I.N.D.I.A Alliance: ईडी के एक्शन के बीच 2024 में BJP को हराने के लिए विपक्ष को समझ आया सत्यपाल मलिक फॉर्मूला
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विस्तार
ईडी की सक्रियता के बीच 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' के क्षत्रपों को अब सत्यपाल मलिक का फॉर्मूला समझ आने लगा है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने 'इंडिया' गठबंधन को वह फॉर्मूला सुझाया है, जिसकी मदद से आगामी लोकसभा चुनाव में 'एनडीए' को कड़ी टक्कर दी जा सकती है। मलिक ने कहा है कि विपक्षी दलों के बीच 'सीट शेयरिंग' का फॉर्मूला अगर 'एक उम्मीदवार के बदले एक उम्मीदवार' पर तय होता है, तो भाजपा और मोदी को हराने में कामयाबी मिल सकती है। सूत्रों का कहना है पिछले दिनों राहुल गांधी के साथ हुई मुलाकात के दौरान सत्यपाल मलिक ने 'एक सीट, एक उम्मीदवार' का फॉर्मूला सुझाया है। बुधवार को आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भी कह दिया है कि भाजपा के एक प्रत्याशी के खिलाफ इंडिया (विपक्षी गठबंधन) का एक ही प्रत्याशी उतरता है, तो भाजपा हारती हुई दिखती है। ऐसे में भाजपा की रणनीति है कि विपक्षी दलों के टॉप नेता को जेल में डाल दिया जाए। अगर वह नेता जेल में होगा तो चुनाव कैसे लड़ पाएगा।
सत्यपाल मलिक ने दिया था ये फॉर्मूला
जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सुझाव दिया था कि एक सीट पर एनडीए के प्रत्याशी के सामने 'इंडिया' की तरफ से भी एक ही उम्मीदवार हो। अगर ऐसा संभव हो गया तो ये लोग (भाजपा) दिल्ली में बचेंगे नहीं। अपने बयानों से केंद्र सरकार के लिए नित्य नई मुसीबत खड़ी करने वाले सत्यपाल मलिक ने विपक्षी दलों को कई अहम सुझाव दिए हैं। जिस तरह से वे केंद्र सरकार पर हमला बोल रहे हैं, उसके चलते उन्हें इंडिया गठबंधन में 'विपक्षी चाणक्य' कहा जाने लगा है। मलिक ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को टक्कर देने के लिए विपक्षी दलों को एक मंत्र दे दिया है। पूर्व राज्यपाल ने कहा था, मैंने दिल्ली में सभी राजनीतिक दलों से बात की है। वे इस बात पर राजी हैं कि एक उम्मीदवार के बदले एक प्रत्याशी खड़ा करेंगे। अगर ऐसा संभव हो गया तो ही भाजपा और मोदी को हराने में कामयाबी मिल सकेगी। अगर एक समान मकसद के लिए सभी दल एकत्रित हो जाते हैं तो दिल्ली में भाजपा को कोई बचा नहीं सकता।
अधिकांश विपक्षी दल भी सहमत हैं
मलिक ने कहा था, मैंने दिल्ली में सभी पार्टियों से बात की है। सभी राजनीतिक दल इस बात पर सहमत हैं कि 2024 के लोकसभा चुनाव में 'एक उम्मीदवार के बदले एक उम्मीदवार खड़ा हो' की रणनीति पर काम करेंगे। ऐसा संभव हो जाता है तो वोट नहीं बटेंगे। उसके बाद भाजपा वाले दिल्ली में नहीं लौट पाएंगे। तब इनका नाम लेने वाला कोई नहीं होगा। आज जिस घमंड को लेकर ये लोग घूम रहे हैं, वह चूर-चूर हो जाएगा। सत्यपाल मलिक ने राजस्थान के सीकर में आयोजित एक जनसभा में कहा था, एक बात यह भी समझ लो कि इस बार यानी 2024 के आम चुनाव में, ये लोग बच गए तो उसके बाद आप नहीं बचेंगे। आपके पास यह आखिरी मौका है। उन्होंने यह बात इसलिए कही, क्योंकि अगले साल होने वाले आम चुनाव को लेकर भाजपा उत्साहित है। वजह, भाजपा के 44वें स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने कहा था, हमें अति आत्मविश्वास का शिकार नहीं होना है। लोग अभी से कह रहे हैं कि 2024 में भाजपा को कोई नहीं हरा सकता।
इस फॉर्मूले में विपक्ष के वोट नहीं होंगे विभाजित
राजनीतिक जानकार रशीद किदवई कहते हैं, सत्यपाल मलिक ने बिल्कुल सही सुझाव दिया है। मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्षी दलों के लिए 'एक सीट एक उम्मीदवार' का फॉर्मूला बहुत कारगर साबित हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो एनडीए को कड़ी टक्कर दी जा सकती है। वजह, 'एक सीट एक उम्मीदवार' के फॉर्मूले में विपक्ष के वोट नहीं विभाजित होंगे। हालांकि अभी तक 'इंडिया' की बैठकों के जो नतीजे सामने आ रहे हैं, उन्हें देखकर लगता है कि 'एक सीट एक उम्मीदवार' के फॉर्मूले पर कहीं न कहीं सहमति बन जाएगी। भले ही कई दलों को यह फॉर्मूला घाटे का सौदा लगे, लेकिन उनके संयुक्त लक्ष्य की प्राप्ति के लिए यह जरूरी है। विपक्षी दलों की तरफ से इस फॉर्मूले पर काम शुरू हो गया है।
ईडी के एक्शन को लेकर करीब आ रहा विपक्ष
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ईडी के एक्शन के बाद विपक्षी दल, करीब आ रहे हैं। भले ही पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में विपक्षी दलों का गठबंधन अलग-अलग सिंबल पर चुनाव लड़ रहा है, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर 'इंडिया' की संयुक्त रणनीति बन रही है। इतना ही नहीं, विधानसभा चुनाव के नतीजे जो भी रहें, मगर 2024 में इंडिया गठबंधन, संयुक्त तौर पर ही मैदान में उतरेगा। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के ठिकाने पर ईडी के छापे और गिरफ्तारी, इस बात ने विपक्ष को एक-दूसरे के करीब ला दिया है। राघव चड्ढा ने कहा, भाजपा की एजेंसियां, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर सकती हैं।
भाजपा का मकसद है कि केजरीवाल को जेल में डालो और दिल्ली की सातों सीटें अपनी जेब में डालो। इसके बाद झारखंड में हेमंत सोरेन में साथ भी यही होगा। यहां पर लोकसभा की 14 सीटें हैं। बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं, वहां नीतीश कुमार की गिरफ़्तारी की योजना बनी। तेजस्वी यादव को गिरफ्तार किया जाएगा। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को हराना मुश्किल है, तो वहां अभिषेक बनर्जी को जेल में डालेंगे। इसके बाद केरल में दस्तक देंगे। वहां की बीस लोकसभा सीटों में से भाजपा के पास एक भी नहीं है। ऐसे में सीएम पिनराई विजयन को गिरफ्तार करना चाहते हैं। 39 सीटों वाले तमिलनाडु में एंट्री करने के लिए एमके स्टालिन के करीबियों को जेल में डाला जाएगा। तेलंगाना में केसीआर और उनके बेटा-बेटी को गिरफ्तार किया जाएगा। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के साथ भी ऐसा कुछ संभावित है।