतर हैं।
वायु सेना, थल सेना ने मध्य क्षेत्र में संयुक्त अभ्यास किया
इस बीच वायु सेना ने मध्य क्षेत्र में थल सेना के साथ एक संयुक्त अभ्यास किया। इसमें दोनों सेनाओं की अभियान संबंधी तैयारियों का जायजा लिया गया। इससे पहले हिंद महासागर क्षेत्र में वायु सेना के दो रणनीतिक मिशन आयोजित किए गए, जिसमें राफेल और एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया। बता दें कि कुछ दिन पहले वायु सेना के एसयू-30एमकेआई लड़ाकू विमानों के एक बेड़े ने हिंद महासागर क्षेत्र में एक रणनीतिक मिशन के तहत आठ घंटे का अभ्यास किया। इसी तरह चार राफेल विमानों ने अभियान को अंजाम दिया था।
हिंद महासागर में चीन को चेतावनी
हिंद महासागर में चीन की बढ़ती दबंगई को भारत ने दो दिन पहले करारा जवाब दिया है। जहां कुछ समय पहले चार राफेल ने हिंद महासागर में प्रदर्शन किया था, वहीं दो दिन पहले अब वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई विमानों के एक बेड़े ने हिंद महासागर क्षेत्र में लगातार 8 घंटे तक उड़ान भरकर एक रणनीतिक मिशन को अंजाम दे दिया है। सुखोई-30 ने गुरुवार को हिंद महासागर के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में उड़ान भरा था। यहां सुखोई अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। राफेल ने पूर्वी क्षेत्र को कवर किया था।