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पहली बार महिला वकील को सीधे सुप्रीम कोर्ट में जज बनाने की सिफारिश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 12 Jan 2018 04:21 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने पहली बार किसी महिला वकील को सीधे सर्वोच्च अदालत में जज नियुक्त करने की सिफारिश की है। कोलेजियम ने वरिष्ठ महिला वकील इंदू मल्होत्रा और उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस केएम जोसेफ का नाम सुप्रीम कोर्ट के जज के लिए केंद्र सरकार को भेजा है।
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सूत्रों के अनुसार, इन दोनों के नाम की सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस जे चेलामेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ की कोलेजियम ने सर्वसम्मति से सिफारिश की।
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जस्टिस जोसेफ उत्तराखंड हाईकोर्ट की उस पीठ में शामिल थे जिसने 2016 में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के केंद्र सरकार के आदेश को रद्द कर दिया था।
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कोर्ट के इस फैसले से केंद्र सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। इंदू वर्ष 2007 में वरिष्ठ वकील के तौर पर नामित हुई थी। वह बिना हाईकोर्ट की जज बने सीधे सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त होने वाली पहली महिला वकील होंगी। आजादी के बाद सर्वोच्च अदालत में वह सातवीं महिला जज होंगी।
मौजूदा समय में सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस आर बानुमति इकलौती महिला जज हैं। जस्टिस एम फातिमा बीवी 1989 में सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने वाली पहली महिला जज थीं। इसके बाद जस्टिस सुजाता वी मनोहर, जस्टिस रूमा पाल, जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा और जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई जज रह चुकी हैं।