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पहली ट्रेन लेट होने से दूसरी छूटने पर किराया मिलेगा वापस
Sat, 23 Feb 2019 02:14 AM IST
Avdhesh Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 23 Feb 2019 02:14 AM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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एक ही यात्रा में कई रेल बदलकर अपने गंतव्य तक पहुंचने वाले यात्रियों को भारतीय रेलवे बड़ी राहत देने वाला है। एयरलाइंस के सिस्टम की तरह रेलवे भी ऐसी यात्रा के सभी टिकटों का पीएनआर नंबर आपस में लिंक करना शुरू करेगा। इस सुविधा के बाद पहली ट्रेन के लेट होने के कारण अगली ट्रेन छूट जाने की स्थिति में यात्री को उसकी शेष यात्रा का पूरा किराया कैंसिलेशन चार्ज काटे बिना लौटाया जाएगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह सुविधा आगामी 1 अप्रैल से शुरू कर दी जाएगी। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा लाभ उन यात्रियों को होगा, जिन्हें ट्रेन के कोहरे, प्रदर्शन या किसी अन्य कारण से लेट होने पर अगली ट्रेन छूटने की परेशानी के बावजूद कैंसिलेशन चार्ज चुकाकर पैसों का भी नुकसान सहना पड़ता था। अधिकारी के मुताबिक, 1 अप्रैल से यात्रियों को अपने सभी टिकटों के पीएनआर आपस में लिंक कराने होंगे, जिससे वह कनेक्टिंग जर्नी (विस्तारित यात्रा) के दायरे में आ जाएंगे।
बता दें कि एयरलाइंस में कुछ ऐसा ही सिस्टम लागू है। वहां पर एक ही यात्रा के दौरान कई जगह हवाई जहाज बदले जाने की स्थिति में यदि यात्री एक ही एयरलाइंस या कुछ एयरलाइंसों के पूल के हवाई जहाज से ही आगे की यात्रा कर रहा है तो उसके सभी टिकटों पर एक ही पीएनआर नंबर दिया जाता है। इससे यात्री को पहले हवाई जहाज में बैठने के दौरान ही पूरी यात्रा के सारे बोर्डिंग पास जारी कर दिए जाते हैं। साथ ही एक जहाज से उतरकर दूसरे में बैठने के दौरान उसका सामान एयरलाइंस की तरफ से खुद ही दूसरे जहाज में शिफ्ट कर देती है।
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तीन घंटे के अंदर करना होगा क्लेम
ट्रेन छूटने की स्थिति में यात्री को पहली ट्रेन पहुंचने के समय से तीन घंटे के अंदर उसी स्टेशन पर अपना टिकट कैंसिल कराना होगा, जहां से उसे अगली ट्रेन पकड़नी थी। यदि किसी कारण से उस समय काउंटर बंद है तो तीन दिन के अंदर उसी स्टेशन पर टीडीआर फार्म भरना होगा। संबंधित जोन का मुख्य वाणिज्यक प्रबंधक (सीसीएम) या रिफंड आफिस जांच के बाद पूरा रिफंड यात्री के खाते में ट्रांसफर करने का आदेश जारी करेगा।
यात्री को यह भी ध्यान रखना होगा कि उसके कनेक्टिंग टिकटों में उसकी एक जैसी ही जानकारी दर्ज कराई गई हो। यह सुविधा फर्स्ट क्लास से लेकर नीचे तक सभी श्रेणी के टिकटों के लिए मिलेगी। साथ ही टिकट चाहे ऑनलाइन बुक कराया हो या स्टेशन पर, दोनों तरह के टिकट पर पीएनआर लिंक करने का लाभ लिया जा सकता है। यह सुविधा सिर्फ उसी टिकट पर मिलेगी, जिसमें पहली ट्रेन के आगमन और अगली ट्रेन के छूटने का स्टेशन एक ही होगा।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह सुविधा आगामी 1 अप्रैल से शुरू कर दी जाएगी। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा लाभ उन यात्रियों को होगा, जिन्हें ट्रेन के कोहरे, प्रदर्शन या किसी अन्य कारण से लेट होने पर अगली ट्रेन छूटने की परेशानी के बावजूद कैंसिलेशन चार्ज चुकाकर पैसों का भी नुकसान सहना पड़ता था। अधिकारी के मुताबिक, 1 अप्रैल से यात्रियों को अपने सभी टिकटों के पीएनआर आपस में लिंक कराने होंगे, जिससे वह कनेक्टिंग जर्नी (विस्तारित यात्रा) के दायरे में आ जाएंगे।
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बता दें कि एयरलाइंस में कुछ ऐसा ही सिस्टम लागू है। वहां पर एक ही यात्रा के दौरान कई जगह हवाई जहाज बदले जाने की स्थिति में यदि यात्री एक ही एयरलाइंस या कुछ एयरलाइंसों के पूल के हवाई जहाज से ही आगे की यात्रा कर रहा है तो उसके सभी टिकटों पर एक ही पीएनआर नंबर दिया जाता है। इससे यात्री को पहले हवाई जहाज में बैठने के दौरान ही पूरी यात्रा के सारे बोर्डिंग पास जारी कर दिए जाते हैं। साथ ही एक जहाज से उतरकर दूसरे में बैठने के दौरान उसका सामान एयरलाइंस की तरफ से खुद ही दूसरे जहाज में शिफ्ट कर देती है।
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तीन घंटे के अंदर करना होगा क्लेम
ट्रेन छूटने की स्थिति में यात्री को पहली ट्रेन पहुंचने के समय से तीन घंटे के अंदर उसी स्टेशन पर अपना टिकट कैंसिल कराना होगा, जहां से उसे अगली ट्रेन पकड़नी थी। यदि किसी कारण से उस समय काउंटर बंद है तो तीन दिन के अंदर उसी स्टेशन पर टीडीआर फार्म भरना होगा। संबंधित जोन का मुख्य वाणिज्यक प्रबंधक (सीसीएम) या रिफंड आफिस जांच के बाद पूरा रिफंड यात्री के खाते में ट्रांसफर करने का आदेश जारी करेगा।
यात्री को यह भी ध्यान रखना होगा कि उसके कनेक्टिंग टिकटों में उसकी एक जैसी ही जानकारी दर्ज कराई गई हो। यह सुविधा फर्स्ट क्लास से लेकर नीचे तक सभी श्रेणी के टिकटों के लिए मिलेगी। साथ ही टिकट चाहे ऑनलाइन बुक कराया हो या स्टेशन पर, दोनों तरह के टिकट पर पीएनआर लिंक करने का लाभ लिया जा सकता है। यह सुविधा सिर्फ उसी टिकट पर मिलेगी, जिसमें पहली ट्रेन के आगमन और अगली ट्रेन के छूटने का स्टेशन एक ही होगा।