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IT Raid: कांग्रेस सांसद के ठिकानों से अब तक ₹351 करोड़ बरामद; अब हवाला-शेल कंपनी से जुड़े पहलू की भी होगी जांच
Mon, 11 Dec 2023 06:48 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 11 Dec 2023 06:48 PM IST
सार
ओडिशा और झारखंड में आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान 25 परिसरों की तलाशी ली गई। तलाश छठे दिन भी जारी है। ताजा घटनाक्रम में आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि हवाला ऑपरेटरों, मुखौटा कंपनियों की भूमिका की जांच भी की जाएगी।
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आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया है कि कांग्रेस सांसद के परिवार से जुड़ी डिस्टिलरी कंपनी- बौध डिस्टिलरीज की तलाशी के दौरान 351 करोड़ रुपये बरामद हुए। बीते छह दिसंबर को शुरू हुई तलाशी छठे दिन भी जारी है। सोमवार को भी लगभग सात स्थानों पर छापेमारी की गई। आयकर विभाग के अनुसार, छापेमारी के बाद कुछ 'पंचनामों' पर हस्ताक्षर कराए जाने हैं। इसके बाद संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। विभाग ने कहा कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद तलाशी जल्द ही बंद होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि ओडिशा और झारखंड में 25 परिसरों की तलाशी ली गई। खबरों के अनुसार, यह डिस्टिलरी कंपनी कांग्रेस सांसद के परिवार के स्वामित्व वाली है। आयकर अधिकारियों की कार्रवाई के दौरान 'अब तक की सबसे अधिक' 351 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई है। भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद पांच दिनों तक चली मैराथन गिनती रविवार को खत्म हुई। खबरों के अनुसार, आयकर विभाग ने एक ही ऑपरेशन में 'देश में सबसे अधिक' 351 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की है। किसी भी केंद्रीय एजेंसी (सीबीआई-ईडी और आयकर) ने एक ऑपरेशन में इतना कैश जब्त नहीं किया।
आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि आयकर विभाग के अधिकारियों को कथित तौर पर 'अवैध' धन के उपयोग की सूचना मिली। सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की जांच के दौरान हवाला ऑपरेटरों और शेल कंपनियों की भूमिका भी सामने आई है। ओडिशा और झारखंड में हुई कार्रवाई पर एक अंतरिम रिपोर्ट आयकर विभाग की क्षेत्रीय जांच शाखा ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को भेज दी है।बता दें कि सीबीडीटी आयकर विभाग का प्रशासनिक निकाय है।
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ओडिशा नकदी बरामदगी मामले में समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 30-34 परिसरों की तलाशी ली गई। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग के अधिकारियों ने करीब तीन किलोग्राम सोने के आभूषण भी जब्त किए। बता दें कि बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड (बीडीपीएल) का मुख्यालय ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में है। आयकर विभाग की कार्रवाई यहीं से शुरू हुई। बीडीपीएल पर कथित कर चोरी और 'आउट ऑफ बुक' लेनदेन के आरोप लगे हैं।
झारखंड से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू के रांची और अन्य स्थानों के परिसरों की भी तलाशी ली गई। हालांकि, डिस्टिलरी कंपनी और खुद धीरज साहू ने आयकर विभाग की कार्रवाई के संबंध में समाचार एजेंसी पीटीआई के सवालों का जवाब नहीं दिया। कांग्रेस सांसद धीरज प्रसाद साहू से जुड़े इस प्रकरण में भाजपा आक्रामक तेवर दिखा रही है।
जेपी नड्डा के नेतृत्व में भाजपा सांसदों ने सोमवार को संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा का आरोप है कि छापेमारी के दौरान जब्त नकदी से साबित होता है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबी हुई है। नड्डा ने कहा, सोनिया गांधी और राहुल गांधी को जवाब देना होगा कि यह किसका पैसा है और इसे कैसे लूटा गया। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में भी बीजेपी सांसदों ने यह मुद्दा उठाया।
