{"_id":"6420e4ed86471289ea04e183","slug":"import-of-x-ray-machine-will-have-to-pay-15-percent-duty-from-april-1-2023-03-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"X-ray Machine: एक अप्रैल से एक्स-रे मशीन के आयात पर देना होगा 15 फीसदी शुल्क","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
X-ray Machine: एक अप्रैल से एक्स-रे मशीन के आयात पर देना होगा 15 फीसदी शुल्क
Mon, 27 Mar 2023 06:14 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 27 Mar 2023 06:14 AM IST
सार
एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कि इसका मकसद देश में विनिर्माण संबंधी अड़चनों को दूर करना है। इससे ‘मेक इन इंडिया’ को प्रोत्साहन मिलेगा और आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सरकार ने एक्स-रे मशीन और नॉन-पोर्टेबल एक्स-रे जनरेटर के आयात पर सीमा शुल्क को बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है। यह वृद्धि एक अप्रैल से लागू होगी। अभी एक्स-रे मशीन, नॉन-पोर्टेबल एक्स-रे जनरेटर और अन्य सामान पर 10 फीसदी की दर से आयात शुल्क चुकाना पड़ता है।
विज्ञापन
सीमा शुल्क की दरों में बदलाव वित्त विधेयक, 2023 में संशोधनों के तहत है। एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कि इसका मकसद देश में विनिर्माण संबंधी अड़चनों को दूर करना है। इससे ‘मेक इन इंडिया’ को प्रोत्साहन मिलेगा और आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
अक्तूबर-दिसंबर में सिर्फ 15 फीसदी दिवालिया मामलों का समाधान, वसूली 27%
राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के पास अक्तूबर-दिसंबर, 2022 में दर्ज 267 मामलों में सिर्फ 15 फीसदी का निपटान हो सका है। भारतीय दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता बोर्ड ने कहा, इन मामलों में कुल दावा राशि की सिर्फ 27 फीसदी ही वसूली की जा सकी है।
विज्ञापन
बोर्ड के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, कुल 1,901 में से 45 फीसदी मामले परिसमापन के जरिये निपटाए गए। तिमाही आधार पर 2022-23 की दूसरी तिमाही में एनसीएलटी में 256 मामले दर्ज किए गए, जो 2019-20 की समान तिमाही में दर्ज 2,000 मामलों से बहुत कम हैं।