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महज 18 साल में ही मालावथ पूर्णा ने फतह की अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी
Wed, 01 Jan 2020 02:29 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 01 Jan 2020 02:29 AM IST
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मालावथ पूर्णा (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
महज 13 साल की उम्र में देश की सर्वोच्च शिखर श्रेणी माउंट एवरेस्ट पर पहुंचने वाली लड़की मालावथ पूर्णा ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पूर्णा ने अंटार्कटिका महाद्वीप की सबसे ऊंची पर्वत चोटी विन्सन मासिफ (4,987 मीटर) को 18 साल की उम्र में ही फतह कर लिया है। वह ऐसा करने वाली सबसे कम उम्र की पर्वतारोही बन गई हैं।
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तेलंगाना सोशल वेलफेयर रेजिडेंशियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन सोसायटी (टीएसडब्ल्यूआरइआईएस) ने सोमवार को जानकारी दी कि अंटार्कटिका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी विन्सम मासिफ पर विजय पूर्णा के लिए एक ऐसी उपलब्धि है, जिसकी प्रशंसा शब्दों में नहीं की जा सकती। बयान के मुताबिक, पूर्णा दुनिया की पहली और सबसे कम उम्र की आदिवासी महिला बन गई, जिसने छह महाद्वीपों की छह सबसे ऊंची पर्वत चोटियों पर कदम रखा है।
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फोन पर हुई बातचीत में पूर्णा ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और कल्याण मंत्री कोप्पुला ईश्वर को राज्य में गरीब बच्चों का मसीहा बताते हुए धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि यदि मुझे मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव का समर्थन नहीं मिलता तो मेरे लिए इस उपलब्धि को हासिल करना अधूरा रह जाता है।
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इन पर्वतों को पार कर बना चुकी हैं रिकॉर्ड
पूर्णा ने अब तक कई बड़े-बड़े पर्वतों की चोटियों को फतह किया है। इसमें एवरेस्ट (एशिया, वर्ष 2014), माउंट किलिमंजारो (अफ्रीका, 2016), माउंट एल्ब्रस (यूरोप, 2017), माउंट अकोंकागुआ (दक्षिण अमेरिका, 2019) माउंट कारस्टेंसज (ओशिनिया क्षेत्र, 2019) और माउंट विंसन मासिफ (अंटार्कटिका, 2019) हैं। वह सात महाद्वीपों में स्थित सातवें सबसे लंबे शिखर के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के बेहद करीब हैं।