फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India China News, SCO meets in Moscow may offer opportunity for India and China high level talks to solve border issue

भारत-चीन सीमा विवादः मॉस्को में नहीं बनी बात तो फिर चरम पर पहुंचेगा तनाव

Sat, 29 Aug 2020 03:45 AM IST
संजीव कुमार झा हिमांशु मिश्र, अमर उजाला ,नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला ,नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 29 Aug 2020 03:45 AM IST
सार

  • भारत-चीन द्विपक्षीय रिश्ते के लिए काफी अमह है एससीओ की बैठक
  • लगतार सब्र खत्म होने का चीन को संदेश दे रहा है भारत
  • बिगड़ी बात तो आर्थिक मोर्चे पर कई अहम फैसले लेगा भारत

विज्ञापन
India China News, SCO meets in Moscow may offer opportunity for India and China high level talks to solve border issue
एस जयशंकर और वांग यी - फोटो : ANI

विस्तार

वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी तनातनी मामले में मॉस्को में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक भारत-चीन के द्विपक्षीय रिश्ते के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकती है। दोनों देशों के बीच तनाव कम कराने में जुटा रूस मॉस्को में भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक कराने में जुटा है। अगर इस बातचीत में भी एलएसी पर जारी तनातनी का हल नहीं निकला तो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव एक बार फिर से चरम पर पहुंचेगा।

विज्ञापन


दरअसल सैन्य और कूटनीति स्तर की कई दौर की बातचीत के बावजूद चीन के रवैये के कारण विवाद का हल नहीं निकल पा रहा। सूत्रों का कहना है कि एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में जयशंकर का शिरकत करना तय है। जहां तक उनकी अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की बात है तो भारत इससे पहले एलएसी विवाद पर चीन की ओर से कुछ ठोस पहल की उम्मीद कर रहा है।
विज्ञापन


यह तय है कि अगर मुलाकात पर सहमति बनी मगर इसमें कुछ सकारात्मक हल नहीं निकला तो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर तनातनी अपने चरम पर होगी।

चीन को लगातार संदेश दे रहा भारत
बीते एक हफ्ते में भारत की ओर से चीन को शीर्ष स्तर पर दो बड़े संदेश दिए गए। सीडीएस विपिन रावत ने कहा कि विवाद का हल नहीं निकलने पर भारत सैन्य कार्रवाई के विकल्प को आजमा सकता है। जबकि विदेश मंत्री ने लद्दाख में साल 1962 के बाद सबसे अधिक तनावपूर्ण स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने जोर दे कर कहा कि भारत अपने संप्रभुता की रक्षा करेगा। सूत्रों का कहना है कि दरअसल यह चीन को संदेश है।
विज्ञापन
विज्ञापन


संदेश साफ है कि भारत का सब्र लगातार कम हो रहा है। अब तक 106 एप्स पर प्रतिबंध लगाने के बाद भारत ने 225 और एप्स की सूची बनाई है। सूत्रों का कहना है कि अगर जयशंकर-वांग यी के बीच बातचीत में कोई हल नहीं निकला तो भारत तेजी से इस योजना पर अमल करेगा।


अपने स्टैंड पर अडिग रहेगा भारत
जयशंकर-वांग यी के बीच 9 से 11 सितंबर के बीच मुलाकात हो सकती है। मुलाकात के दौरान भारत अपने पुराने रुख पर अडिग रहेगा। भारत चाहता है कि सीमा विवाद पर बातचीत से पहले चीन हर हाल में एलएसी पर पूर्वस्थिति बहाल करे। सैन्य और कूटनीतिक स्तर की बातचीत में चीन इस पर हामी भरता रहा है, मगर जमीन पर बातचीत के दौरान बनी सहमति पर अमल नहीं कर रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed