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India-Bangladesh: हिरासत में बंद मछुआरों की रिहाई का एलान, भारत-बांग्लादेश संबंधों में तल्खी के बीच बड़ी पहल
Thu, 02 Jan 2025 11:52 PM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Thu, 02 Jan 2025 11:52 PM IST
सार
विदेश मंत्रालय ने बताया कि बांग्लादेश तटरक्षक बल ने 5 जनवरी को भारतीय मछुआरों को भारतीय तटरक्षक बल को सौंप देगा। बदले में भारत भी उसी दिन 90 बांग्लादेशी मछुआरों को रिहा करेगा।
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भारत-बांग्लादेश संबंध
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
भारत-बांग्लादेश के द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच दोनों देशों ने आपसी सहमति से एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद मछुआरों को वापस भेजने का निर्णय लिया है। गुरुवार को बांग्लादेश ने की ओर से घोषणा की गई कि 5 जनवरी को 95 भारतीय मछुआरों को भारत अधिकारियों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। बांग्लादेश के इस एलान के बाद भारत की ओर से भी बयान जारी कर बताया गया कि वह भी उसी दिन 90 बांग्लादेशी मछुआरों को रिहा करेगा।
मामले में विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों ने इस फैसले को मछुआरों और उनके परिवारों की मानवीय और आजीविका संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लिया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि हाल के महीनों में कई भारतीय मछुआरे अनजाने में बांग्लादेश की सीमा में चले गए, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया। इसी तरह कुछ बांग्लादेशी मछुआरे भी भारतीय सीमा में पकड़े गए। मंत्रालय ने आगे बताया कि गुरुवार को बांग्लादेश तटरक्षक बल ने 5 जनवरी को 95 भारतीय मछुआरों को भारतीय तटरक्षक बल को सौंप देगा। इसके बदले में भारत भी उसी दिन 90 बांग्लादेशी मछुआरों को रिहा करेगा। साथ ही, दोनों देशों ने एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद मछली पकड़ने वाले जहाजों का भी आदान-प्रदान करने का एलान किया है।
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साथ ही विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत मछुआरों की सुरक्षा और उनके कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। बांग्लादेश की हिरासत में मौजूद भारतीय मछुआरों को रिहा कराने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। हालांकि, मछुआरों की वापसी के इस मानवीय कदम के बावजूद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताई है।
बांग्लादेश ने की मांग
गौरतलब है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हाल ही में भारत से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने की मांग की है। शेख हसीना वर्तमान में भारत में रह रही हैं। यह मांग और अल्पसंख्यकों पर हमलों का मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा रहा है। फिलहाल, मछुआरों की रिहाई का यह कदम द्विपक्षीय संबंधों को थोड़ा संतुलित करने की कोशिश है।
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मामले में विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों ने इस फैसले को मछुआरों और उनके परिवारों की मानवीय और आजीविका संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लिया है।
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भारतीय विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि हाल के महीनों में कई भारतीय मछुआरे अनजाने में बांग्लादेश की सीमा में चले गए, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया। इसी तरह कुछ बांग्लादेशी मछुआरे भी भारतीय सीमा में पकड़े गए। मंत्रालय ने आगे बताया कि गुरुवार को बांग्लादेश तटरक्षक बल ने 5 जनवरी को 95 भारतीय मछुआरों को भारतीय तटरक्षक बल को सौंप देगा। इसके बदले में भारत भी उसी दिन 90 बांग्लादेशी मछुआरों को रिहा करेगा। साथ ही, दोनों देशों ने एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद मछली पकड़ने वाले जहाजों का भी आदान-प्रदान करने का एलान किया है।
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साथ ही विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत मछुआरों की सुरक्षा और उनके कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। बांग्लादेश की हिरासत में मौजूद भारतीय मछुआरों को रिहा कराने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। हालांकि, मछुआरों की वापसी के इस मानवीय कदम के बावजूद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताई है।
बांग्लादेश ने की मांग
गौरतलब है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हाल ही में भारत से बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने की मांग की है। शेख हसीना वर्तमान में भारत में रह रही हैं। यह मांग और अल्पसंख्यकों पर हमलों का मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा रहा है। फिलहाल, मछुआरों की रिहाई का यह कदम द्विपक्षीय संबंधों को थोड़ा संतुलित करने की कोशिश है।