फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India becomes the world largest rice producer surpassing China with a production of 151.8 million tons

उपलब्धि: भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश, 15.18 करोड़ टन उत्पादन के साथ चीन को छोड़ा पीछे

Tue, 06 Jan 2026 06:24 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 06 Jan 2026 06:24 AM IST
सार

भारत ने चावल उत्पादन में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। भारत अब 15.18 करोड़ टन उत्पादन के साथ दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन गया, जो चीन के 14.5 करोड़ टन से अधिक है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 25 फसलों की 184 नई किस्में लॉन्च कीं, जो किसानों को उच्च पैदावार और बेहतर गुणवत्ता देंगी।

विज्ञापन
India becomes the world largest rice producer surpassing China with a production of 151.8 million tons
भारत अब दुनिया में सबसे ज्यादा चावल उत्पादन करने वाला देश बन गया है। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भारत चावल उत्पादन के मामले में पड़ोसी चीन को पीछे छोड़ते हुए अब दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, भारत का चावल उत्पादन बढ़कर 15.18 करोड़ टन के स्तर पर पहुंच गया है, जो चीन के 14.5 करोड़ टन की तुलना में अधिक है। यह देश की एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। चौहान ने 25 फसलों की 184 नई किस्में जारी करते हुए कहा, देश में प्रचूर मात्रा में अनाज का भंडार है, जिससे भारत की खाद्य सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित होती है। खास बात यह है कि भारत भोजन की कमी वाले देश से वैश्विक खाद्य प्रदाता बन गया है और विदेशी बाजारों में चावल आपूर्ति कर रहा है। इससे वैश्विक स्तर पर कीमतें नियंत्रित रखने में मदद मिल रही है।

विज्ञापन


नई किस्मों से किसानों की बढ़ेगी आय
कृषि मंत्री ने एक कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से विकसित 25 क्षेत्रीय फसलों की 184 उन्नत किस्मों का अनावरण किया। उन्होंने आगे कहा, ये 184 उन्नत किस्में किसानों के लिए लाभकारी होंगी, क्योंकि इससे उन्हें उच्च पैदावार और बेहतर गुणवत्ता वाली उपज प्राप्त होगी। साथ ही, फसल उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Maharashtra: लातूर से विलासराव देशमुख की यादें मिटाने के बयान पर घमासान, कांग्रेस ने भाजपा को लिया आड़े हाथ
विज्ञापन
विज्ञापन


देश कृषि क्रांति के नए युग में
कृषि मंत्री ने कहा, देश ने अधिक उपज देने वाले बीजों के विकास में बड़ी सफलता हासिल की है। अधिक उपज देने वाले और जलवायु के अनुकूल बीजों के विकास के बल पर देश कृषि क्रांति के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ये किस्में किसानों तक जल्द पहुंचें।

ये भी पढ़ें:- Karnataka: बतौर कर्नाटक के सीएम रिकॉर्ड बनाने जा रहे सिद्धारमैया; शिवकुमार ने दी बधाई; बोले- खुशी का समय

मोदी सरकार में 3,236 किस्मों को मंजूरी
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अधिक उपज देने वाली 3,236 किस्मों को मंजूरी दी है, जबकि 1969 से 2014 के बीच 3,969 किस्मों को ही अधिसूचित किया गया था। वर्ष 1969 में राजपत्र अधिसूचना प्रक्रिया शुरू होने के बाद से कुल 7,205 फसल किस्मों को अधिसूचित किया गया है, जिनमें चावल, गेहूं, ज्वार, मक्का, दालें, तिलहन और फाइबर फसलें शामिल हैं।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed