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US: '2014 के बाद हुए आर्थिक बदलाव बने भारत-अमेरिका संबंधों की नींव', भारतीय राजदूत क्वात्रा का बयान
Tue, 19 May 2026 10:20 AM IST
नितिन गौतम
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 19 May 2026 10:20 AM IST
सार
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने अपने एक बयान में बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि भारत में 2014 के बाद हुए आर्थिक बदलाव ही भारत-अमेरिका संबंधों की नींव बने हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान ये बात कही, जिसमें कई अमेरिकी सांसद भी शामिल हुए।
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अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा है कि 2014 के बाद भारत में आए आर्थिक बदलाव ने भारत-अमेरिका संबंधों को नई मजबूती दी है। उन्होंने ये भी कहा कि यही दोनों देशों के बढ़ते सहयोग का प्रमुख आधार बना है। अमेरिका-भारत फ्रेंडशिप काउंसिल द्वारा आयोजित ‘कैपिटल हिल समिट 2026’ को संबोधित करते हुए क्वात्रा ने कहा कि SHANTI एक्ट पारित होने के बाद नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों के सहयोग के नए अवसर खुले हैं।
भारत-अमेरिका के बीच व्यापार बढ़ा
भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा, 'भारत इस समय कई परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है और यही बदलाव भारत-अमेरिका साझेदारी को नई दिशा दे रहे हैं।' इस सम्मेलन में अमेरिकी सांसद रो खन्ना, डेबोरा रॉस, टिम मूर और सीनेटर स्टीव डाइन्स समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। भारतीय राजदूत ने कहा कि भारत और अमेरिका ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा करीब 220 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।
क्वात्रा ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका के कई रक्षा प्लेटफॉर्म का अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा उपयोगकर्ता बन चुका है। विनय मोहन क्वात्रा ने कहा, 'आज भारत अमेरिका के कुछ प्रमुख रक्षा प्लेटफॉर्म का अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है। दोनों देश साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए विभिन्न सैन्य कमांड स्तर पर भी मिलकर काम कर रहे हैं।'
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क्वात्रा ने पीएम मोदी के बयान का किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2023 में अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करने का उल्लेख करते हुए क्वात्रा ने कहा, 'भारत और अमेरिका स्वाभाविक साझेदार हैं। यह साझेदारी केवल भौगोलिक कारणों से नहीं, बल्कि साझा मूल्यों के आधार पर बनी है।' उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में अमेरिका की हर सरकार ने भारत के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। क्वात्रा ने कहा, 'अगर पिछले वर्षों के संबंधों पर नजर डालें, तो हर अमेरिकी प्रशासन ने भारत-अमेरिका रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया है।'
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भारत-अमेरिका के बीच व्यापार बढ़ा
भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा, 'भारत इस समय कई परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है और यही बदलाव भारत-अमेरिका साझेदारी को नई दिशा दे रहे हैं।' इस सम्मेलन में अमेरिकी सांसद रो खन्ना, डेबोरा रॉस, टिम मूर और सीनेटर स्टीव डाइन्स समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। भारतीय राजदूत ने कहा कि भारत और अमेरिका ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा करीब 220 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।
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क्वात्रा ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका के कई रक्षा प्लेटफॉर्म का अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा उपयोगकर्ता बन चुका है। विनय मोहन क्वात्रा ने कहा, 'आज भारत अमेरिका के कुछ प्रमुख रक्षा प्लेटफॉर्म का अमेरिका के बाहर सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है। दोनों देश साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए विभिन्न सैन्य कमांड स्तर पर भी मिलकर काम कर रहे हैं।'
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क्वात्रा ने पीएम मोदी के बयान का किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2023 में अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करने का उल्लेख करते हुए क्वात्रा ने कहा, 'भारत और अमेरिका स्वाभाविक साझेदार हैं। यह साझेदारी केवल भौगोलिक कारणों से नहीं, बल्कि साझा मूल्यों के आधार पर बनी है।' उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में अमेरिका की हर सरकार ने भारत के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। क्वात्रा ने कहा, 'अगर पिछले वर्षों के संबंधों पर नजर डालें, तो हर अमेरिकी प्रशासन ने भारत-अमेरिका रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया है।'