India Asean Ties: भारत-आसियान संबंधों के 30 वर्ष पूरे होने पर मनेगा जश्न, कला-संस्कृति जानेंगे विदेशी कलाकार
India Asean Ties: शिविर में शामिल हुए कलाकारों के लिए कई अंतर्विषयक गतिविधियों को भी शामिल किया जाएगा, जो उन्हें भारत की कला और परंपराओं के अन्य रूपों से अवगत कराएंगे। इसमें व्याख्यान प्रदर्शन, सेमिनार, चर्चा और अन्य शैक्षिक भ्रमण इस कैंप का हिस्सा होंगे...
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आसियान-भारत के वार्ता संबंधों के 30 साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए विदेश मंत्रालय (एमईए) और सेहर ने आसियान-भारत कलाकार शिविर के दूसरे संस्करण का आयोजन किया। इसका उद्घाटन हाल ही में किया गया। कार्यक्रम में सचिव (ईस्ट) विदेश मंत्रालय सौरभ कुमार बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। इसके अलावा विदेश मंत्रालय के अफसर और भारत में आसियान मिशनों के राजदूत भी मौजूद थे। कार्यक्रम का विषय, 'ओशन ऑफ कनेक्टिविटी' है, जो समुद्र को परिभाषित करता है, जिससे आसियान देश जुड़े हुए हैं।
शिविर में शामिल हुए कलाकारों के लिए कई अंतर्विषयक गतिविधियों को भी शामिल किया जाएगा, जो उन्हें भारत की कला और परंपराओं के अन्य रूपों से अवगत कराएंगे। इसमें व्याख्यान प्रदर्शन, सेमिनार, चर्चा और अन्य शैक्षिक भ्रमण इस कैंप का हिस्सा होंगे। कैंप में प्रसिद्ध चित्रकार समिंद्र नाथ मजूमदार भी एक संरक्षक के रूप में उपस्थित हैं। कलाकारों को संबोधित करते हुए, विदेश मंत्रालय के सचिव (ईस्ट) सौरभ कुमार ने कहा कि यह कलाकार शिविर 10 आसियान देशों और भारत की रचनात्मक ऊर्जा को एकजुट करने की एक महत्वपूर्ण युवा-केंद्रित गतिविधि है। जैसा कि हम आसियान-भारत वार्ता संबंधों की 30वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। भारत और आसियान के बीच लोगों से लोगों और सांस्कृतिक संपर्क को बढ़ाना वर्तमान आसियान-भारत संबंधों का एक अभिन्न अंग है। कलाकारों के इस शिविर का लक्ष्य भारत और आसियान के बीच रचनात्मक आदान-प्रदान की परंपरा को आगे ले जाना है, वहीं दो लोगों के बीच आपसी समझ को बढ़ाने के लिये एक माध्यम के रूप में काम करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फाउंडर डायरेक्टर, सेहर संजीव भार्गव ने कहा, आसियान-भारत कलाकार शिविर का दूसरा संस्करण, स्पष्ट रूप से इस बात का संकेत दे रहा है कि पहला संस्करण भारत और आसियान देशों के लोगों को एक साथ लाने में बेहद सफल रहा। यह कैंप उदयपुर में आयोजित किया जाएगा, जहां कलाकार अपनी कलाकृति तैयार करेंगे, एक-दूसरे के साथ समय बिताएंगे और आपस में विचार साझा करेंगे। ये लोग हिस्सा लेने वाले सभी देशों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत से रू-ब-रू होंगे।
नौ दिवसीय शिविर उदयपुर के ताज अरावली रिसोर्ट में आयोजित होगा। जहां कलाकार अपनी कलाकृति पर काम करके प्रेरक कलाकृतियां बनाएंगे। अपने प्रवास के दौरान, कलाकार विभिन्न विषयों पर बातचीत और पैनल चर्चा में शामिल होंगे। इसके अलावा उदयपुर में सिटी पैलेस, पिछोला झील और शहर के बाजार जैसे खूबसूरत स्थानों को देखेंगे। 19 अक्तूबर को लोगों और स्थानीय नगर प्रशासन के लिए आयोजन स्थल पर कलाकृतियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
अपने पहले सफल संस्करण के बाद विदेश मंत्रालय ने भारत-आसियान कलाकार शिविर के साथ 30 सालों के संबंधों का जश्न मनाने के लिए सेहर के साथ साझेदारी की है। नौ दिनों के इस कैंप में भारत के अलावा इंडोनेशिया, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रूनेई, थाईलैंड, कंबोडिया, लाओ पीडीआर, म्यांमार और वियतनाम के कलाकार भाग ले रहे हैं।