एलोपैथी विवाद: पीएम मोदी से अपील, डॉक्टरों पर हो रहे हमले, दखल दें
- आईएमए ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जताई चिंता
- कहा- महामारी के दौरान देश भर से करीब 513 डॉक्टरों ने मरीजों की सेवा में अपनी जान गंवा दी, अब डॉक्टरों को सुरक्षित वातावरण दिया जाना चाहिए
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योग गुरु रामदेव के एलोपैथी दवाओं के बारे में विवादित बयान देने नाराज भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर डॉक्टरों पर हो रहे हमलों का मुद्दा उठाते हुए दखल देने की मांग की है। आईएमए ने डॉक्टरों को सुरक्षित वातावरण में काम करने और उनको सुरक्षा देने की मांग की है, जिससे डॉक्टर बिना किसी डर के अपने काम को कर सकें। आईएमए ने पत्र में कोविड महामारी के दौरान अपनी जान की परवाह न कर रहे डॉक्टरों पर लग रहे आरोपों का जिक्र किया है और इस पर पीएम मोदी से कदम उठाने का आग्रह किया है।
आईएमए ने पत्र में कहा है कि गलत बयानबाजी के चलते लोगों का डॉक्टरों से भरोसा उठ रहा है। टीकाकरण को लेकर गलतफहमियां और दुष्प्रचार किए जा रहे हैं, जिसका लोगों पर गलत असर होगा। जो डॉक्टर कोरोना वायरस महामारी की शुरुआत से अब तक अपनी जान की परवाह किए बिना डटे रहे हैं, उन पर आरोप लगाना अनुचित है।
513 डॉक्टरों ने गंवाई जान
आईएमए ने पत्र की शुरुआत में बताया कि इस महामारी के दौरान देश भर से करीब 513 डॉक्टरों ने मरीजों की सेवा में अपनी जान गंवा दी है। इसलिए अब डॉक्टरों को सुरक्षित वातावरण दिया जाना चाहिए और डॉक्टरों की सुरक्षा पर विचार करना चाहिए, जिससे फिर से डॉक्टरों पर आरोप न लगाया जा सके।
देश में सबको मुफ्त टीके लगाने की घोषणा का आईएमए ने किया स्वागत
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आईएमए ने देश में अब सभी को मुफ्त कोरोना वैक्सीन लगाए जाने की पीएम नरेंद्र मोदी की घोषणा का स्वागत किया है। संगठन के अध्यक्ष डॉ. जेए जयलाल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि आईएमए पीएम मोदी द्वारा शुरू किए गए टीकाकरण अभियान का लगातार और सक्रिय रूप से समर्थन कर रहा है।