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Income Tax Survey: बीबीसी दफ्तर से निकली आयकर विभाग की टीम, तीन दिन तक चला सर्वे; रिजिजू ने विपक्ष को घेरा

Thu, 16 Feb 2023 10:54 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/मुंबई Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 16 Feb 2023 10:54 PM IST
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Income Tax Survey BBC Office Ends After Nearly 60 Hours Union Law Minister Kiren Rijiju Slams Oppositions
BBC IT surveys - फोटो : Agency (File Photo)

ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (BBC) के दिल्ली-मुंबई ऑफिस में आयकर विभाग का मैराथन सर्वे 58 घंटे बाद गुरुवार की रात में समाप्त हो गया। इसके साथ ही आयकर अधिकारी बीबीसी के दफ्तरों से बाहर निकल आए। सर्वे के दौरान अधिकारियों ने चुनिंदा कर्मचारियों से वित्तीय आंकड़ों की सूची तैयार करने के साथ ही डिजिटल और दस्तावेजी आंकड़ों को भी इकट्ठा किया है। दिल्ली और मुंबई में बीबीसी के दफ्तरों में मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे यह अभियान शुरू हुआ था।

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अधिकारियों ने बताया कि तीन दिनों तक करीब 57-58 घंटे चली सर्वेक्षण की कार्रवाई में कर अधिकारियों ने उपलब्ध स्टॉक की एक सूची बनाई है। कुछ कर्मचारियों के बयान दर्ज करने के साथ ही कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं। बीबीसी पर आरोप है कि इसने ट्रांसफर प्राइसिंग रूल्स का जानबूझकर उल्लंघन किया और इसके मुनाफों में बड़े पैमाने पर बदलाव भी किए। 
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सूत्रों के मुताबिक, कर्मचारियों से कहा गया है कि वे अपने उपकरणों (मोबाइल और लैपटॉप) से कोई भी डाटा नहीं मिटाएं। साथ ही आयकर अधिकारियों की ओर से जांच के लिए बुलाने पर उन्हें पेश होना होगा। सूत्रों ने बाताया, बीबीसी कर्मचारियों को बुधवार को आराम करने के लिए घर जाने दिया गया था। वे बृहस्पतिवार को फिर जांच में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि ‘सर्वे’ अभी जारी है। इस कार्रवाई पर आयकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इस बीच, बीबीसी ने कहा कि वह आयकर अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है। दिल्ली में बीबीसी के एक कर्मचारी ने कहा कि वे सामान्य रूप से समाचार प्रसारित कर रहे हैं।

गौरतलब है, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते विवादित वृत्तचित्र के मद्देनजर भारत में बीबीसी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के अनुरोध वाली याचिका को खारिज कर दिया था। सोशल मीडिया मंचों पर वृत्तचित्र की पहुंच को रोकने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक और जत्थे पर अप्रैल में सुनवाई होगी।

अंतरराष्ट्रीय कराधान और ट्रांसफर प्राइसिंग से जुड़े मुद्दों की हो रही जांच
अधिकारियों ने कहा कि यह सर्वे अंतरराष्ट्रीय कराधान और बीबीसी की सहायक कंपनियों के ट्रांसफर प्राइसिंग से संबंधित मुद्दों की जांच के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि सर्वे दल वित्तीय लेन-देन, कंपनी संरचना और समाचार कंपनी के बारे में अन्य विवरण पर जवाब मांग रहे हैं और सबूत इकट्ठा करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के आंकड़ों की प्रतियां बना रहे हैं।

विपक्ष ने बीबीसी के खिलाफ कार्रवाई की निंदा की
विपक्षी दलों ने बीबीसी के खिलाफ आयकर विभाग कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। बीबीसी की ओर से दो-भाग वाले वृत्तचित्र ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ को प्रसारित किए जाने के कुछ सप्ताह बाद यह औचक कार्रवाई हुई। इस सर्वे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी दलों के बीच तीखी राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। यह कार्रवाई जिस समय की गई है, विपक्ष ने उसे लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा ने बीबीसी पर भारत के खिलाफ जहरीली रिपोर्टिंग करने का आरोप लगाया।

कुछ लोगों को भारतीय जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं: रिजिजू
इस बीच केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने बीबीसी के कार्यालयों में आयकर सर्वेक्षण की आलोचना करने वालों पर निशाना साधा और कहा कि कुछ लोग विदेशी समाचार संस्थानों पर भरोसा करते हैं, लेकिन भारतीय जांच एजेंसियों पर नहीं। उन्होंने ट्वीट किया कि ये लोग विदेशी समाचार एजेंसियों पर भरोसा करते हैं, लेकिन वे भारतीय एजेंसियों पर भरोसा नहीं करेंगे। वे बीबीसी की कसम खाते हैं, लेकिन वे भारतीय अदालतों पर विश्वास नहीं करेंगे। अगर कोई प्रतिकूल फैसला सुनाया गया, वे सुप्रीम कोर्ट को भी गाली देंगे।


वृत्तचित्र ब्लॉक करने के खिलाफ एक और याचिका
वृत्तचित्र को ब्लॉक करने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ गुरुवार को एक और याचिका दाखिल की गई। नई याचिका मुकेश कुमार ने वकील रूपेश सिंह भदौरिया और मारीश प्रवीर सहाय के जरिये दायर की है। मुकेश कुमार खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताते हैं और वकील रूपेश सिंह भदौरिया भारतीय युवा कांग्रेस के कानूनी प्रकोष्ठ के प्रमुख भी हैं। याचिका में वृत्तचित्र पर रोक वाली अधिसूचना रद्द करने की मांग की है। साथ ही केंद्र सरकार को बिना किसी कानून और व्यवस्था के मुद्दे के वृत्तचित्र की स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने का निर्देश देने की भी मांग की है।

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