Who Is Sudershan Reddy: कौन हैं बी. सुदर्शन रेड्डी? हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज रह चुके
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को घोषणा की कि न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार हैं। न्यायमूर्ति रेड्डी मार्च 2013 में गोवा के पहले लोकायुक्त बने थे, लेकिन सात महीने के भीतर ही निजी कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया। वह हैदराबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र के न्यासी बोर्ड के सदस्य भी हैं।
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उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाया है। बी. सुदर्शन रेड्डी ने 16 वर्षों से अधिक समय तक देश की संवैधानिक अदालतों में अहम जिम्मेदारी संभाली। जुलाई 1946 में जन्मे न्यायमूर्ति रेड्डी को 2 मई, 1995 को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। 5 दिसंबर, 2005 को उन्हें गौहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। वे 12 जनवरी, 2007 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने और 8 जुलाई, 2011 को सेवानिवृत्त हुए।
कृषक परिवार में जन्मे जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी?
जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई, 1946 को अकुला मायलाराम गांव, पूर्व इब्राहिमपट्टनम तालुका, रंगारेड्डी (आंध्र प्रदेश) में हुआ था। उनका नाता वर्तमान में कंदुकुर राजस्व मंडल के तहत आने वाले गांव के एक कृषक परिवार से रहा। उन्होंने हैदराबाद में पढ़ाई की और 1971 में उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से कानून की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने 1971 में ही अधिवक्ता के रूप में अपनी पहचान बना ली। इसके बाद वे वरिष्ठ अधिवक्ता के. प्रताप रेड्डी के चैंबर में शामिल हुए।
केंद्र सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में भी नियुक्त हुए
उन्होंने हैदराबाद के नगर दीवानी न्यायालयों के साथ-साथ आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में कई मामलों का निपटारा किया। वे 8 अगस्त, 1988 को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में सरकारी वकील के रूप में नियुक्त हुए। वे राजस्व विभाग के प्रभारी भी रहे और 8 जनवरी, 1990 तक इस पद पर बने रहे। इसके बाद वे कुछ समय के लिए केंद्र सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में भी नियुक्त हुए।
उस्मानिया विश्वविद्यालय के कानूनी सलाहकार
जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी एवी एजुकेशन सोसाइटी की ओर से संचालित शैक्षणिक संस्थानों के सचिव और संवाददाता भी रहे। 1993-94 के लिए आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष चुने गए। 8 जनवरी, 1993 को उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद के कानूनी सलाहकार और स्थायी वकील नियुक्त किए गए।
2011 में सेवानिवृत्त हुए
जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी 2 मई, 1995 से आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त किए गए। उन्हें 2005 में गौहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। 2007 में उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए। वे 2011 में सेवानिवृत्त हुए।