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भारत में तीन एयरलाइंस को मंजूरी, इनके मालिक कौन?: शंख एयर से लेकर अल-हिंद तक, जानें कंपनियों की पृष्ठभूमि
Wed, 24 Dec 2025 08:25 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Wed, 24 Dec 2025 08:25 PM IST
सार
केंद्र सरकार की तरफ से तीन नई एयरलाइंस को मंजूरी दी गई है। डीजीसीए की तरफ से कुछ मानकों को पूरा करने और जरूरी निरीक्षण के बाद यह एयरलाइंस भारत के घरेलू बाजार में जगह बना सकती हैं। इससे आने वाले समय में यात्रियों के पास विमानन सेवा के लिए कई विकल्प होंगे।
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भारत में जल्द नजर आ सकती हैं तीन नई एयरलाइंस।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्र सरकार ने तीन नई एयरलाइंस को मंजूरी दे दी है। शंख एयर, अल-हिंद एयर और फ्लाई एक्सप्रेस नाम से उड्डयन सेवाओं में एंट्री की मांग करने वाली इन कंपनियों के आने से जल्द भी भारत के नागर विमानन क्षेत्र में प्रतियोगिता बढ़ सकती है। दरअसल, मौजूदा समय की बात करें तो भारत में मुख्यतः दो ही एयरलाइंस मुकाबले में हैं। इनमें से एक है इंडिगो, जिसके पास पहले ही भारत के 50 फीसदी उड़ान संचालन पर नियंत्रण है। वहीं, दूसरा नाम है एयर इंडिया का, जो कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के साथ घरेलू बाजार में भी तेजी से जगह बना रही है।
इन दो बड़ी कंपनियों के अलावा स्पाइसजेट, अकासा, अलायंस एयर भारत के घरेलू बाजार में थोड़ी जगह रखते हैं। हालांकि, कुछ अभियानगत दिक्कतों के चलते मौजूदा समय में भारत की विमानन सेवाएं इंडिगो और एयर इंडिया पर ही निर्भर हैं। इसका एक असर हाल ही में इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के बाद देखा गया था, जब हजारों की संख्या में यात्री जहां-तहां फंस गए थे। ऐसे में सरकार अब घरेलू हवाई क्षेत्र में प्रतियोगिता बढ़ाने की तैयारी कर चुकी है। इसी के चलते तीन एयरलाइन कंपनियों को मंजूरी भी दी गई है। अब नागर विमानन महानिदेशालय की तरफ से जरूरी निरीक्षण और मानकों की जांच किए जाने के बाद इन एयरलाइंस को जल्द ही भारत के आकाश में देखा जा सकता है।
क्या एविएशन में खत्म होगा गिनी-चुनी कंपनियों का दबदबा: सरकार ने दी नई एयरलाइंस को मंजूरी, जानिए एंट्री किनकी
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इन दो बड़ी कंपनियों के अलावा स्पाइसजेट, अकासा, अलायंस एयर भारत के घरेलू बाजार में थोड़ी जगह रखते हैं। हालांकि, कुछ अभियानगत दिक्कतों के चलते मौजूदा समय में भारत की विमानन सेवाएं इंडिगो और एयर इंडिया पर ही निर्भर हैं। इसका एक असर हाल ही में इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के बाद देखा गया था, जब हजारों की संख्या में यात्री जहां-तहां फंस गए थे। ऐसे में सरकार अब घरेलू हवाई क्षेत्र में प्रतियोगिता बढ़ाने की तैयारी कर चुकी है। इसी के चलते तीन एयरलाइन कंपनियों को मंजूरी भी दी गई है। अब नागर विमानन महानिदेशालय की तरफ से जरूरी निरीक्षण और मानकों की जांच किए जाने के बाद इन एयरलाइंस को जल्द ही भारत के आकाश में देखा जा सकता है।
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क्या है शंख एयर, इसके संस्थापक कौन, पृष्ठभूमि क्या?
