पाकिस्तान की जेलों में बंद हैं 457 भारतीय, न्यूक्लियर सेटअप की भी मिली जानकारी
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भारत और पाकिस्तान ने सोमवार को एक समझौते के तहत अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया है जिसका लक्ष्य दोनों पक्षों को हमला करने से रोकना है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह आदान-प्रदान राजनयिक माध्यमों के द्वारा दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच हुआ।
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विदेश मंत्रालय ने बताया कि 27 वीं बार दोनों देशों के बीच ये आदान-प्रदान किया गया है। समझौते के मुताबिक दोनों देशों को हर साल अपने परमाणु सेटअप के बारे में बताना जरूरी है।
India and Pakistan today exchanged, through diplomatic channels simultaneously at New Delhi and Islamabad, the list of nuclear installations and facilities covered under the Agreement on the Prohibition of Attack against Nuclear installations between India and Pakistan: MEA
— ANI (@ANI) January 1, 2018
बता दें कि भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची के आदान-प्रदान के इस समझौते पर 31 दिसंबर 1988 में हस्ताक्षर हुए थे, लेकिन 27 जनवरी 1991 में इसे दोनों देश अमल में लाए।
जिसके बाद हर साल 1 जनवरी को दोनों देश परमाणु सेटअप की जानकारी साझा करते आ रहे हैं। वहीं पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी के साथ बदसलूकी के बाद दोनों देशों के बीच इस आदान-प्रदान को मरहम के तौर पर देखा जा रहा है।
पाकिस्तान की जेलों में बंद हैं 457 भारतीय
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बताया कि कैदियों की सूची साझा करने का यह कदम 21 मई 2008 को हस्ताक्षरित पाक - भारत के बीच काउंसलर एक्सेस समझौते के प्रावधानों के अनुरूप था। इस समझौते के तहत दोनों देशों को हर साल दो बार, पहली जनवरी और एक जुलाई को कैदियों की सूची एक दूसरे से साझा करनी होती है।
पाक विदेश मंत्रालय ने बताया कि आगामी 08 जनवरी को पाकिस्तानी जेलों में बंद 399 मछुआरों में से 146 भारतीय मछुआरे रिहा किए जाएंगे। भारत भी नई दिल्ली में पाक उच्चायोग को पाकिस्तानी कैदियों की सूची सौंपेगा।