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परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक: क्या लॉक मोबाइल से खुलेगा साहिल की मौत का राज, किस दिशा में बढ़ रही पुलिस की जांच?
Fri, 25 Sep 2026 06:02 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 25 Sep 2026 06:02 PM IST
सार
आईआईटी बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में पुलिस ने 20 लोगों के बयान दर्ज किए हैं और उसके लॉक मोबाइल तक पहुंच बनाने की कोशिश जारी है। साहिल के माता-पिता ने संस्थान में जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों से घटनाक्रम समझ रही है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भी मामले की गहन जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
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आईआईटी बॉम्बे में छात्र की मौत (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस अब तक 20 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें परीक्षा हॉल में मौजूद छात्र, परीक्षक और संस्थान के अलग-अलग प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। पुलिस साहिल के लॉक मोबाइल फोन तक पहुंच बनाने की भी कोशिश कर रही है। फोन की स्क्रीन पर कई मिस्ड कॉल की सूचनाएं दिखाई दे रही थीं। साहिल के माता-पिता ने बेटे के साथ संस्थान में जातिगत भेदभाव होने का आरोप लगाया है।
18 सितंबर को परीक्षा के बाद क्या हुआ था?
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, 22 वर्षीय साहिल वाकोडे ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग का छात्र था। 18 सितंबर को परीक्षा खत्म होने के बाद वह सीधे अपने हॉस्टल के कमरे में चला गया था। संस्थान ने शुरुआत में कहा था कि परीक्षा के दौरान उसके मोबाइल में चैटजीपीटी इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई थी। शाम करीब सात बजे तक जब साहिल कमरे से बाहर नहीं आया, तो दरवाजा खोला गया। इसके बाद वह कमरे के अंदर मृत मिला।
कुछ टीवी चैनलों ने परीक्षा हॉल का सीसीटीवी फुटेज भी प्रसारित किया है, जिसमें परीक्षा के दौरान साहिल की गतिविधियां दिखाई देती हैं और बाद में एक प्रोफेसर उसे परीक्षा हॉल से बाहर ले जाते नजर आते हैं।
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माता-पिता ने क्या आरोप लगाए?
साहिल के माता-पिता रविंद्र और सोनाली वाकोडे ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को आईआईटी में बार-बार जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा। दोनों ने गुरुवार को मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू की और बेटे को परेशान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, वे रात में वहां से चले गए। शुक्रवार को दोनों मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के कार्यालय पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
मामले में आईआईटी बॉम्बे के फैकल्टी सदस्य सूर्यनारायण दुल्ला का नाम पुलिस की एफआईआर में दर्ज है। एफआईआर में जातिगत भेदभाव के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। निष्पक्ष जांच के लिए दुल्ला को छुट्टी पर भेज दिया गया है।
यह भी पढ़ें: क्या फिर बढ़ेंगी बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें?: महिला पहलवानों ने दी बरी होने के फैसले को चुनौती, जानिए मामला
रामदास आठवले ने आईआईटी पहुंचकर क्या कहा?
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले शुक्रवार को आईआईटी बॉम्बे पहुंचे। उन्होंने संस्थान के निदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इसके बाद वह साहिल के हॉस्टल के कमरे में भी गए। आठवले ने मामले की पूरी जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा, 'आईआईटी में दाखिला लेने वाला हर छात्र बहुत होशियार और बेहद सक्षम होता है। साहिल की मौत की पूरी जांच होनी चाहिए और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।' आठवले ने यह भी कहा कि साहिल की मौत जिस तरह हुई, उससे लगता है कि इसके पीछे कोई बड़ी वजह हो सकती है। उन्होंने कहा कि संभव है किसी ने उसका अपमान किया हो और उसे यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया हो। उन्होंने इस मुद्दे को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी के सामने उठाने की बात भी कही।
किस दिशा में आगे बढ़ रही है पुलिस की जांच?
पुलिस परीक्षा हॉल के सीसीटीवी फुटेज की मदद से पूरे घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर रही है। साथ ही साहिल के मोबाइल फोन तक पहुंच बनाने का प्रयास जारी है। आईआईटी बॉम्बे अपनी उस शुरुआती सूचना के लिए दो बार माफी मांग चुका है, जिसमें कहा गया था कि परीक्षा में कथित तौर पर चैटजीपीटी के इस्तेमाल के कुछ घंटे बाद साहिल ने आत्महत्या की। फिलहाल पुलिस 20 लोगों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी के आधार पर घटनाक्रम को समझने में जुटी है।
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18 सितंबर को परीक्षा के बाद क्या हुआ था?
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, 22 वर्षीय साहिल वाकोडे ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग का छात्र था। 18 सितंबर को परीक्षा खत्म होने के बाद वह सीधे अपने हॉस्टल के कमरे में चला गया था। संस्थान ने शुरुआत में कहा था कि परीक्षा के दौरान उसके मोबाइल में चैटजीपीटी इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई थी। शाम करीब सात बजे तक जब साहिल कमरे से बाहर नहीं आया, तो दरवाजा खोला गया। इसके बाद वह कमरे के अंदर मृत मिला।
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कुछ टीवी चैनलों ने परीक्षा हॉल का सीसीटीवी फुटेज भी प्रसारित किया है, जिसमें परीक्षा के दौरान साहिल की गतिविधियां दिखाई देती हैं और बाद में एक प्रोफेसर उसे परीक्षा हॉल से बाहर ले जाते नजर आते हैं।
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माता-पिता ने क्या आरोप लगाए?
साहिल के माता-पिता रविंद्र और सोनाली वाकोडे ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को आईआईटी में बार-बार जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा। दोनों ने गुरुवार को मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू की और बेटे को परेशान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, वे रात में वहां से चले गए। शुक्रवार को दोनों मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के कार्यालय पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
मामले में आईआईटी बॉम्बे के फैकल्टी सदस्य सूर्यनारायण दुल्ला का नाम पुलिस की एफआईआर में दर्ज है। एफआईआर में जातिगत भेदभाव के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। निष्पक्ष जांच के लिए दुल्ला को छुट्टी पर भेज दिया गया है।
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रामदास आठवले ने आईआईटी पहुंचकर क्या कहा?
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले शुक्रवार को आईआईटी बॉम्बे पहुंचे। उन्होंने संस्थान के निदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इसके बाद वह साहिल के हॉस्टल के कमरे में भी गए। आठवले ने मामले की पूरी जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा, 'आईआईटी में दाखिला लेने वाला हर छात्र बहुत होशियार और बेहद सक्षम होता है। साहिल की मौत की पूरी जांच होनी चाहिए और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।' आठवले ने यह भी कहा कि साहिल की मौत जिस तरह हुई, उससे लगता है कि इसके पीछे कोई बड़ी वजह हो सकती है। उन्होंने कहा कि संभव है किसी ने उसका अपमान किया हो और उसे यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया हो। उन्होंने इस मुद्दे को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी के सामने उठाने की बात भी कही।
किस दिशा में आगे बढ़ रही है पुलिस की जांच?
पुलिस परीक्षा हॉल के सीसीटीवी फुटेज की मदद से पूरे घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर रही है। साथ ही साहिल के मोबाइल फोन तक पहुंच बनाने का प्रयास जारी है। आईआईटी बॉम्बे अपनी उस शुरुआती सूचना के लिए दो बार माफी मांग चुका है, जिसमें कहा गया था कि परीक्षा में कथित तौर पर चैटजीपीटी के इस्तेमाल के कुछ घंटे बाद साहिल ने आत्महत्या की। फिलहाल पुलिस 20 लोगों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी के आधार पर घटनाक्रम को समझने में जुटी है।