कांग्रेस ने पूरे मामले से खुद को अलग कर लिया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, पार्टी का उनके व्यवसाय से कोई लेना-देना नहीं है। सोशल मीडिया पोस्ट में जयराम रमेश ने कहा, सांसद धीरज साहू के कारोबार से कांग्रेस के संबंध नहीं हैं। केवल वही बता सकते हैं। उन्हें बताना चाहिए कि आयकर अधिकारियों ने कथित तौर पर उनकी संपत्तियों से कितनी बड़ी मात्रा में नकदी का खुलासा किया है।
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गौरतलब है कि ओडिशा और झारखंड में 25 परिसरों की तलाशी ली गई। खबरों के अनुसार, यह डिस्टिलरी कंपनी कांग्रेस सांसद के परिवार के स्वामित्व वाली है। आयकर अधिकारियों की कार्रवाई के दौरान 'अब तक की सबसे अधिक' 351 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई है। भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद पांच दिनों तक चली मैराथन गिनती रविवार को खत्म हुई। खबरों के अनुसार, आयकर विभाग ने एक ही ऑपरेशन में 'देश में सबसे अधिक' 351 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की है। किसी भी केंद्रीय एजेंसी (सीबीआई-ईडी और आयकर) ने एक ऑपरेशन में इतना कैश जब्त नहीं किया।
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आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि आयकर विभाग के अधिकारियों को कथित तौर पर 'अवैध' धन के उपयोग की सूचना मिली। सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग की जांच के दौरान हवाला ऑपरेटरों और शेल कंपनियों की भूमिका भी सामने आई है। ओडिशा और झारखंड में हुई कार्रवाई पर एक अंतरिम रिपोर्ट आयकर विभाग की क्षेत्रीय जांच शाखा ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को भेज दी है।बता दें कि सीबीडीटी आयकर विभाग का प्रशासनिक निकाय है।
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ओडिशा नकदी बरामदगी मामले में समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया कि ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 30-34 परिसरों की तलाशी ली गई। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग के अधिकारियों ने करीब तीन किलोग्राम सोने के आभूषण भी जब्त किए। बता दें कि बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड (बीडीपीएल) का मुख्यालय ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में है। आयकर विभाग की कार्रवाई यहीं से शुरू हुई। बीडीपीएल पर कथित कर चोरी और 'आउट ऑफ बुक' लेनदेन के आरोप लगे हैं।
झारखंड से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू के रांची और अन्य स्थानों के परिसरों की भी तलाशी ली गई। हालांकि, डिस्टिलरी कंपनी और खुद धीरज साहू ने आयकर विभाग की कार्रवाई के संबंध में समाचार एजेंसी पीटीआई के सवालों का जवाब नहीं दिया। कांग्रेस सांसद धीरज प्रसाद साहू से जुड़े इस प्रकरण में भाजपा आक्रामक तेवर दिखा रही है।
जेपी नड्डा के नेतृत्व में भाजपा सांसदों ने सोमवार को संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा का आरोप है कि छापेमारी के दौरान जब्त नकदी से साबित होता है कि कांग्रेस भ्रष्टाचार में पूरी तरह डूबी हुई है। नड्डा ने कहा, सोनिया गांधी और राहुल गांधी को जवाब देना होगा कि यह किसका पैसा है और इसे कैसे लूटा गया। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में भी बीजेपी सांसदों ने यह मुद्दा उठाया।
कांग्रेस ने पूरे मामले से खुद को अलग कर लिया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, पार्टी का उनके व्यवसाय से कोई लेना-देना नहीं है। सोशल मीडिया पोस्ट में जयराम रमेश ने कहा, सांसद धीरज साहू के कारोबार से कांग्रेस के संबंध नहीं हैं। केवल वही बता सकते हैं। उन्हें बताना चाहिए कि आयकर अधिकारियों ने कथित तौर पर उनकी संपत्तियों से कितनी बड़ी मात्रा में नकदी का खुलासा किया है।