जिन तीन कंपनियों को भारत के घरेलू बाजार में जल्द देखा जा सकता है, उनमें पहला नाम शंख एयर का है। शंख एयर को सितंबर 2024 में ही नागर विमानन मंत्रालय से संचालन की मंजूरी मिल गई थी। इसके बाद डीजीसीए ने एयरलाइन को अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी दे दिया था। बताया जा रहा है कि शंख एयर 2026 की पहली तिमाही में भारत के घरेलू बाजार में एंट्री कर सकता है।
जिन तीन कंपनियों को भारत के घरेलू बाजार में जल्द देखा जा सकता है, उनमें पहला नाम शंख एयर का है। शंख एयर को सितंबर 2024 में ही नागर विमानन मंत्रालय से संचालन की मंजूरी मिल गई थी। इसके बाद डीजीसीए ने एयरलाइन को अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) भी दे दिया था। बताया जा रहा है कि शंख एयर 2026 की पहली तिमाही में भारत के घरेलू बाजार में एंट्री कर सकता है।
- शंख एयर की वेबसाइट के मुताबिक, इसकी स्थापना 2023 में श्रवण कुमार विश्वकर्मा ने की थी। इस कंपनी का ध्येय वाक्य- वसुधैव कुटुम्बकम है।
- शंख एयर को मुख्यतः प्रदेश आधारित एयरलाइन के तौर पर लॉन्च किया जा रहा है। इसका केंद्र उत्तर प्रदेश का लखनऊ और नोएडा होगा।
- इसके अलावा एयरलाइन लखनऊ, वाराणसी, आगरा, गोरखपुर के लिए सस्ती दरों पर उड़ानें मुहैया कराने की योजना बना रही है।
- कंपनी ने अपनी विमानन सेवा के लिए बोइंग के अगली पीढ़ी के विमानों को रखने की बात कही है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा सके।
- यह एयरलाइन फुल सर्विस कैरियर के तौर काम करेगी। कंपनी अगले दो से तीन साल में 20-25 एयरक्राफ्ट का बेड़ा तैयार करेगी।
कौन है शंख एयर का मालिक?
शंख एयर के मालिक श्रवण कुमार विश्वकर्मा है, जो कि शंख एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं। इस कंपनी की स्थापना 2022 में हुई और यह निर्माण कार्य में लगने वाले उत्पादों, सेरेमिक्स, कॉन्क्रीट और होलसेल उत्पादों की बिक्री-खरीद से जुड़ी है।
शंख एयर के मालिक श्रवण कुमार विश्वकर्मा है, जो कि शंख एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं। इस कंपनी की स्थापना 2022 में हुई और यह निर्माण कार्य में लगने वाले उत्पादों, सेरेमिक्स, कॉन्क्रीट और होलसेल उत्पादों की बिक्री-खरीद से जुड़ी है।
क्या है अल-हिंद एयर, इसके संस्थापक-पृष्ठभूमि क्या?
नागर विमानन मंत्रालय राममोहन नायडू ने अल-हिंद एयर को भी संचालन की मंजूरी दे दी है। अल-हिंद का केंद्र केरल होगा और यह कंपनी भी अगले साल की शुरुआत में संचालन शुरू कर सकती है। इस कंपनी का मालिकाना हक कोझिकोड आधारित अल-हिंद ग्रुप के पास है, जिसका सफर 1992 में अल-हिंद टूर एंड ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के जरिए हुआ था। अल-हिंद एयर को पहले जून 2025 तक संचालन शुरू करना था, हालांकि नियामकों की ओर से देरी हुई है।
नागर विमानन मंत्रालय राममोहन नायडू ने अल-हिंद एयर को भी संचालन की मंजूरी दे दी है। अल-हिंद का केंद्र केरल होगा और यह कंपनी भी अगले साल की शुरुआत में संचालन शुरू कर सकती है। इस कंपनी का मालिकाना हक कोझिकोड आधारित अल-हिंद ग्रुप के पास है, जिसका सफर 1992 में अल-हिंद टूर एंड ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के जरिए हुआ था। अल-हिंद एयर को पहले जून 2025 तक संचालन शुरू करना था, हालांकि नियामकों की ओर से देरी हुई है।
- अल-हिंद एयरलाइन को लॉन्च करने वाली कंपनी अल-हिंद ग्रुप है। यह एयरलाइन पहले दक्षिण भारत और फिर खाड़ी देशों के बीच हवाई सेवाओं को बढ़ावा देगी।
- एयरलाइन पहले घरेलू उड़ानों के लिए एटीआर विमानों से शुरुआत करेगी, इसके बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एयरबस ए320 विमान का संचालन किया जाएगा।
- कंपनी शुरुआती समय में दक्षिण भारत में संचालन पर जोर देगी और कोच्ची से बंगलूरू, तिरुवनंतपुरम और चेन्नई में उड़ानों को बढ़ाएगी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में उतरेगी।
- अल-हिंद एयरलाइन एक साल के अंदर सात एयरक्राफ्ट शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। वहीं अगले कुछ दिनों में भारत के 40 शहरों को जोड़ने और फिर 20 विमानों के साथ अंतरराष्ट्रीय सेवा शुरू करने की योजना बना रही है।
- उनका दावा है कि हर साल हज और उमराह के लिए केरल से अच्छी संख्या में यात्री जाते हैं। इसके चलते कंपनी ने सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत और यूएई में इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है।
कौन है अल-हिंद ग्रुप के प्रमोटर?
