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IAF: अमेरिका में रेड फ्लैग-अलास्का अभ्यास में हिस्सा लेगी भारतीय वायुसेना, राफेल फाइटर जेट दिखाएंगे दम
Thu, 30 May 2024 10:02 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 30 May 2024 10:02 PM IST
सार
अमेरिकी वायु सेना ने कहा कि 'रेड फ्लैग-अलास्का को एक नकली युद्ध वातावरण में यथार्थवादी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे संयुक्त बलों को रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाया जा सके।
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भारतीय वायुसेना
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
भारतीय वायुसेना की एक टुकड़ी गुरुवार को अमेरिका के अलास्का में 16 दिवसीय बहु-राष्ट्रीय मेगा सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेने पहुंची। इस युद्धाभ्यास का उद्देश्य एक नकली युद्ध वातावरण में यथार्थवादी प्रशिक्षण प्रदान करना है। भारतीय वायुसेना ने 30 मई से 14 जून तक चलने वाले 'रेड फ्लैग अलास्का' अभ्यास के लिए राफेल लड़ाकू विमानों को तैनात किया है। अमेरिका की प्रशांत वायु सेना ने कहा कि अभ्यास के दौरान लगभग 3100 सेवा सदस्यों द्वारा 100 से अधिक विमानों को उड़ाने, रखरखाव करने की उम्मीद है।
भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा एक पोस्ट में लिखा, 'भारतीय वायुसेना की एक टुकड़ी आज बहुराष्ट्रीय अभ्यास रेड फ्लैग 24 के आगामी संस्करण में भाग लेने के लिए अमेरिका के अलास्का स्थित ईल्सन एयरफोर्स बेस पर पहुंची।' वायुसेना ने लिखा कि अपने एयर टू एयर रिफ्यूलर आईएल-78 विमानों और सी-17 विमानों की मदद से राफेल लड़ाकू विमानों ने ग्रीस और पुर्तगाल में पड़ाव लेते हुए ट्रांसअटलांटिक उड़ान भरी।
अमेरिकी वायु सेना ने कहा कि 'रेड फ्लैग-अलास्का को एक नकली युद्ध वातावरण में यथार्थवादी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे संयुक्त बलों को रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाया जा सके और युद्धाभ्यास में शामिल बलों के साथ अंतर-संचालन में सुधार हो सके।' इस युद्धाभ्यास के दौरान 77 हजार वर्ग मील से अधिक हवाई क्षेत्र का उपयोग किया जाएगा। यह सबसे बड़ी लड़ाकू प्रशिक्षण रेंज है।
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भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा एक पोस्ट में लिखा, 'भारतीय वायुसेना की एक टुकड़ी आज बहुराष्ट्रीय अभ्यास रेड फ्लैग 24 के आगामी संस्करण में भाग लेने के लिए अमेरिका के अलास्का स्थित ईल्सन एयरफोर्स बेस पर पहुंची।' वायुसेना ने लिखा कि अपने एयर टू एयर रिफ्यूलर आईएल-78 विमानों और सी-17 विमानों की मदद से राफेल लड़ाकू विमानों ने ग्रीस और पुर्तगाल में पड़ाव लेते हुए ट्रांसअटलांटिक उड़ान भरी।
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अमेरिकी वायु सेना ने कहा कि 'रेड फ्लैग-अलास्का को एक नकली युद्ध वातावरण में यथार्थवादी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे संयुक्त बलों को रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाया जा सके और युद्धाभ्यास में शामिल बलों के साथ अंतर-संचालन में सुधार हो सके।' इस युद्धाभ्यास के दौरान 77 हजार वर्ग मील से अधिक हवाई क्षेत्र का उपयोग किया जाएगा। यह सबसे बड़ी लड़ाकू प्रशिक्षण रेंज है।
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