फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   IAF looking to acquire 2-3 squadrons of fifth-generation fighter jets from foreign sources

IAF: पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को खरीदने पर विचार कर रही वायुसेना, AMCA के आने तक ताकत बढ़ाने की योजना

Thu, 24 Jul 2025 10:49 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 24 Jul 2025 10:49 PM IST
सार

Fifth-Generation Fighter Jets: भारत पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान खरीदने पर विचार कर रहा है। इसमें अमेरिका और रूस प्रमुख रूप से ये विमान बना रहे हैं। भारत के नए लड़ाकू विमान खरीदने की मुख्य वजह सीमा पर दो बड़े दुश्मन चीन और पाकिस्तान से मुकाबले में आगे रहना है।

विज्ञापन
IAF looking to acquire 2-3 squadrons of fifth-generation fighter jets from foreign sources
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

भारतीय वायुसेना (आईएएफ) अपनी युद्ध क्षमता को और मजबूत करने के लिए दो से तीन स्क्वाड्रन (लगभग 40 से 60) पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को विदेशों से खरीदने की योजना बना रही है। यह कदम तब तक के लिए है जब तक देश में ही विकसित हो रहा एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) प्रोजेक्ट पूरी तरह से तैयार नहीं हो जाता। एक स्क्वाड्रन में आमतौर पर 18 से 20 लड़ाकू विमान होते हैं। वायुसेना ने हाल ही में सरकार को एक विस्तृत प्रस्तुति दी है, जिसमें भविष्य की जरूरतों और सीमाओं पर दबदबा बनाए रखने के लिए तैयार की गई रणनीति को समझाया गया है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - CAPF: भारत-चीन सीमा पर तैनात आईटीबीपी में 15 हजार रिक्तियां, सभी अर्धसैनिक बलों को है 109868 जवानों की दरकार
विज्ञापन


उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर खास ध्यान
सरकार के एक उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्षता कर रहे रक्षा सचिव आर.के. सिंह की अगुवाई में यह सिफारिश की गई है कि वायुसेना को पांचवीं पीढ़ी के विमान दिए जाएं ताकि भारत की सीमाओं पर खासतौर से उत्तरी और पश्चिमी मोर्चों पर दुश्मनों को कड़ा संदेश दिया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


चीन-पाकिस्तान की तैयारी के मद्देनजर निर्णय जरूरी
रक्षा सूत्रों के अनुसार, चीन पहले ही छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान पर काम कर रहा है और आने वाले कुछ वर्षों में वह अपने पांचवीं पीढ़ी के विमानों को पाकिस्तान को भी दे सकता है। ऐसे में भारत के लिए यह कदम समय पर उठाया गया महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।

अमेरिका और रूस मुख्य विकल्प
भारत जिन दो देशों से पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान खरीदने पर विचार कर रहा है, वे हैं अमेरिका और रूस। अमेरिका ने भारत को अपने अत्याधुनिक एफ-35 फाइटर जेट की पेशकश की है। वहीं रूस ने Su-57 जेट का विकल्प रखा है, जिसे वह पहले ही अपने बेड़े में शामिल कर चुका है।


यह भी पढ़ें - CSS: पदोन्नति के लिए सीएसएस अधिकारियों ने लगाई पीएम से गुहार, नहीं मिल रहा लाभ; समझिए मामले से जुड़ा हर पहलू

एफजीएफए परियोजना में वापसी की संभावना
भारत पहले रूस के साथ मिलकर एक पांचवीं पीढ़ी का फाइटर एयरक्राफ्ट (एफजीएफए ) विकसित करने की योजना में शामिल था लेकिन कुछ साल पहले इस परियोजना से बाहर हो गया था। अब एक बार फिर उसमें शामिल होने का विकल्प खुला है।

मेक इन इंडिया के तहत 114 नए फाइटर जेट भी प्लान में
इसके साथ ही भारत सरकार एक अलग परियोजना के तहत 114 आधुनिक 4.5+ पीढ़ी के लड़ाकू विमान विदेशी साझेदारों के साथ मिलकर भारत में ही बनाने की योजना पर भी विचार कर रही है। यह सौदा संभवतः सरकार-से-सरकार के बीच तय किया जाएगा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed