कोरोना: परीक्षण करने के लिए आईसीएमआर को मिलेंगी सात लाख किट
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को आठ अप्रैल तक लगभग सात लाख त्वरित एंटीबॉडी टेस्टिंग किट मिल जाएंगी। जिससे हॉटस्पॉट क्षेत्रों में कोविड-19 का बड़ी संख्या में परीक्षण किया जाएगा। हॉटस्पॉट उन क्षेत्रों को कहा जाता है जहां सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं। आईसीएमआर को चरणबद्ध तरीके से डिलीवरी मिलेगी। उम्मीद है कि उन्हें एक चरण में पांच लाख किट मिलेंगी। जिनके लिए ऑर्डर दिया जा चुका है।
ICMR to get about 7 lakh rapid antibody testing kits by April 8. These will help in conducting #COVID19 tests in hotspot areas where large no.of cases are being seen. ICMR will get delivery in a phased manner. It's expected that they'll get 5 lakh kits in 1st phase. Orders placed pic.twitter.com/ENv4xPqrHF
— ANI (@ANI) April 6, 2020विज्ञापन
इससे पहले रविवार को आईसीएमआर ने त्वरित एंटीबॉडी-आधारित रक्त परीक्षण शुरू करने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए नए प्रोटोकॉल निर्धारित किए थे। शीर्ष चिकित्सा अनुसंधान निकाय ने क्लस्टर क्षेत्रों में रिपोर्टिंग के लिए एक नई रणनीति तैयार की है, जहां बड़ी संख्या में कोविड-19 के मामले सामने आ रहे हैं।
आईसीएमआर ने कहा था कि स्वास्थ्य सुविधाओं में इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) के मामलों की निगरानी की जाएगी। मामलों में उछाल आने पर इनकी निगरानी की जाएगी और इन्हें सर्विलांस अधिकारी या अतिरिक्त जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी की जानकारी में लाया जाएगा।
आईसीएमआर के डॉक्टर आर गंगा खेड़कर ने कहा, 'हमने कई हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान की है जहां बड़ी संख्या में कोविड-19 के मामले सामने आ रहे हैं और यहां यह पता लगाने के लिए कि बीमारी क्षेत्र में फैल रही है या नहीं त्वरित एंटीबॉडी टेस्ट सबसे उपयुक्त हैं। इसके अलावा त्वरित एंटीबॉडी टेस्ट जल्द परिणाम देते हैं। यदि त्वरित एंटीबॉडी टेस्ट में कोई व्यक्ति पॉजिटिव आता है तो उसे 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन (एकांतवास) में रखा जाना चाहिए। पुष्टि के लिए उसका आरटी-पीसीआर टेस्ट भी करना चाहिए।'