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सिपरी रिपोर्ट: भारत बना दूसरा बड़ा हथियार आयातक; यूक्रेन शीर्ष पर, चीन शीर्ष 10 से बाहर
Mon, 09 Mar 2026 08:42 PM IST
Nirmal Kant
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Nirmal Kant
Updated Mon, 09 Mar 2026 08:42 PM IST
सार
साल 2021-25 के बीच भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक रहा, जबकि रूस के साथ जंग का सामना कर रहा यूक्रेन सबसे बड़ा आयातक बना। भारत के ज्यादातर हथियार अब भी रूस से आते हैं। हालांकि, देश धीरे-धीरे पश्चिमी देशों से भी खरीद बढ़ा रहा है। एशिया, यूरोप और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सवाल यह है कि क्या आने वाले समय में हथियारों की यह दौड़ और तेज होने वाली है?
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हथियारों का कारोबार
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
भारत 2021 से 2025 के बीच दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक रहा। हथियारों की खरीद का सबसे बड़ा हिस्सा रूस से आया। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की रिपोर्ट में यह जानकारी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में यूक्रेन दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक था, जिसने कुल अंतरराष्ट्रीय हथियार लेन-देन का 9.7 फीसदी हिस्सा प्राप्त किया। इसमें यह भी बताया गया है कि चीन 1991-95 के बाद पहली बार शीर्ष 10 हथियार आयातक देशों में नहीं आया, क्योंकि उसने अपनी घरेलू हथियार उत्पादन क्षमता बढ़ा दी है। रिपोर्ट का नाम 'ट्रेंड्स इन इंटरनेशनल आर्म्स ट्रांसफर्स' है।
हथियार आपूर्ति में सबसे आगे कौन देश रहा?
2021-25 में अंतरराष्ट्रीय हथियार आपूर्ति का 42 फीसदी हिस्सा अमेरिका ने दिया, जबकि 2016-20 में यह केवल 36 फीसदी था। एशिया और ओशिनिया के चार देश भारत, पाकिस्तान, जापान और ऑस्ट्रेलिया 2021-25 में दुनिया के दस सबसे बड़े हथियार आयातकों में शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, 2021-25 में अमेरिका इस क्षेत्र का मुख्य आपूर्तिकर्ता था, जिसका हिस्सा 35 फीसदी था। रूस ने 17 फीसदी और चीन ने 14 फीसदी आपूर्ति की।
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रूस और पश्चिमी देशों से कितने हथियार खरीद रहा भारत?
सिपरी ने कहा, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक देश है। 2016-20 और 2021-25 के बीच भारत के आयात में मामूली चार फीसदी की कमी आई। भारत के हथियार आयात का सबसे बड़ा हिस्सा (40 फीसदी) रूस से आया, जो 2016-20 में 51 फीसदी और 2011-15 में 70 फीसदी था। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अब पश्चिमी देशों से भी हथियार खरीदने की ओर बढ़ रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि रूस अब भी भारत का मुख्य हथियार आपूर्तिकर्ता है। लेकिन भारत, फ्रांस और इस्राइल से भी हथियार खरीद रहा है।
पाकिस्तान के हथियार आयात में बढ़ोतरी
पाकिस्तान के हथियार आयात 2016-20 और 2021-25 के बीच 66 फीसदी बढ़े। चीन ने पाकिस्तान को 2021-25 में 80 फीसदी हथियार आपूर्ति की, जो 2016-20 में 73 फीसदी थी। सिपरी के वरिष्ठ शोधकर्ता पीटर वेजेमैन ने कहा कि अमेरिका ने हथियार आपूर्ति में अपना दबदबा और मजबूत किया है। आयातकों के लिए अमेरिकी हथियार उन्नत क्षमता प्रदान करते हैं और अच्छे संबंध बनाने में मदद करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार एशिया, ओशिनिया और पश्चिम एशिया में तनाव और संघर्ष बड़े पैमाने पर हथियार आयात को बढ़ा रहे हैं, जबकि यूरोप में हथियार प्रवाह में तेज वृद्धि से वैश्विक हथियार लेन-देन में लगभग 10 फीसदी की वृद्धि हुई है।
रिपोर्ट कहती है कि 2016-20 और 2021-25 के बीच देशों के बीच मुख्य हथियारों का लेन-देन 9.2 फीसदी बढ़ा। यूरोप ने अपने हथियार आयात को तीन गुना बढ़ाया और अमेरिका के कुल हथियार निर्यात में 27 फीसदी की वृद्धि हुई, जिसमें यूरोप को अमेरिकी हथियार निर्यात में 217 फीसदी की वृद्धि शामिल है।
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रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में यूक्रेन दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक था, जिसने कुल अंतरराष्ट्रीय हथियार लेन-देन का 9.7 फीसदी हिस्सा प्राप्त किया। इसमें यह भी बताया गया है कि चीन 1991-95 के बाद पहली बार शीर्ष 10 हथियार आयातक देशों में नहीं आया, क्योंकि उसने अपनी घरेलू हथियार उत्पादन क्षमता बढ़ा दी है। रिपोर्ट का नाम 'ट्रेंड्स इन इंटरनेशनल आर्म्स ट्रांसफर्स' है।
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हथियार आपूर्ति में सबसे आगे कौन देश रहा?
