कार्रवाई: टेलीकॉम उपकरणों की कंपनी के परिसरों पर आयकर की तलाशी, 62 लाख की नकदी और सैकड़ों करोड़ की कर देनदारी सामने आई
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि आयकर विभाग ने टेलीकॉम उपकरणों से संबंधित काम करने वाली एक विदेशी कंपनी के परिसरों पर तलाशी ली थी। इसमें भारी टैक्स अनियमितता सामने आई है।
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आयकर विभाग ने 16 अगस्त को एक कंपनी के परिसरों पर तलाशी ली थी। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह कंपनी विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों के लिए टेलीकॉम उपकरण, उनके इंस्टालेशन और उनकी सर्विसिंग काम करती है।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि एक विदेशी सहायक कंपनी के कैश हैंडलरों समेत पांच परिसरों की तलाशी ली गई। इनमें भारत में स्थित कॉरपोरेट कार्यालय, विदेशी निदेशक का निवास, कंपनी सचिव का निवास और लेखा व्यक्ति के परिसर शामिल हैं।
Searches were conducted at 5 premises, including the corporate office, residence of foreign director, residence of company secretary, accounts person & the cash handler of a foreign subsidiary company in India: Finance Ministry
— ANI (@ANI) August 17, 2021
मंत्रालय ने बताया कि बिक्री बिलों और आयात बिलों की जांच से पता चलता है कि इन वस्तुओं के व्यापार पर भारी सकल लाभ (लगभग 30 फीसदी) है। मंत्रालय ने आगे कहा, हालांकि यह कंपनी पिछले कुछ वर्षों से भारी नुकसान दिखा रही है।
इसके साथ ही मंत्रालय ने बताया कि अब तक सैकड़ों करोड़ की कर देनदारी के मामलों की पहचान की गई है। परिसर से 62 लाख रुपये से अधिक की नकदी मिली है। तलाशी के दौरान तीन लॉकर भी मिले हैं, जिन्हें कब्जे में ले लिया गया है। तलाश अभी जारी है।
Issue of tax liability of hundreds of crores has been identified so far. Unaccounted cash of more than Rs 62 lakh has been found at the premises. 3 lockers have also been found during the search, that have been placed under restraint. Search is still continuing: Finance Ministry
— ANI (@ANI) August 17, 2021
जल्द दूर होंगी आयकर पोर्टल की समस्याएं: सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा था कि नए आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल में आ रही तकनीकी दिक्कतें आने वाले कुछ दिनों में ठीक कर ली जाएंगी। उन्होंने बताया था कि राजस्व सचिव साप्ताहिक आधार पर इसकी निगरानी कर रहे हैं।
नया आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल सात जून को शुरू किए जाने के बाद से ही कई तकनीकी खामियों से घिरा रहा है। इसे इंफोसिस ने विकसित किया है। सरकार ने पोर्टल विकसित करने के लिए इंफोसिस को 164.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।