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मौके का फायदा: बंगाल में अफगान नागरिकों को बांधी गईं ममता बनर्जी की फोटो लगी राखी, इनमें लिखा- दिल्ली चलो
Sun, 22 Aug 2021 03:29 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्रा
Updated Sun, 22 Aug 2021 03:29 PM IST
सार
ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस बंगाल में विधानसभा चुनाव जीत के बाद से ही केंद्र की राजनीति में शामिल होने के लिए 'दिल्ली चलो' का नारा दे रही है।
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पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना का मामला।
- फोटो : ANI
विस्तार
अफगानिस्तान में तालिबान शासन आने के बाद जहां पूरी दुनिया अफगान नागरिकों के साथ संवेदना जता रही है, वहीं बंगाल सरकार ने इस मौके को भी राजनीतिक संदेश के तौर पर इस्तेमाल कर लिया। यहां के उत्तर 24 परगना जिले में रक्षाबंधन के मौके पर अफगान नागरिकों को ममता बनर्जी की फोटो लगी राखी बांधी गई। इतना ही नहीं इस राखी में 'दिल्ली चलो' का संदेश भी लिखा गया।
बता दें कि ममता बनर्जी बंगाल में विधानसभा चुनाव जीत के बाद से ही 'दिल्ली चलो' का नारा दे रही हैं। खेला होबे के नारे के बाद उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस भी लगातार 'दीदी एबार दिल्ली चलो' के नारे को बढ़ा रही है। इतना ही नहीं पार्टी काडर ने इस बार 'बंगाली पीएम' की संकल्पना का भी प्रसार किया है।
भाजपा के खिलाफ विपक्ष को खड़ा करने में ममता की अहम भूमिका: बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के खिलाफ संयुक्त आंदोलनों को लेकर विपक्षी नेताओं का एक 'कोरग्रुप' बनाने का प्रस्ताव रखा है। इससे जुड़ा बयान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई विपक्षी दलों की डिजिटल बैठक में शिरकत करते हुए दिया। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने विपक्षी नेताओं से मतभेद दूर रखने एवं भाजपा का एकजुट होकर मुकाबला करने का आह्वान किया था।
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बताया गया था कि ममता ने उस बैठक में स्पष्ट कहा, ‘‘हम यह भूल जाएं कि नेता कौन है, हम अपने निजी हितों का एक तरफ रख दें। हर विपक्षी दल को साथ लाया जाना चाहिए। लोग नेता हैं। हम एक कोर ग्रुप बनाएं और भावी कार्ययोजना एवं कार्यक्रम पर साथ मिलकर निर्णय लें।’’ बनर्जी ने यह मुद्दा भी उठाया कि कैसे ‘‘विपक्ष शासित राज्य सरकारों को बदनाम करने के लिए एनएचआरसी जैसे निष्पक्ष संगठनों का केंद्र सरकार ने दुरूपयेाग किया।’’
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बता दें कि ममता बनर्जी बंगाल में विधानसभा चुनाव जीत के बाद से ही 'दिल्ली चलो' का नारा दे रही हैं। खेला होबे के नारे के बाद उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस भी लगातार 'दीदी एबार दिल्ली चलो' के नारे को बढ़ा रही है। इतना ही नहीं पार्टी काडर ने इस बार 'बंगाली पीएम' की संकल्पना का भी प्रसार किया है।
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भाजपा के खिलाफ विपक्ष को खड़ा करने में ममता की अहम भूमिका: बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के खिलाफ संयुक्त आंदोलनों को लेकर विपक्षी नेताओं का एक 'कोरग्रुप' बनाने का प्रस्ताव रखा है। इससे जुड़ा बयान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई विपक्षी दलों की डिजिटल बैठक में शिरकत करते हुए दिया। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने विपक्षी नेताओं से मतभेद दूर रखने एवं भाजपा का एकजुट होकर मुकाबला करने का आह्वान किया था।
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बताया गया था कि ममता ने उस बैठक में स्पष्ट कहा, ‘‘हम यह भूल जाएं कि नेता कौन है, हम अपने निजी हितों का एक तरफ रख दें। हर विपक्षी दल को साथ लाया जाना चाहिए। लोग नेता हैं। हम एक कोर ग्रुप बनाएं और भावी कार्ययोजना एवं कार्यक्रम पर साथ मिलकर निर्णय लें।’’ बनर्जी ने यह मुद्दा भी उठाया कि कैसे ‘‘विपक्ष शासित राज्य सरकारों को बदनाम करने के लिए एनएचआरसी जैसे निष्पक्ष संगठनों का केंद्र सरकार ने दुरूपयेाग किया।’’