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चक्रवातों के नाम क्यों बदलते रहते हैं, कैसे रखा जाता है किसी चक्रवात का नाम?

Sun, 17 May 2020 12:27 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Sun, 17 May 2020 12:27 PM IST
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सार
  • ओडिशा में अम्फान के और गंभीर होने की चेतावनी
  • भारतीय मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
  • मौसम विभाग ने भविष्य के लिए 169 नए चक्रवातों के नामों की सूची जारी की
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in odisha amphan cyclone may hit here you should know how are tropical cyclone named
तूफान (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

भारतीय मौसम विभाग ने ओडिशा के तटीय इलाकों में अम्फान तूफान के आने की चेतावनी काफी पहले जारी कर दी थी। पिछले छह घंटों में अम्फान चक्रवात ने दक्षिणपूर्वी बंगाल की खाड़ी और पड़ोस के इलाकों से छह किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तरपश्चिमी इलाकों की तरफ रुख कर किया और भयानक रूप ले लिया है। अगले 12 घंटों में यह और भी ज्यादा गंभीर हो सकता है।



 


भारतीय मौसम विभाग ने हाल ही में चक्रवातों के 169 नए नामों की सूची जारी की है जो भविष्य में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में आ सकते हैं। दुनिया के महासागरों में जितने चक्रवात आते हैं उनका नाम क्षेत्रीय विशेष मौसम विभाग और उष्णकटिबंधीय चक्रवात चेतावनी केंद्र (ट्रॉपिकल साइक्लोन वॉर्निंग सेंटर) की ओर से जारी किया जाता है।

दुनिया में अभी छह क्षेत्रीय विशेष मौसम विभाग (भारत में एक) और पांच उष्णकटिबंधीय चक्रवात चेतावनी केंद्र हैं। क्षेत्रीय विशेष मौसम विभाग के मुताबिक मौसम विभाग उत्तरी हिंद महासागर में आए चक्रवात का नाम एक प्रक्रिया के तहत रखा जाता है।

ये चक्रवात बंगाल की खाड़ी या फिर अरब सागर में आते हैं। किसी चक्रवात के बनने से पहले मौसम विभाग आसपास के 12 देशों के लिए दिशा-निर्देश सह सूचना जारी करता है।

किसी चक्रवात का नाम कैसे रखा जाता है?

साल 2000 में कुछ देशों ने मिलकर एक समूह बनाया था जिसे वैश्विक मौसम विभाग या फिर यूनाइटेड नेशन इकोनॉमिक एंड सोशल कमीशन फॉर एशिया एंड द पैसिफिक भी कहा जाता है। इस समूह में बांग्लादेश, भारत, मालद्वीप, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाइलैंड शामिल हैं।

इन देशों के एक समूह ने फैसला लिया कि किसी भी चक्रवात का नाम उसके उत्पत्ति वाले क्षेत्र के आधार पर रखा जाएगा। हर देश अपने यहां से ट्रॉपिकल साइक्लोन पैनल को सुझाव देता है। साल 2018 में समूह में पांच और देशों को शामिल किया गया जिसमें ईरान, कतर, सऊदी अरब, संयु्क्त अरब अमीरात और यमन शामिल है।

मौसम विभाग ने पिछले महीने अप्रैल 2020 में ये सूची जारी की जिसमें इन 13 देशों के 13 सुझावों को शामिल किया गया। इस नई सूची में तूफान अम्फान को शामिल किया गया है क्योंकि यह नाम पिछली सूची में नहीं इस्तेमाल किया गया था।

चक्रवात का नाम रखना क्यों जरूरी है?

किसी चक्रवात के नाम रखने से लोगों को उसका नाम याद रखने में आसानी हो जाती है। इसके अलावा नाम रखने से वैज्ञानिकों, मीडिया और आपदा प्रबंधन जैसे संस्थानों की मदद हो जाती है। नाम रखने का फायदा यह भी होता है कि किसी चक्रवात की पहचान करने में आसानी हो जाती है।

चक्रवात का नाम रखने से लोगों के बीच में जागरुकता, समुदायिक तैयारियों के लिए चेतावनी जारी करने में आसानी और एक ही क्षेत्र में एक से ज्यादा चक्रवात आने पर अलग अलग नाम रखने से भ्रांति का डर खत्म हो जाता है।

चक्रवात का नाम रखने के नियम क्या हैं?

देश की ओर से चक्रवात का नाम रखने के लिए कई नियम बनाए गए हैं जिनका पालन करना जरूरी होता है। अगर इन नियमों की अनदेखी की जाती है तो ट्रॉपिकल साइक्लोन पैनल देशों की तरफ से दिए गए नामों को स्वीकार नहीं करता है। क्या है गाइडलाइंस:

  • चक्रवात का प्रस्तावित नाम राजनीति, राजनैतिक विचारधारा, धर्म, संस्कृति और लिंग को लेकर निष्पक्ष होना चाहिए
  • प्रस्तावित नाम ऐसा हो कि इससे दुनिया के किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस ना पहुंचे
  • प्रस्तावित नाम असभ्य या अमानवीय नहीं होना चाहिए
  • नाम छोटा, उच्चारण करने में आसान हो और किसी सदस्य की मूल भावना को ठेस ना पहुंचाए
  • नाम की अधिकतम सीमा आठ अक्षरों की हो सकती है
  • नाम वॉयस ओवर में रिकॉर्ड करके या सही उच्चारण के साथ भेजा जाए
  • उत्तरी हिंद महासागर में रखा गया दोहराया नहीं जा सकता है

भारत की ओर से प्रस्तावित नाम क्या हैं?

भारत की ओर से नई सूची में चक्रवात के 13 नाम प्रस्तावित किए गए हैं। भारत की ओर से दिए गए नामों में से कुछ नाम आम जनता की तरफ से भी सुझाए गए हैं। ट्रॉपिकल साइक्लोन पैनल को नाम देने से पहले भारतीय मौसम विभाग में एक कमिटी बैठाई जाती है जो नामों की समीक्षा करती है।

भारत की ओर से दिए गए 13 नाम:

  • गति
  • तेज
  • मुरासू
  • आग
  • व्योम
  • झार
  • प्रवाह
  • नीर
  • प्रभंजन
  • घुरनी
  • अंबुद
  • जलधि
  • वेग
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