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कोरोना वायरस मानव शरीर को बुरी तरह करता है प्रभावित, हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां
Sun, 14 Jun 2020 09:27 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Sun, 14 Jun 2020 09:27 AM IST
सार
- कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के तंत्रिका तंत्र के हर स्तर को करता है प्रभावित
- कोरोना की वजह से लोगों को स्ट्रोक, दौरे और मांसपेशियों में हो सकता है दर्द
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कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
11 जून को प्रकाशित 50 से अधिक अध्ययनों की समीक्षा से पता चला है कि कोरोना वायरस बीमारी (कोविड-19) के कारण बनने वाला सार्स-2 वायरस संक्रमित व्यक्ति के तंत्रिका तंत्र के लगभग हर स्तर को प्रभावित करता है। इसकी वजह से लोगों को स्ट्रोक, दौरे और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है।
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कुछ कोरोना रोगियों में सिरदर्द, चक्कर आना, सतर्कता में कमी, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और गंध और स्वाद में कमी जैसे हल्के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। बुखार और सांस लेने में तकलीफ की तरह भारत कोरोना के लक्षणों की सूची में गंध और स्वाद में कमी को जोड़ने पर विचार कर रहा है।
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कोरोना वायरस के कारण होने वाली अन्य बीमारियां, जिनमें गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम (सार्स) और मध्य पूर्व श्वसन सिंड्रोम (मार्स) शामिल हैं। कोरोना जो पहली बार 2019 के अंत में मध्य चीनी शहर वुहान से शुरू हुआ था ने कम से कम 78 लाख लोगों को प्रभावित किया है।
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शिकागो में नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी फीनबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन में न्यूरोलॉजी के प्रोफेसर डॉ इगोर कोरालनिक ने कहा कि आम जनता और चिकित्सकों को इसके बारे में पता होना जरूरी है कि किसी भी बुखार, खांसी या सांस की समस्या होने से पहले व्यक्ति के शरीर में सार्स-2 के न्यूरोलॉजिकल लक्षण पैदा हो सकते हैं।
हैदराबाद विश्वविद्यालय में तंत्रिका विज्ञान और संज्ञानात्मक विज्ञान केंद्र (सीएनसीएस) के प्रोफेसर और प्रमुख डॉ रमेश के मिश्रा ने अध्ययन की समीक्षा करते हुए कहा कि सांस लेने में दिक्कत को अभी भी कोरोना का एक परिभाषित लक्षण माना जाता है।
उन्होंने कहा कि इटली में चल रहे कई अध्ययनों से इस बात के पुख्ता सबूत मिल रहे हैं कि यह वायरस परिधीय तंत्रिका तंत्र (संवेदी) को प्रभावित कर सकता है। लेकिन कुछ रोगी जो पहले से ही कमजोर हैं यह वायरस उनकी केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी) और उनके दिमाग को प्रभावित कर सकता है।