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गगनयान के अंतरिक्ष यात्रियों के लिए जरूरी उपकरणों पर चर्चा कर रहे फ्रांस और भारत
Sun, 30 Aug 2020 04:59 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 30 Aug 2020 04:59 PM IST
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गगनयान के लिए भारतीय पायलटों का प्रशिक्षण
- फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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गगनयान के अंतरिक्ष यात्रियों को जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने के लिए भारत और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसियां चर्चा के अंतिम चरण में हैं। अधिकारियों ने कहा कि गगनयान के अंतरिक्ष यात्रियों को अगले साल के लिए निर्धारित मिशन अल्फा जैसे उपकरण उपलब्ध कराए जा सकते हैं। स्पेस एजेंसी ऑफ फ्रांस के नेशनल सेंटर फॉर स्पेस स्टडीस (सीएनईएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मिशन अल्फा के लिए उपकरणों पर काम चल रहा है।
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सीएनईएस के अधिकारी ने कहा, 'चर्चा अंतिम चरण में है। इसे लेकर जल्द ही एक घोषणा की जा सकती है। मिशन अल्फा के लिए उपकरणों पर काम चल रहा है।' हालांकि, अधिकारी ने इस उपकरण के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। भारत और फ्रांस अंतरिक्ष के क्षेत्र में मजबूत सहयोग साझा करते हैं। दोनों देशों की अंतरिक्ष एजेंसियां करीब 10 हजार करोड़ रुपये के गगनयान मिशन में सहयोग कर रही हैं। इसका उद्देश्य 2022 तक तीन भारतीयों को अंतरिक्ष में भेजना है।
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पिछले साल, सीएनईएस के साथ फ्लाइट सर्जन ब्रिगिट गोडार्ड भारत में चिकित्सकों और इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने के लिए थे। फ्रांस में अंतरिक्ष चिकित्सा (स्पेस मेडिसिन) के लिए एक अच्छी तरह से स्थापित तंत्र है। इसमें फ्रेंच इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस मेडिसिन एंड फिजियोलॉजी है, जहां अंतरिक्ष सर्जन प्रशिक्षण से गुजरते हैं। इसरो के एक अधिकारी ने कहा, 'एक बार कोरोना वायरस की वजह से उत्पन्न हुई स्थिति सामान्य होने के बाद अगले साल भारतीय स्पेस सर्जन भी फ्रांस जाएंगे।'
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