फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Income tax department told the decision in 2012 is pending supreme Court rebukes

2012 में हुए फैसले को आयकर विभाग ने बताया लंबित, सुप्रीम कोर्ट की फटकार, 10 लाख का जुर्माना ठोका

Mon, 03 Sep 2018 11:04 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 03 Sep 2018 11:04 AM IST
विज्ञापन
Income tax department told the decision in 2012 is pending supreme Court rebukes

सुप्रीम कोर्ट ने अदालत को गुमराह करने वाले आयकर विभाग के एक बयान पर उसे जमकर फटकार लगाई है। यही नहीं, कोर्ट ने उसे 10 लाख रुपये हर्जाना भरने का भी आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने आयकर विभाग को फटकार लगाते हुए यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट कोई पिकनिक मनाने की जगह नहीं है। अदालत के साथ इस तरह का रवैया बिल्कुल भी जायज नहीं है। 

विज्ञापन


यह मामला 2016 का है। गाजियाबाद आयकर आयुक्त ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के अगस्त 2016 के एक फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। दरअसल, हापुड़ पिलखुवा डेवलपमेंट अथॉरिटी के टैक्स असेसमेंट संबंधी आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के फैसले के खिलाफ विभाग की अपील हाईकोर्ट ने रद्द कर दी थी। इसी मामले को लेकर आयकर विभाग सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। 
विज्ञापन


विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि ऐसी एक याचिका उन्होंने 2012 में कोर्ट में दाखिल की थी, जो अभी तक लंबित है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सितंबर 2012 में ही फैसला सुना चुका है। जस्टिस एमबी लोकुर, एस अब्दुल नजीर और दीपक गुप्ता की पीठ ने विभाग की याचिका को खारिज कर दिया और याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि आप गुमराह करने वाले बयान दे रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पीठ ने कहा कि आयकर विभाग ने 596 दिन की देरी से याचिका दायर की और इस देरी के अपर्याप्त और असुविधाजनक कारण गिनाए। पीठ ने विभाग के वकील से कहा कि कृप्या ऐसा न करें। यह सुप्रीम कोर्ट में पेश आने का तरीका नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed