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चीन की कायरना हरकत, साइबर हमलों से सूचना और वित्तीय भुगतान प्रणालियों को बना रहा निशाना
Thu, 18 Jun 2020 10:39 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Thu, 18 Jun 2020 10:39 AM IST
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भारत और चीन के बीच सीमा पर चल रहे तनाव के बीच चीन ने अपनी कायराना हरकत जारी रखते हुए भारत के खिलाफ अब साइबर हमले की शुरुआत कर दी है। चीन ने भारतीय सूचना वेबसाइटों और देश की वित्तीय भुगतान प्रणाली पर डिस्ट्रीब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस (डीडीओएस) हमलों को बढ़ा दिया है।
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डिस्ट्रीब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस (डीडीओएस) हमलों में अक्सर बड़े कंप्यूटरों को निशाना बनाया जाता है। इसमें दुर्भावनापूर्ण तरीके से एक नेटवर्क पर कृत्रिम रूप से तैयार किया गया इंटरनेट ट्रैफिक बढ़ा दिया जाता है।
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इस हमले के तहत सरकारी वेबसाइट, एटीएम, बैंकिंग प्रणाली सहित कई महत्वपूर्ण सेवाओं को लक्ष्य के रूप में निर्धारित किया गया है। इनमें से अधिकांश साइबर हमले का पता चीन के केंद्रीय शहर चेंग्दू से लगाया गया है।
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सिचुआन प्रांत की राजधानी चेंग्दू पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की यूनिट 61398, चीनी सेना के प्राथमिक गुप्त साइबर हमला अनुभाग के मुख्यालय के लिए जाना जाता है। इन हमलों की शुरुआत मंगलवार से हुई और यह बुधवार तक जारी रहे। हालांकि, इस घटनाक्रम से अवगत लोगों ने कहा कि ये हमले काफी हद तक नाकामयाब साबित हुए।
चीन का चेंग्दू शहर बड़ी संख्या में हैकर समूहों का घर माना जाता है, जिनमें से कई को चीनी सरकारी एजेंसियों ने अपने संचालन के लिए तैनात किया है। भारत के खिलाफ साइबर हमले आमतौर पर पाकिस्तान, मध्य यूरोप या संयुक्त राज्य अमेरिका के ज्ञात हैकर-फॉर-हायर केंद्रों से आते हैं, लेकिन पिछले दो दिनों से चीन से सीधे आने वाले हमलों में वृद्धि देखी गई है।
बता दें कि, लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए। वहीं, सूत्रों ने बताया कि इस झड़प में चीनी सेना के 35 जवान हताहत हुए। उन्होंने बताया कि इस संख्या में मारे गए जवान और घायल हुए जवान दोनों शामिल हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद हुए जवानों को लेकर कहा है कि मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हमारे जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हमारे लिए भारत की अखंडता और संप्रभुता सर्वोच्च है और इसकी रक्षा करने से हमें कोई भी रोक नहीं सकता। भारत शांति चाहता है लेकिन भारत उकसाने पर हर हाल में यथोचित जवाब देने में सक्षम है। भारत शांति चाहता है, लेकिन जवाब देना भी जानता है। भारत अपनी अखंडता से समझौता नहीं करेगा। हमारे जवान मारते-मारते मरे हैं।