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India-Bangladesh: तेल पाइपलाइन दोनों देशों की अद्भुत दोस्ती की वास्तविक प्रदर्शन, बांग्लादेशी राजनयिक का बयान
Wed, 15 Mar 2023 05:00 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 15 Mar 2023 05:00 AM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना संयुक्त रूप से बांग्लादेश में 18 मार्च को पहली सीमा पार तेल पाइपलाइन का उद्घाटन करेंगे। इस खबर की पुष्टि करते हुए बांग्लादेश के उप उच्चायुक्त ने कहा, प्रधानमंत्री और शेख हसीना ने इस पाइपलाइन की शुरुआत करने की पहल की थी।
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पाइपलाइन
- फोटो : Demo Pic.
विस्तार
बांग्लादेश के उप उच्चायुक्त अंदलीब एलियास ने मंगलवार को कहा कि भारत और बांग्लादेश की पहली सीमा पार तेल पाइपलाइन दोनों देशों की अद्भुत दोस्ती की वास्तविक अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा, यह दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच विश्वास और आपसी सम्मान का गहरा रिश्ता है।
18 मार्च को होगा पाइपलाइन का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना संयुक्त रूप से बांग्लादेश में 18 मार्च को पहली सीमा पार तेल पाइपलाइन का उद्घाटन करेंगे। इस खबर की पुष्टि करते हुए बांग्लादेश के उप उच्चायुक्त ने कहा, प्रधानमंत्री और शेख हसीना ने इस पाइपलाइन की शुरुआत करने की पहल की थी। अब 18 मार्च को इसे औपचारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। इसके माध्यम से भारत से बांग्लादेश को तेल जाना शुरू हो जाएगा। यह एक बड़ा कदम है, हमारे पास जो अद्भुत दोस्ती है, उसमें आगे बढ़ें हैं।
बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने कहा, भारत भेजेगा तेल, काम पूरा
इससे पहले, गुरुवार को बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने एक ब्रीफिंग में संवाददाताओं से कहा, अच्छी खबर यह है कि भारत हमें डीजल भेजेगा... तेल पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा, 18 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पाइपलाइन का उद्घाटन होगा। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के अनुसार, 130 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन के माध्यम से भारत डीजल का निर्यात करेगा। पाइपलाइन बांग्लादेश क्षेत्र के अंदर 125 किमी और भारत के अंदर 5 किमी तक फैली हुई है। बांग्लादेश रेलगाड़ियों के माध्यम से अभी तक भारत से डीजल का आयात करता था।
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130 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर खर्च हुए करीब 377.08 करोड़ रुपये
अंतरराष्ट्रीय तेल पाइपलाइन आईबीएफपीएल के माध्यम से असम स्थित नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड़ (एनआरएल) के बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित विपणन टर्मिनल से बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसी) के परबतीपुर डिपो तक तेल पहुंचाया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये भारत-बांग्लादेश के प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति में सितंबर, 2018 में इस पाइपलाइन का शिलान्यास किया था। पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी रिफाइनरी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, यह परियोजना सही मायने में एक इंजीनियरिंग ‘चमत्कार’ है। यह दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और तकनीकी समझ के साथ पूरी हो सकी है। यह दो दक्षिण- एशियाई देशों के बीच अच्छे संबंधों का प्रमाण है।
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18 मार्च को होगा पाइपलाइन का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना संयुक्त रूप से बांग्लादेश में 18 मार्च को पहली सीमा पार तेल पाइपलाइन का उद्घाटन करेंगे। इस खबर की पुष्टि करते हुए बांग्लादेश के उप उच्चायुक्त ने कहा, प्रधानमंत्री और शेख हसीना ने इस पाइपलाइन की शुरुआत करने की पहल की थी। अब 18 मार्च को इसे औपचारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। इसके माध्यम से भारत से बांग्लादेश को तेल जाना शुरू हो जाएगा। यह एक बड़ा कदम है, हमारे पास जो अद्भुत दोस्ती है, उसमें आगे बढ़ें हैं।
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बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने कहा, भारत भेजेगा तेल, काम पूरा
इससे पहले, गुरुवार को बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने एक ब्रीफिंग में संवाददाताओं से कहा, अच्छी खबर यह है कि भारत हमें डीजल भेजेगा... तेल पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा, 18 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पाइपलाइन का उद्घाटन होगा। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के अनुसार, 130 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन के माध्यम से भारत डीजल का निर्यात करेगा। पाइपलाइन बांग्लादेश क्षेत्र के अंदर 125 किमी और भारत के अंदर 5 किमी तक फैली हुई है। बांग्लादेश रेलगाड़ियों के माध्यम से अभी तक भारत से डीजल का आयात करता था।
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130 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर खर्च हुए करीब 377.08 करोड़ रुपये
अंतरराष्ट्रीय तेल पाइपलाइन आईबीएफपीएल के माध्यम से असम स्थित नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड़ (एनआरएल) के बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित विपणन टर्मिनल से बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसी) के परबतीपुर डिपो तक तेल पहुंचाया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये भारत-बांग्लादेश के प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति में सितंबर, 2018 में इस पाइपलाइन का शिलान्यास किया था। पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी रिफाइनरी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, यह परियोजना सही मायने में एक इंजीनियरिंग ‘चमत्कार’ है। यह दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और तकनीकी समझ के साथ पूरी हो सकी है। यह दो दक्षिण- एशियाई देशों के बीच अच्छे संबंधों का प्रमाण है।