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भारत-चीन विवाद: सैन्य वार्ता से पहले चीनी रक्षा मंत्री से मिल सकते हैं राजनाथ सिंह, आज दुशांबे में एससीओ बैठक को करेंगे संबोधित

Wed, 28 Jul 2021 03:17 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Wed, 28 Jul 2021 03:17 AM IST
सार

  • राजनाथ सिंह मंगलवार शाम शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सम्मेलन में भाग लेने के लिए तीन दिवसीय यात्रा पर ताजिकिस्तान पहुंच चुके हैं
  •  इस दौरान वह दुशांबे में अपने चीनी समकक्ष जनरल वेई फेंघे से भी मुलाकात कर सकते हैं
  • राजनाथ सिंह आज बैठक को करेंगे संबोधित

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India China Standoff Rajnath Singh may meet Chinese defence Minister ahead of military talks
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान के दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए मंगलवार शाम तीन दिवसीय यात्रा पर दुशांबे पहुंच चुके हैं। एससीओ सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की सालाना बैठक इस बार 27 से 29 जुलाई के बीच होनी है।

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वार्षिक बैठक में एससीओ सदस्य देशों के बीच रक्षा सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कई देशों के शीर्ष नेताओं के विचार-विमर्श के बाद एक विज्ञप्ति जारी किए जाने की उम्मीद है। बैठक में राजनाथ सिंह का संबोधन बुधवार यानी 28 जुलाई को निर्धारित किया गया है। इस दौरान वह दुशांबे में अपने चीनी समकक्ष जनरल वेई फेंघे से भी मुलाकात कर सकते हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, हालांकि दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय बैठक 'अभी तक निर्धारित नहीं हुई है', लेकिन चीन चाहे तो भारत चर्चा के खिलाफ नहीं है। एक सूत्र ने कहा, 'चीन के साथ द्विपक्षीय बैठक की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।'
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उन्होंने कहा, 'जैसा भी हो, राजनाथ सिंह बुधवार को एससीओ में रक्षा मंत्रियों की बैठक में अपने संबोधन के दौरान, युद्ध से तबाह अफगानिस्तान सहित लद्दाख क्षेत्र में बातचीत के माध्यम से सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर जोर देंगे।' 

जैसा कि, 14 जुलाई को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दुशांबे में एससीओ देशों के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक से अलग अपने चीनी समकक्ष से मुलाकात की थी और उनके साथ एक घंटे की द्विपक्षीय बैठक की थी। इस बैठक के दौरान विदेश मंत्री ने बताया था कि सीमा क्षेत्र की यथास्थिति में एकतरफा बदलाव भारत को स्वीकार्य नहीं है।

दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच यह मुलाकात भारत और चीन के बीच कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता के 12वें दौर से पहले हो सकती है। चीन और भारत के बीच सैन्य स्तर की अंतिम वार्ता 9 अप्रैल को हुई थी, जिसके लंबे अंतराल के बाद 'अगले कुछ दिनों के भीतर' तनाव को कम करने के लिए एक और वार्ता आयोजित की जाएगी। गौरतलब है कि पिछले साल अप्रैल-मई से पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव जारी है।

दुशांबे दौरे पर राजनाथ सिंह अपने ताजिक समकक्ष कर्नल जनरल शेराली मिर्जो से द्विपक्षीय मुद्दों और आपसी हित के कई मसलों पर भी बातचीत कर सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि राजनाथ सिंह मध्य एशियाई देशों के रक्षा मंत्रियों से भी मुलाकात कर सकते हैं।


बता दें कि इससे पहले सितंबर 2020 में मॉस्को में हुई एससीओ की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में बिना नाम लिए चीन और पाकिस्तान पर निशाना साधा था। रक्षा मंत्री ने कहा था कि भारत आतंकवाद की सभी रूपों और इसके समर्थकों की निंदा करता है। राजनाथ सिंह ने चीन का नाम लिए बिना कहा था कि शांतिपूर्ण, स्थिर और सुरक्षित एससीओ क्षेत्र के लिए जरूरी है कि सदस्यों के बीच एक दूसरे के प्रति गैर-आक्रामकता का परिचय दिया जाए। इस बैठक में भारत और रूस के अलावा चीन के रक्षा मंत्री ने भी भाग लिया था।

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