{"_id":"5bf3c1b7bdec22695b77b295","slug":"in-comparison-with-mba-engineering-students-are-most-employable","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंजीनियरिंग के मुकाबले बेरोजगार रह जाते हैं एमबीए छात्र, सर्वे में खुलासा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
इंजीनियरिंग के मुकाबले बेरोजगार रह जाते हैं एमबीए छात्र, सर्वे में खुलासा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 20 Nov 2018 01:41 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आंध्र प्रदेश उन राज्यों की सूची में सबसे ऊपर है जिसने सबसे ज्यादा रोजगार दिया है। इसके बाद पश्चिम बंगाल और दिल्ली का नंबर आता है। इन राज्यों में इंजीनियरों को सबसे ज्यादा नौकरी मिली है। यह बात देशभर में किए गए एक स्किल सर्वे से सामने आई है। जुलाई 16 से 30 अक्तूबर के बीच किए गए स्किल टेस्ट में 29 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों से 3 लाख से ज्यादा छात्रों को काम, रोजगार और स्किल टेस्ट पर परखा गया।
विज्ञापन
बच्चों का जिन विषयों के आधार पर टेस्ट लिया गया उनमें अंग्रेजी, क्रिटिकल थिंकिंग स्किल, न्यूमेरिकल एपटीट्यूड, डोमेन नॉलेज, बिहेवियरल एक्सेपटेंस शामिल हैं। पीपुल्स स्ट्रांग, व्हीबॉक्स और सीआईआई की इंडिया स्किल रिपोर्ट 2019 सर्वे दिखाता है कि पिछले साल की तुलना में एमबीए में रोजगार का प्रतिशत 3 प्वाइंट तक गिरा है। यह सर्वे ऑल इंडिया काउंसिल फोर टेक्निकल एजुकेशन, यूएनडीपी और एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज के साथ मिलकर किया गया है।
विज्ञापन
राजस्थान और हरियाणा ने अपना स्थान उन टॉप 10 राज्यों की सूची में पक्का किया है जिन्होंने सबसे ज्यादा रोजगार दिया है। वहीं मध्यप्रदेश, गुजरात और पंजाब टॉप 10 की सूची से बाहर हो गए हैं। शहरों की बात करें तो बेंगलूरू पहले स्थान पर है। इसके बाद चेन्नई, गुंटूर, लखनऊ, मुंबई, नई दिल्ली, नासिक, पुणे और विशाखापट्टनम का नंबर आता है।
विज्ञापन
गुंटूर और विशाखापट्टनम टॉप 10 की सूची में दो सालों के अंतराल के बाद शामिल हुए हैं। इस सूची में ठाणे और नासिक का नाम भी पहली बार शामिल हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है, 'टायर 2 और 3 के शहरों की मौजूदगी से यह साफ है कि रोजगार टैलेंट केवल महानगरों तक ही सीमित नहीं है।' पिछले साल की तुलना में इस साल महिला रोजगार 38 से 46 प्रतिशत बढ़ा है। वहीं पुरुष रोजगार 47 से 48 प्रतिशत बढ़ा है।