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वायुसेना का बड़ा फैसला, एएन-32 को जोखिम भरे मिशन से रखा जाएगा दूर
Sat, 15 Jun 2019 10:08 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 15 Jun 2019 10:08 AM IST
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AN-32 विमान (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
भारतीय वायुसेना खराब मौसम में एएन 32 (एंटोनोव-32) विमान की भूमिका को कम करने की योजना बना रही है। यह फैसला तीन जून को अरुणाचल प्रदेश के लीपो गांव में दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान के बाद लिया गया है। इस विमान में 13 लोग सवार थे। पिछले 10 सालों मे सोवियत मूल का यह विमान भारत में तीसरी बार दुर्घटनाग्रस्त हुआ है।
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वायुसेना के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार एएन-32 जिसे सेना में सबसे कामकाजी विमान के तौर पर देखा जाता है। सुरक्षा के लिहाज से अब इसे पर्वतीय क्षेत्रों और समुद्र के ऊपर से उड़ान भरने वाले इलाकों में शामिल नहीं किया जाएगा। एक अधिकारी ने कहा, 'कोशिश की जाएगी की अधिकांश कार्यों को सी295 मध्यम परिवहन विमान को सौंपा जाए जिन्हें हम खरीद रहे हैं। उनकी सुरक्षा काफी ज्यादा है।'
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एक दूसरे अधिकारी ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने एयरबस द्वारा निर्मित 56 सी295 विमानों के लिए बातचीत खत्म कर ली है। इसका मकसद जहां परिवहन विमान एवरो 748 की जगह लेना है। वहीं यह उन कार्यों को भी करने में सक्षम है जिनका वर्तमान में एएन 32 निर्वहन करते हैं।
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अधिकारी ने कहा कि 2.5 बिलियन डॉलर (250 करोड़ रुपये) की यह परियोजना अंतिम मंजूरी के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) के पास आएगी। एयरबस डिफेंस एंड स्पेस एंड टाटा एडवांस सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) संयुक्त रूप से परियोजना का निष्पादन करेंगे। यह एयरोस्पेस क्षेत्र में मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत बनाया जाएगा।
एक बार इस परियोजना को मंजूरी मिल जाए तो एयरबस 16 विमानों को फ्लाईवे कंडीशन (उड़ान भरने के लिए तैयार) में भेजेगा। जबकि बचे हुए 40 विमानों को भारत में टीएएसएल असेंबल करेगा। तीसरे अधिकारी ने कहा, 'डीएसी की अनुमति के बाद सी295 की खरीददारी को केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। माना जा रहा है कि साल के आखिर तक इस परियोजना पर मुहर लग जाएगी। जहां सी295 एवरो की जगह लेगा वहीं यह एन-32 द्वारा किए जा रहे कुछ महत्वपूर्ण कर्तव्य का भी निर्वहन करेगा।'
पहले 16 सी295 विमान दो सालों के अंदर भारत आ जाएंगे। जबकि जिन 40 विमानों को असेंबल किया जाएगा उनमें आठ सालों का समय लगेगा। सेवानिवृत्त एयर चीफ मार्शल फली मेजर ने कहा, 'एएन 32 विमान एक बहुमुखी (वर्सेटाइल) विमान है और इसने हमें अच्छी सेवा दी है। लेकिन यह बहुत पुराना है और यहां तक कि इसके अपग्रेडिड वर्जन नई पीढ़ी के विमानों के सामने कहीं नहीं टिकते हैं। सी295 विमान एएन32 द्वारा की गई अधिकांश भूमिकाओं को पूरा कर सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि हम जल्द ही सी295 सौदे को पूरा कर लेंगे।'
सी295 छोटी जगहों से संचालित, कच्ची हवाई पट्टियों से उड़ान भरने और सभी तरह के मौसम में मिशन को अंजाम देने में सक्षम है। तीन जून को दुर्घटनाग्रस्त हुए एएन-32 विमान ने इसकी खामियों को सामने ला दिया है। पिछले 10 सालों में दुर्घटनाग्रस्त हुए एएन-32 विमान के कारण 55 लोगों की मौत हुई है।
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