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SSC Protest: एसएससी छात्रों की मांगें नहीं मानी तो तेज हो सकता है आंदोलन, छात्र कर रहे हैं ये मांग
Mon, 25 Aug 2025 06:58 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 25 Aug 2025 06:58 PM IST
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SSC Protest (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Adobe Stock
एसएससी स्टूडेंट्स ने रविवार को रामलीला मैदान में बड़ा आंदोलन कर सरकार को चेता दिया है कि यदि सरकार ने उनकी वाजिब मांगों को मानने से इनकार किया तो यह आंदोलन और तेज होगा। अभी छात्र वापस लौट गए हैं, लेकिन अगली बार वे पूरी तैयारी के साथ आएंगे और सरकार के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनेंगे। छात्रों ने कहा है कि साफ-स्वच्छ भर्ती प्रक्रिया छात्रों का अधिकार है। ऐसी मांग कर वे सरकार के सामने कुछ भी गलत नहीं कर रहे, उलटे सरकार को इसे अपनी जिम्मेदारी मानते हुए पहले ही प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का काम करना चाहिए था।
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छात्रों की सबसे बड़ी मांग यह है कि वे एसएससी परीक्षा के लिए भ्रष्टाचार रहित एक पारदर्शी प्रक्रिया बनवाना चाहते हैं। उनका कहना है कि परीक्षा कराने की एजेंसी स्वयं सरकार बने, या इसकी जिम्मेदारी किसी ऐसी एजेंसी को दी जाए जिसकी भूमिका संदिग्ध न हो। छात्रों का आरोप है कि एसएससी परीक्षा कराने वाली वर्तमान एजेंसी सही नहीं है।
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परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होने से प्रतिभाशाली छात्रों का नुकसान होता है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि नीट परीक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक के पेपर लगातार लीक होते रहे हैं। सरकारों के तरह-तरह के दावों के बाद भी आज तक इस पर रोक नहीं लग पाई है। छात्रों का वर्तमान गुस्सा भी फेज-13 की परीक्षाओं के पेपर लीक होने की खबरों के बाद ही सामने आया है। छात्र इस लीक सिस्टम को पूरी तरह सील करना चाहते हैं।
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'स्टूडेंट्स कमीशन ऑफ इंडिया' का गठन किया जाए
छात्रों की मांग है कि 'स्टूडेंट्स कमीशन ऑफ इंडिया' का गठन किया जाए जो उनके हितों का ध्यान रखे। छात्रों का आरोप है कि दलगत राजनीति के कारण कई बार उनके हित प्रभावित होते हैं। सत्ता में परिवर्तन होने के कारण भी कई बार उनके हितों को चोट पहुंचती है। ऐसे में यदि किसी दलगत राजनीति से अलग एक स्वतंत्र निकाय के होने से उनके हितों को चोट नहीं पहुंचेगी। यदि कभी उनके हितों को चोट पहुंची तो ऐसा आयोग अपने अधिकारों का उपयोग कर छात्रों को अधिकार दिला सकेगा।
समयबद्ध परीक्षा-परिणाम प्रक्रिया
देश में विश्वविद्यालय स्तर की परीक्षाएं हों या प्रतियोगी स्तर की परीक्षाएं, लेट-लतीफी इनका पर्याय बन चुकी हैं। परीक्षा देने के बाद छात्र उसके परिणाम का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन लंबे समय तक उनका परिणाम घोषित नहीं किया जाता। छात्रों की मांग है कि यह पीड़ादायक परिस्थिति समाप्त होनी चाहिए और एसएससी की वैकेंसी आने, परीक्षा होने और परिणाम की पूरी प्रक्रिया अधिकतम छः-आठ महीने में पूरी की जाए। इससे हर साल एसएससी की परीक्षा आयोजित की जा सकेगी।
क्या न्याय और सेना की जिम्मेदारी भी किसी प्राइवेट एजेंसी को देगी सरकार?
मुखर्जी नगर में रहकर एसएससी की तैयारी करने वाले विवेक श्रीवास्तव ने अमर उजाला से कहा कि उनका आंदोलन उनका व्यक्तिगत आंदोलन नहीं है। यह पूरे देश का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि देश के हर घर में एक-दो बच्चे पढ़ने वाले होते हैं। वे कभी विश्वविद्यालय स्तर और कभी प्रतियोगी परीक्षाओं में उतरते हैं। ऐसे करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों की दृष्टि से यह पूरे देश का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि उनकी मांग केवल इतनी है कि सरकार एसएससी परीक्षाओं की भ्रष्टाचार रहित समयबद्ध परीक्षा-परिणाम प्रणाली विकसित की जाए जिससे उनका और देश का भविष्य न खराब हो।
दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई और एसएससी की तैयारी करने वाली छात्रा गार्गी सिन्हा ने अमर उजाला से कहा कि परीक्षाओं के लिए निजी एजेंसी को हायर करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि क्या सरकार न्याय प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था की भी जिम्मेदारी किसी निजी एजेंसी को सौंप सकती है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन कार्यों के लिए किसी दूसरी एजेंसी पर विश्वास नहीं कर सकती तो उसे देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को तय करने वाली परीक्षाओं के लिए किसी निजी एजेंसी के चयन का औचित्य क्या है। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द स्टूडेंट्स कमीशन ऑफ इंडिया का गठन कर भ्रष्टाचार रहित परीक्षा प्रणाली विकसित करनी चाहिए।
सरकार ने किया ये दावा
हालांकि, एसएससी और केंद्र सरकार ने समय-समय पर दावा किया है कि एसएससी की परीक्षाओं को समयबद्ध करने और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। पहले एसएससी की परीक्षा पूरी होने में डेढ़ वर्ष तक का समय लग जाता था लेकिन अब यह छः से आठ महीने में पूरी की जा रही है। सरकार ने तकनीकी का उपयोग कर परीक्षाओं के लीक होने के सिस्टम को पूरी तरह ठीक करने का भी दावा किया है।