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तनाव के बीच आतंक रोधी अभ्यास में हिस्सा लेंगे भारत-पाकिस्तान
Sun, 17 Mar 2019 10:00 AM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Sun, 17 Mar 2019 10:00 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देश, जिनमें भारत और पाकिस्तान भी शामिल हैं, इस साल कजाकिस्तान में होने वाले संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभ्यास में हिस्सा लेंगे।
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एससीओ की क्षेत्रीय आतंकवाद रोधी संरचना परिषद (आरएटीएस) ने शुक्रवार को कहा, "एससीओ सदस्य देश संयुक्त आतंकवाद-विरोधी अभ्यास 'सैरी-अरका-एंटी टेरर 2019' में शामिल होंगे।"
इस अभ्यास की घोषणा आरएटीएस की 34वीं बैठक में की गई। ये बैठक उजबेकिस्तान के ताशकेंत प्रांत में आयोजित हुई थी। भारत और पाकिस्तान भी इस संगठन के पूर्ण सदस्य हैं। संगठन का मुख्यालय चीन की राजधानी बीजिंग में स्थित है। बीते साल रूस में हुए संगठन के वॉर गेम में भी दोनों देशों ने हिस्सा लिया था।
पुलवामा हमले के बाद ऐसा पहली बार है कि जब भारत, पाकिस्तान, चीन और अन्य सदस्यों देशों की सेनाएं सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रही हैं। संगठन के अन्य सदस्य देश रूस, किर्गिस्तान, उजबेकिस्तान, तजाकिस्तान और कजाकिस्तान हैं।
2018 के अभ्यास के लिए भारत ने राजपूत रेजिमेंट की 5 वीं बटालियन से 200-सैनिक टुकड़ी को चुना था। नई दिल्ली ने अभ्यास के लिए भारतीय वायु सेना की एक रेजिमेंट भी भेजी थी। आरएटीएस ने बयान में इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है कि 2019 में होने वाला अभ्यास कब होगा।
लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं है कि ये अभ्यास पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित करेगा। भारत और पाकिस्तान के बीच भी ये दुर्लभ अवसर है, जब दोनों देशों के सैनिक और अधिकारी दशकों पुरानी दुश्मनी, युद्ध और हिंसा के इतिहास की पृष्ठभूमि में मैत्रीपूर्ण तरीके से अभ्यास करेंगे।
दोनों देशों के बीच जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से तनाव जारी है। इस आत्मघाती हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को निशाना बनाया गया। हमले में 40 जवान शहीद हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। लेकिन भारत की ओर से सबूत पेश करने के बावजूद भी पाकिस्तान ने उसके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया।
भारत और पाकिस्तान के बीच बाद में तनाव और भी बढ़ गया। 26 फरवरी को भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों पर हवाई हमला किया। जिसमें जैश का मुख्यालय भी शामिल था। इसके अगले दिन पाकिस्तान ने भारत के सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला कर दिया।