मणिपुर: कांगपोकपी के दो राजमार्गों पर फिर अनिश्चितकालीन नाकाबंदी, 17 अगस्त को दी थी चेतावनी
सीओटीयू के सचिव लामिनलुन सिंगसिट ने 17 अगस्त को कहा था कि यदि राज्य पहाड़ी इलाकों में कुकी जो समुदायों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नहीं की गई तो एनएच 2 (इंफाल-दीमापुर) और एनएच 37 (इंफाल-सिलचर) पर नाकेबंदी फिर से की जाएगी।
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जनजातीय एकता समिति (सीओटीयू) सदर हिल्स कांगपोकपी ने राज्य के पहाड़ी इलाकों में कुकी-जो समुदाय को आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति की मांग को लेकर कांगपोकपी जिले में दो राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनिश्चितकालीन नाकाबंदी लगा दी। सीओटीयू ने सोमवार को एनएच 2 पर नाकाबंदी की। यह राजमार्ग इंफाल को नगालैंड के दीमापुर से जोड़ता है और एनएच 37 असम के सिलचर से जोड़ता है।
एक अधिकारी ने बताया कि नाकाबंदी लागू करने और वाहनों की आवाजाही को रोकने के लिए आदिवासी निकाय के स्वयंसेवक कांगपोकपी जिले के कुछ जगहों पर सड़कों पर उतरे। सीओटीयू के सचिव लामिनलुन सिंगसिट ने 17 अगस्त को कहा था कि यदि राज्य पहाड़ी इलाकों में कुकी जो समुदायों को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नहीं की गई तो एनएच 2 (इंफाल-दीमापुर) और एनएच 37 (इंफाल-सिलचर) पर नाकेबंदी फिर से की जाएगी।
पुलिस ने रविवार को कहा था कि एनएच 2 पर आवश्यक वस्तुओं के साथ 163 वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित की गई है। सभी संवेदनशील स्थानों पर सख्त सुरक्षा उपाय किए गए हैं और वाहनों की स्वतंत्र तथा सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा काफिला उपलब्ध कराया गया है। एक अन्य जनजातीय संगठन कुकी जो डिफेंस फोर्स ने भी चेतावनी दी है कि यदि कुकी जो बसे हुए क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो वह 26 अगस्त से नाकेबंदी करेंगे।
कैबिनेट सिफारिश के बाद भी शुरू नहीं हुआ विस सत्र
मणिपुर कैबिनेट की सिफारिश के बावजूद सोमवार से विधानसभा सत्र की शुरुआत नहीं हो सकी क्योंकि राजभवन ने अब तक इस संदर्भ में कोई अधिसूचना जारी नहीं की। इससे राज्य में दुविधा की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रदेश कैबिनेट ने राज्यपाल अनुसुइया उइके को 21 अगस्त से विधानसभा सत्र बुलाए जाने की सिफारिश की थी।
मैतेई के साथ रहना असंभव, अलग राज्य बनाएं : केआईएम
कुकी इंपी मणिपुर (केआईएम) ने कहा है कि मैतेई लोग हमारे साथ शत्रुता का भाव रखते हैं। इसलिए उनके साथ रहना अब असंभव है। केंद्र सरकार को कुकी समुदाय की अलग राज्य की मांग को तुरंत पूरा करना चाहिए। केआईएम ने ये बातें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे एक ज्ञापन में कहीं।