इन आठ 'उंगलियों' पर टिका है भारत चीन का सीमा विवाद, समझना है जरूरी

pradeep pandeyप्रदीप पाण्डेय Updated Tue, 16 Jun 2020 02:27 PM IST
विज्ञापन
India China Fingers Disputes
India China Fingers Disputes - फोटो : ग्राफिक्स/रोहित झा/अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

सार

  • फिंगर 8 तक गश्त लगाती थी भारतीय सेना
  • फिंगर 4 पर आकर बैठ गई है चीन की सेना
  • फिंगर 4 से आगे जाने को लेकर है पूरा विवाद

विस्तार

पूर्वी लद्दाख में भारत और चीनी सेना के बीच झड़प में भारतीय सेना के तीन जवान शहीद हो गए हैं, वहीं चीन के 5 जवानों के शहीद होने की खबर है और 11 घायल हुए हैं। यह झड़प सोमवार रात को पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया के दौरान हुई। भारत चीन सीमा पर 50 साल में इस तरह की यह पहली झड़प है। भारत और चीन के बीच सीमा पर आखिरी बार 70 के दशक में गोली चली थी। लगभग 50 साल बाद यह सिलसिला टूटा है। गलवां घाटी उन क्षेत्रों में से एक है जहां चीनी सेना ने घुसपैठ की थी।
विज्ञापन

 

भारत चीन सीमा विवाद काफी पहले से चला आ रहा है। दोनों देशों के बीच यूं तो लंबी पर्वतमाला है, लेकिन जिस जिस क्षेत्र को लेकर विवाद है, उसका आकार आठ उंगलियों जैसा है। इसी वजह से उसे 8 फिंगर्स कहते हैं। पढ़ने में आपको कुछ अजीब लग रहा होगा कि सीमा पर उंगलियों का क्या मतलब है? आइए हम आपको बताते हैं...
क्या है आठ फिंगर्स का विवाद?
पैंगोंग झील के बारे में आप में से अधिकतर लोग जानते ही होंगे। आपको बता दें कि करीब 14,500 फीट की ऊंची पहाड़ी पर मौजूद पैंगोंग झील के पास आठ पहाड़ियां हैं जो कि हाथ की उंगलियों के आकार की हैं और सीमा विवाद फिंगर 4 से लेकर फिंगर 8 तक है, क्योंकि भारतीय सेना के कब्जे में फिंगर 4 तक का इलाका है, जबकि फिंगर 4 से फिंगर 8 तक इलाका दोनों सेनाओं का पेट्रोलिंग इलाका है।

चीन ने फिंगर 4 तक अपनी सड़क बना ली है, जबकि झील के किनारे पर भारतीय सेना का बेस कैंप है जहां पर सैनिकों की तैनाती है। फिंगर 4 से भारतीय सेना फिंगर 8 तक पैदल गश्त करती है। पांच मई के बाद से चीन की सेना फिंगर 4 पर आ गई है और अब वह भारतीय सेना को फिंगर 8 तक जाने नहीं दे रही है। चीन फिंगर 4 के आगे जाना चाहता है। 

भारतीय सेना पहले की तरह फिंगर 8 तक गश्त लगाना चाहती है लेकिन चीन को इस पर आपत्ति होने लगी है। इस वक्त भारतीय सेना, चीनी सेना को किसी भी कीमत पर फिंगर 4 से आगे बढ़ने नहीं दे रही है। भारतीय सेना चाहती है कि चीन पहले की तरह फिंगर 8 तक ही रहे।

अब सवाल यह है कि आखिर चीन फिंगर 4 से अंदर क्यों आना चाह रहा है। जानकारों के मुताबिक चीन की सेना को पैंगोंग के दक्षिण से उत्तरी इलाके में आने-जाने में एक लंबा सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में चीन चाहता है कि भारत पीछे हट जाए और उसे रास्ता मिल जाए, लेकिन वास्तव में ऐसा होने वाला नहीं है।

कैसी है पैंगोंग झील?
इस झील का पूरा नाम पैंगोंगे त्सो है जो 134 किलोमीटर लंबी है। यह झील हिमालय में करीब 14,000 फुट से ज्यादा की ऊंचाई पर स्थित है। इस झील का 45 किलोमीटर क्षेत्र भारत में पड़ता है, जबकि 90 किलोमीटर क्षेत्र चीन में आता है। बता दें कि इसी झील के किनारे बॉलीवुड फिल्म थ्री इडियट्स की शूटिंग हुई थी।

वास्तविक नियंत्रण रेखा इस झील के बीच से गुजरती है। कहा जाता है कि पश्चिमी सेक्टर में चीन की तरफ से अतिक्रमण के एक तिहाई मामले इसी पैंगोंग त्सो झील के पास होते हैं। इसकी वजह ये है कि इस क्षेत्र में दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर सहमति नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us