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भारतीय वायु सेना: यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच लड़ाकू विमानों को अपग्रेड करने की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में गई
Sun, 08 May 2022 05:28 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 08 May 2022 05:28 PM IST
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Su-30MKI fighter jet
- फोटो : PTI (File)
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच भारतीय वायु सेना की अपनी सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों के बेड़े को अपग्रेड करने की योजना को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। समाचार एजेंसी एएनआई ने रविवार को अपनी एक रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि 12 अत्याधुनिक सुखोई-30 एमकेआई विमानों के सौदे में भी कुछ देरी होगी।
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20,000 करोड़ रुपये के इस सौदे में देरी के कारणों को लेकर सूत्रों ने कहा कि अब विमानों में अधिक मेड इन इंडिया सामग्री जोड़नी होगी। आयात के स्थान पर भारतीय रक्षा उत्पादों की खरीद और उपयोग पर प्रोत्साहन को लेकर केंद्र सरकार की वर्तमान नीति के अनुसार अब विमानों में अधिक मेड इन इंडिया सामग्री जोड़नी होगी।
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सूत्रों ने कहा कि वायु सेना रूस और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ भागीदारी में अपने 85 विमानों को ताजा मानकों तक अपग्रेड करने की योजना बना रही थी। लेकिन, वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए इसे फिलहाल के लिए ठंडे बस्ते में दाल दिया गया है। इस योजना के तहत 35,000 करोड़ रुपये की लागत से विमानों को अधिक शक्तिशाली रडार और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक युद्धक क्षमताओं से लैस करना था।
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वायु सेना में सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों की संख्या 272 है। जब भी सेना में लड़ाकू विमानों की कमी का मुद्दा उठा, तो अलग-अलग बैच में इनकी खरीद की गई। इन विमानों की आपूर्ति रूसी निर्माता एचएएल को आधी या पूरी तरह से अलग किट के रूप में करते हैं। इसके बाद नासिक में स्थित एचएएल के केंद्र में इन्हें असेंबल किया जाता है।
लड़ाकू विमानों के स्पेयर की आपूर्ति में भी हो रही है देरी
रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से बनी संघर्ष की स्थिति की वजह से लड़ाकू विमानों के बेड़े के लिए स्पेयर की आपूर्ति में भी देरी हुई है। सूत्रों ने कहा कि स्पेयर की स्थिति फिलहाल संभाली जा सकने वाली है और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भारत पर्याप्त मात्रा में इनका भंडारण करेगा। हालांकि, माना जा रहा है कि इन स्पेयर की आपूर्ति आने वाले समय में हो सकती है।