अल-हिंद ग्रुप के प्रमोटर मोहम्मद हारिस हैं, जो कि अल-हिंद ग्रुप के प्रमोटर हैं। इस ग्रुप की शुरुआत 1992 में हुई थी और फिलहाल इस समूह का एयर टिकटिंग बिजनेस ही 600 करोड़ रुपये प्रति माह के करीब है। ग्रुप का टर्नओवर करीब 20 हजार करोड़ रुपये का है। अल-हिंद ग्रुप के प्रमोटर मो. हारिस के मुताबिक, एयरलाइन के पास पहले ही टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी की वजह से यात्रियों को एक अच्छा आधार है, जिससे इसके सफल होने की संभावना ज्यादा है। हारिस का कहना है कि उनके समूह के टिकटिंग बिजनेस का 60% हिस्सा खाड़ी देशों के लिए होता है। उनका समूह होटल और चार्टर बिजनेस से जुड़ा है, जिससे एयरलाइन का संचालन भी आसान होगा।
अल-हिंद ग्रुप के प्रमोटर मोहम्मद हारिस हैं, जो कि अल-हिंद ग्रुप के प्रमोटर हैं। इस ग्रुप की शुरुआत 1992 में हुई थी और फिलहाल इस समूह का एयर टिकटिंग बिजनेस ही 600 करोड़ रुपये प्रति माह के करीब है। ग्रुप का टर्नओवर करीब 20 हजार करोड़ रुपये का है। अल-हिंद ग्रुप के प्रमोटर मो. हारिस के मुताबिक, एयरलाइन के पास पहले ही टूर एंड ट्रैवल्स कंपनी की वजह से यात्रियों को एक अच्छा आधार है, जिससे इसके सफल होने की संभावना ज्यादा है। हारिस का कहना है कि उनके समूह के टिकटिंग बिजनेस का 60% हिस्सा खाड़ी देशों के लिए होता है। उनका समूह होटल और चार्टर बिजनेस से जुड़ा है, जिससे एयरलाइन का संचालन भी आसान होगा।
क्या है फ्लाईएक्सप्रेस, इसके मालिक कौन, पृष्ठभूमि क्या?
केंद्र सरकार की तरफ से जिस तीसरी कंपनी को संचालन की मंजूरी दी है, उसमें फ्लाईएक्सप्रेस शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस एयरलाइन के पीछे हैदराबाद आधारित कोरियर एंड कार्गो सर्विस कंपनी फ्लाईएक्सप्रेस है। फ्लाईएक्सप्रेस कोरियर एंड कार्गो कंपनी की जानकारी भी सार्वजनिक नहीं है, हालांकि इसके प्रमुख का नाम कोनकाती सुरेश बताया गया है।
मौजूदा समय में इसके मालिक, कॉरपोरेट पृष्ठभूमि, विमानों के बेडे़ और रूट्स की जानकारी मौजूद नहीं है। हालांकि, एयरलाइन की एक वेबसाइट है, जिस पर जल्द सेवा शुरू होने की बात कही गई है।
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केंद्र सरकार की तरफ से जिस तीसरी कंपनी को संचालन की मंजूरी दी है, उसमें फ्लाईएक्सप्रेस शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस एयरलाइन के पीछे हैदराबाद आधारित कोरियर एंड कार्गो सर्विस कंपनी फ्लाईएक्सप्रेस है। फ्लाईएक्सप्रेस कोरियर एंड कार्गो कंपनी की जानकारी भी सार्वजनिक नहीं है, हालांकि इसके प्रमुख का नाम कोनकाती सुरेश बताया गया है।
मौजूदा समय में इसके मालिक, कॉरपोरेट पृष्ठभूमि, विमानों के बेडे़ और रूट्स की जानकारी मौजूद नहीं है। हालांकि, एयरलाइन की एक वेबसाइट है, जिस पर जल्द सेवा शुरू होने की बात कही गई है।
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