2021-25 में अंतरराष्ट्रीय हथियार आपूर्ति का 42 फीसदी हिस्सा अमेरिका ने दिया, जबकि 2016-20 में यह केवल 36 फीसदी था। एशिया और ओशिनिया के चार देश भारत, पाकिस्तान, जापान और ऑस्ट्रेलिया 2021-25 में दुनिया के दस सबसे बड़े हथियार आयातकों में शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, 2021-25 में अमेरिका इस क्षेत्र का मुख्य आपूर्तिकर्ता था, जिसका हिस्सा 35 फीसदी था। रूस ने 17 फीसदी और चीन ने 14 फीसदी आपूर्ति की।
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रूस और पश्चिमी देशों से कितने हथियार खरीद रहा भारत?
सिपरी ने कहा, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक देश है। 2016-20 और 2021-25 के बीच भारत के आयात में मामूली चार फीसदी की कमी आई। भारत के हथियार आयात का सबसे बड़ा हिस्सा (40 फीसदी) रूस से आया, जो 2016-20 में 51 फीसदी और 2011-15 में 70 फीसदी था। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अब पश्चिमी देशों से भी हथियार खरीदने की ओर बढ़ रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि रूस अब भी भारत का मुख्य हथियार आपूर्तिकर्ता है। लेकिन भारत, फ्रांस और इस्राइल से भी हथियार खरीद रहा है।
पाकिस्तान के हथियार आयात में बढ़ोतरी
पाकिस्तान के हथियार आयात 2016-20 और 2021-25 के बीच 66 फीसदी बढ़े। चीन ने पाकिस्तान को 2021-25 में 80 फीसदी हथियार आपूर्ति की, जो 2016-20 में 73 फीसदी थी। सिपरी के वरिष्ठ शोधकर्ता पीटर वेजेमैन ने कहा कि अमेरिका ने हथियार आपूर्ति में अपना दबदबा और मजबूत किया है। आयातकों के लिए अमेरिकी हथियार उन्नत क्षमता प्रदान करते हैं और अच्छे संबंध बनाने में मदद करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार एशिया, ओशिनिया और पश्चिम एशिया में तनाव और संघर्ष बड़े पैमाने पर हथियार आयात को बढ़ा रहे हैं, जबकि यूरोप में हथियार प्रवाह में तेज वृद्धि से वैश्विक हथियार लेन-देन में लगभग 10 फीसदी की वृद्धि हुई है।
रिपोर्ट कहती है कि 2016-20 और 2021-25 के बीच देशों के बीच मुख्य हथियारों का लेन-देन 9.2 फीसदी बढ़ा। यूरोप ने अपने हथियार आयात को तीन गुना बढ़ाया और अमेरिका के कुल हथियार निर्यात में 27 फीसदी की वृद्धि हुई, जिसमें यूरोप को अमेरिकी हथियार निर्यात में 217 फीसदी की वृद्धि शामिल है।