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Congress: 'शानदार विरासत मलबे का ढेर बनी', कांग्रेस बोली- गाजा प्रस्ताव पर भारत की गैरमौजूदगी शर्मनाक
Sat, 14 Jun 2025 03:30 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 14 Jun 2025 03:30 PM IST
सार
कांग्रेस महासचिव ने सवाल किया कि देश, संविधान के सिद्धांतों और आजादी के मूल्यों को कैसे छोड़ सकता है। आज दुनिया में भेदभाव बढ़ रहा है, हमें मानवता के लिए आवाज उठानी चाहिए और सच्चाई और अहिंसा के साथ पूरी निडरता के साथ खड़े होना चाहिए।
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प्रियंका गांधी
- फोटो : PTI
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विस्तार
कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में गाजा में युद्धविराम के लिए पेश प्रस्ताव पर मतदान से भारत की गैरमौजूदगी शर्मनाक है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि भारत ने हमेशा फलस्तीन का पक्ष लिया, लेकिन इस शानदार विरासत को मलबे में बदल दिया गया है।
'यह मानवीय त्रासदी'
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि 'यह बेहद शर्मनाक है कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में गाजा में युद्धविराम प्रस्ताव पर मतदान से दूरी बनाई। भारत हमेशा से शांति, न्याय और इंसानी अस्मिता का समर्थक रहा है। फलस्तीन में 60 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं और इनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं। हजारों लोग भूख से मर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय मदद भी रोक दी गई है। यह मानवीय त्रासदी है। भारत ने हमेशा फलस्तीन का समर्थन किया है और यह सिद्धांतों की बात है न कि रणनीति की, लेकिन आज शानदार विरासत को मलबे में बदल दिया गया है।'
ये भी पढ़ें- Israel vs. Iran: मोसाद ने कैसे ईरान में बनाया ड्रोन का बेस, कहां किए हमले; किन सैन्य अफसरों को मारा, वजह क्या?
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'गाजा की पूरी आबादी को भूख से मरने के लिए छोड़ दिया गया है'
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी गाजा में युद्धविराम के प्रस्ताव पर मतदान से दूर रहने पर भारत सरकार की आलोचना की। सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में प्रियंका गांधी वाड्रा ने लिखा कि भारत सरकार ने तब स्टैंड लेने से इनकार कर दिया, जब गाजा में 60 हजार लोग मारे जा चुके हैं और गाजा की पूरी आबादी को बंद करके रखा गया है और उन्हें भूख से मरने के लिए छोड़ दिया गया है। प्रियंका गांधी ने लिखा कि ये शर्मनाक है कि हमारी सरकार न सिर्फ गाजा के मुद्दे पर चुप है बल्कि इस्राइल सरकार के ईरान पर हमले की भी खुशी मना रही है, जबकि ईरान के पूरे नेतृत्व को मार दिया गया है। कांग्रेस महासचिव ने सवाल किया कि देश, संविधान के सिद्धांतों और आजादी के मूल्यों को कैसे छोड़ सकता है। आज दुनिया में भेदभाव बढ़ रहा है, हमें मानवता के लिए आवाज उठानी चाहिए और सच्चाई और अहिंसा के साथ पूरी निडरता के साथ खड़े होना चाहिए।
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'यह मानवीय त्रासदी'
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि 'यह बेहद शर्मनाक है कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में गाजा में युद्धविराम प्रस्ताव पर मतदान से दूरी बनाई। भारत हमेशा से शांति, न्याय और इंसानी अस्मिता का समर्थक रहा है। फलस्तीन में 60 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं और इनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं। हजारों लोग भूख से मर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय मदद भी रोक दी गई है। यह मानवीय त्रासदी है। भारत ने हमेशा फलस्तीन का समर्थन किया है और यह सिद्धांतों की बात है न कि रणनीति की, लेकिन आज शानदार विरासत को मलबे में बदल दिया गया है।'
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'गाजा की पूरी आबादी को भूख से मरने के लिए छोड़ दिया गया है'
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी गाजा में युद्धविराम के प्रस्ताव पर मतदान से दूर रहने पर भारत सरकार की आलोचना की। सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में प्रियंका गांधी वाड्रा ने लिखा कि भारत सरकार ने तब स्टैंड लेने से इनकार कर दिया, जब गाजा में 60 हजार लोग मारे जा चुके हैं और गाजा की पूरी आबादी को बंद करके रखा गया है और उन्हें भूख से मरने के लिए छोड़ दिया गया है। प्रियंका गांधी ने लिखा कि ये शर्मनाक है कि हमारी सरकार न सिर्फ गाजा के मुद्दे पर चुप है बल्कि इस्राइल सरकार के ईरान पर हमले की भी खुशी मना रही है, जबकि ईरान के पूरे नेतृत्व को मार दिया गया है। कांग्रेस महासचिव ने सवाल किया कि देश, संविधान के सिद्धांतों और आजादी के मूल्यों को कैसे छोड़ सकता है। आज दुनिया में भेदभाव बढ़ रहा है, हमें मानवता के लिए आवाज उठानी चाहिए और सच्चाई और अहिंसा के साथ पूरी निडरता के साथ खड़े होना चाहिए।